Connect with us

Exclusive

महल छोड़कर मोहब्बत की महारानी बनीं जापान की माको

Published

on

इस देश में प्यार की ताकत देखिए फिल्म बाहुबली -2 ने अपनी प्रेम कहानी के दम पर सिर्फ 19 दिन में डेढ़ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली । फिल्म का नायक अपनी प्रेमिका के लिए अपनी राजगद्दी को ठोकर मार देता है । सिर्फ अपने वचन के लिए ,अपने प्यार को अपना बनाने के लिए वो अपनी प्रेमिका के लिए अपने शत्रु का नौकर बनना स्वीकार कर लेता है । 

भारतीय फिल्मों में प्रेम का तड़का उतना ही पुराना है जितना इसका इतिहास । बाहुबली -2 की प्रेम कहानी में कोई नवीनता नहीं थी ऐसा हम सैकड़ो फिल्मों में पहले भी देख चुके हैं लेकिन शायद प्रेम में सुख की निरंतरता कुछ ऐसी है कि किरदारों के बदल जाने के साथ ही वही पुरानी कहानी, वही पुराने गीत वही पुरानी परिस्थितियां नये शब्दों के साथ नये सुरों से संवर कर एक नयी ताजगी का अहसास करा देती हैं। 

इधर भारत के लोग सिल्वर स्क्रीन पर बाहुबली को अपने देवसेना के लिए राजगद्दी छोड़ते देख रहे हैं तो उधर जापान में  रियल लाइफ में वहां की जनता ऐसा होते हुए देख रहे हैं ।  25 साल की जापान की राजकुमारी माको अपने प्यार को पाने के लिए शाही रूतबे को छोड़ रही है  क्योंकि जापान के राजघराने के नियमानुसार अगर शाही परिवार का कोई सदस्य किसी आम आदमी से शादी करता है तो उसे राजघराना छोड़ना होता है। 

माको की मुलाकात पांच साल पहले अपने साथ पढ़ने वाले केई से होती है और फिर दोनों के बीच मोहब्बत के फूल कुछ यूं गुलजार होते है कि राजकुमारी माको एक साधारण इंसान केई के लिए अपना महल छोड़ने का फैसला ले लेती हैं । राजकुमारी माको अपने शाही रुतबे को छोड़ने में पल भर की भी देरी नहीं करती ,उन्हें कुछ और सोचना नहीं पड़ता ।  

आखिर इस प्यार में ऐसा क्या हैं कि महल,  मिट्टी सा लगने लगता है,  शाही रुतबा, मोहब्बत के अहसासों के सामने बौना हो जाता है । एक प्यार को पाने के लिए सारा सुख, सारा वैभव, सारी विलासिता छोड़ने की धुन कैसे सवार हो जाती है ?  प्रेमियों ने तो वक्त पड़ने पर खुद के वजूद को छोड़ दिया है । इतिहास ऐसी प्रेमकहानियों से भरा पड़ा है कि जरूरत पड़ने पर आशिकों ने प्राण तक छोड़ दिया और बदले में प्रेम को पकड़ लिया । 

जिन संतों ने प्रेम को समझा वो कहते हैं कि “ढाई आखर प्रेम का पढ़े से पंडित होय”,  किसी कवि ने समझा तो लिखा “मोहब्बत अहसासों की पावन सी कहानी है, कभी कबिरा दीवाना था  तो कभी मीरा दीवानी है”  इसे किसी शायर ने समझा तो लिखा ‘ ‘ये तो एक आग का दरिया है और डूब के जाना है’   किसी दार्शनिक ने प्रेम का समझा तो कहा कि ये तो दो जिस्मों के एक जान होने का रसायन शास्त्र है ।

वाकई प्रेम के ऐसे अनुभव को पाने के मामले में जापान की राजकुमारी माको को खुशनसीब ही माना जाएगा  क्योंकि वो सिर्फ राजसी रूतबा छोड़ रही है और बदले में वो केई के दिल की रानी बन जाएगी । भारत में ये सुख तो राधा रानी को भी नहीं मिला । कृष्ण और राधा एक होने को तरसते रह गये । लेकिन द्वारका की गद्दी को संभालने के चक्कर में कृष्ण से वृंदावन की राधा की छूट गईं । 

 सीता ने राम को पाने के लिए नंगे पैर चौदह साल का वनवास झेला , सीता और राम की जोड़ी आदर्श तो बन गई लेकिन राजमहल की मर्यादा निभाने के लिए जंगल में जाकर पुत्रों को जनम देना पड़ा । मोहब्बत में शाही रुतबा जान ले लेता है राजस्थान की हाड़ा रानी ने अपना सिर काट पर राजा को  तश्तरी में भेज दिया ताकि मोहब्बत उनकी ताकत बन जाये और वो राजधर्म का पालन कर सकें । काश! औरंगजेब की बेटी जैबुन्निसा अपने प्रेमी , जो उनके पिता के सिपहसलार थे ,उस अकलाक खान के लिए महल छोड़ने का साहस जुटा पाती लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकीं और बाकी की जिंदगी अपने प्रेमी की कब्र पर लोटते हुए गुजार दी। 

तो प्यार में राजमहल की बाधा सदियों पुरानी है  जिन्होंने राजमहल का मोह पाला वो ताउम्र अकेले महल की दीवारों में सिर पीटते अपने प्रेमी की याद में घुट- घुट कर जिये । और जिन लोगों ने महल छोड़ दिया वो प्रेम को प्रमाणित कर सके । वाकई जापानी की 25 साल की राजकुमारी माको इतिहास के इन किरदारों से  बहुत ज्यादा खुशनसीब है जिन्होंने केई के प्यार के सामने राजमहल की परंपराओं को छोड़ दिया, ठुकरा दिया  । अब वो प्रेम की उस दुनिया में प्रवेश करने वाली है जिसमें वो सिर्फ दुनिया को देने की स्थिति में है । 

माको असली महारानी तो अब बनेंगी क्योंकि दुनिया प्यार की भूखी है, प्यार को तरस रही है  और माको अब इस मोहब्बत के सल्तनत की मल्लिका । इस देश में प्यार की ताकत देखिए फिल्म बाहुबली -2 ने अपनी प्रेम कहानी के दम पर सिर्फ 19 दिन में डेढ़ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली । फिल्म का नायक अपनी प्रेमिका के लिए अपनी राजगद्दी को ठोकर मार देता है । सिर्फ अपने वचन के लिए ,अपने प्यार को अपना बनाने के लिए वो अपनी प्रेमिका के लिए अपने शत्रु का नौकर बनना स्वीकार कर लेता है । 

भारतीय फिल्मों में प्रेम का तड़का उतना ही पुराना है जितना इसका इतिहास । बाहुबली -2 की प्रेम कहानी में कोई नवीनता नहीं थी ऐसा हम सैकड़ो फिल्मों में पहले भी देख चुके हैं लेकिन शायद प्रेम में सुख की निरंतरता कुछ ऐसी है कि किरदारों के बदल जाने के साथ ही वही पुरानी कहानी, वही पुराने गीत वही पुरानी परिस्थितियां नये शब्दों के साथ नये सुरों से संवर कर एक नयी ताजगी का अहसास करा देती हैं। 
इधर भारत के लोग सिल्वर स्क्रीन पर बाहुबली को अपने देवसेना के लिए राजगद्दी छोड़ते देख रहे हैं तो उधर जापान में  रियल लाइफ में वहां की जनता ऐसा होते हुए देख रहे हैं ।  25 साल की जापान की राजकुमारी माको अपने प्यार को पाने के लिए शाही रूतबे को छोड़ रही है  क्योंकि जापान के राजघराने के नियमानुसार अगर शाही परिवार का कोई सदस्य किसी आम आदमी से शादी करता है तो उसे राजघराना छोड़ना होता है। 
 
माको की मुलाकात पांच साल पहले अपने साथ पढ़ने वाले केई से होती है और फिर दोनों के बीच मोहब्बत के फूल कुछ यूं गुलजार होते है कि राजकुमारी माको एक साधारण इंसान केई के लिए अपना महल छोड़ने का फैसला ले लेती हैं । राजकुमारी माको अपने शाही रुतबे को छोड़ने में पल भर की भी देरी नहीं करती ,उन्हें कुछ और सोचना नहीं पड़ता ।  
आखिर इस प्यार में ऐसा क्या हैं कि महल,  मिट्टी सा लगने लगता है,  शाही रुतबा, मोहब्बत के अहसासों के सामने बौना हो जाता है । एक प्यार को पाने के लिए सारा सुख, सारा वैभव, सारी विलासिता छोड़ने की धुन कैसे सवार हो जाती है ?  प्रेमियों ने तो वक्त पड़ने पर खुद के वजूद को छोड़ दिया है । इतिहास ऐसी प्रेमकहानियों से भरा पड़ा है कि जरूरत पड़ने पर आशिकों ने प्राण तक छोड़ दिया और बदले में प्रेम को पकड़ लिया । 
 
जिन संतों ने प्रेम को समझा वो कहते हैं कि “ढाई आखर प्रेम का पढ़े से पंडित होय”,  किसी कवि ने समझा तो लिखा “मोहब्बत अहसासों की पावन सी कहानी है, कभी कबिरा दीवाना था  तो कभी मीरा दीवानी है”  इसे किसी शायर ने समझा तो लिखा ‘ ‘ये तो एक आग का दरिया है और डूब के जाना है’   किसी दार्शनिक ने प्रेम का समझा तो कहा कि ये तो दो जिस्मों के एक जान होने का रसायन शास्त्र है ।
 
वाकई प्रेम के ऐसे अनुभव को पाने के मामले में जापान की राजकुमारी माको को खुशनसीब ही माना जाएगा  क्योंकि वो सिर्फ राजसी रूतबा छोड़ रही है और बदले में वो केई के दिल की रानी बन जाएगी । भारत में ये सुख तो राधा रानी को भी नहीं मिला । कृष्ण और राधा एक होने को तरसते रह गये । लेकिन द्वारका की गद्दी को संभालने के चक्कर में कृष्ण से वृंदावन की राधा की छूट गईं ।
 
सीता ने राम को पाने के लिए नंगे पैर चौदह साल का वनवास झेला , सीता और राम की जोड़ी आदर्श तो बन गई लेकिन राजमहल की मर्यादा निभाने के लिए जंगल में जाकर पुत्रों को जनम देना पड़ा । मोहब्बत में शाही रुतबा जान ले लेता है राजस्थान की हाड़ा रानी ने अपना सिर काट पर राजा को  तश्तरी में भेज दिया ताकि मोहब्बत उनकी ताकत बन जाये और वो राजधर्म का पालन कर सकें । काश! औरंगजेब की बेटी जैबुन्निसा अपने प्रेमी , जो उनके पिता के सिपहसलार थे ,उस अकलाक खान के लिए महल छोड़ने का साहस जुटा पाती लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकीं और बाकी की जिंदगी अपने प्रेमी की कब्र पर लोटते हुए गुजार दी। 
 
तो प्यार में राजमहल की बाधा सदियों पुरानी है  जिन्होंने राजमहल का मोह पाला वो ताउम्र अकेले महल की दीवारों में सिर पीटते अपने प्रेमी की याद में घुट- घुट कर जिये । और जिन लोगों ने महल छोड़ दिया वो प्रेम को प्रमाणित कर सके । वाकई जापानी की 25 साल की राजकुमारी माको इतिहास के इन किरदारों से  बहुत ज्यादा खुशनसीब है जिन्होंने केई के प्यार के सामने राजमहल की परंपराओं को छोड़ दिया, ठुकरा दिया  । अब वो प्रेम की उस दुनिया में प्रवेश करने वाली है जिसमें वो सिर्फ दुनिया को देने की स्थिति में है । 
 
माको असली महारानी तो अब बनेंगी क्योंकि दुनिया प्यार की भूखी है, प्यार को तरस रही है  और माको अब इस मोहब्बत के सल्तनत की मल्लिका । 

Crime

EXCLUSIVE VIDEO: चलती ट्रेन में स्कूली बच्चे कर रहे हैं जानलेवा स्टंट, देखिये का स्टंट एक दर्जन वीडियो

ये बच्चे डाकयार्ड रोड रेलवे स्टेशन पर रोज़ाना 12noon to 1.30pm के बीच स्टंट करते हैं और इसकी जानकारी रेलवे पुलिस को भी है. लेकिन कभी भी इन्हें रोकने या पकड़ने की कोशिश नहीं हुई.

Published

on

मुंबई में हर दूसरे दिन एक नया चलती ट्रेन में स्टंट का वीडियो वायरल होने लगता है. हर बार वीडियो वायरल होने के बाद कहा जाता है की कुछ असामाजिक तत्वा इस तरह की हरकत करते हैं और जान लेवा स्टंट करके उसे वायरल करते हैं. लेकिन पहली बार आप अपनी आँखों से देखेंगे की स्टंट करने वाले सिर्फ कुछ असामाजिक तत्व नहीं हैं. बल्कि मुंबई में इन दिनों स्कूल जाने वाले छोटे छोटे बच्चे भी अपनी ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. स्टंट करने वाले ये सभी बच्ची स्कूलों में पढ़ाई करते हैं जिनकी उम्र 9 से 12 साल ही है. और रोज़ इसी तरह ये बच्चे स्कूल जाते समय और लौटते वक़्त को खुलेआम चुनौती देते हैं.

पहली बार हमने इन बच्चो को ट्रेन में इस तरह स्टंट करते हुए कैमरे में क़ैद किया है. हमने एक नहीं दो नहीं बल्कि आधे दर्जन बच्चों को इस तरह से स्टंट करते हुए देखा है. सभी बच्चों के कंधे पर स्कूल का बस्ता और सिर पर मंडरा रही मौत के स्टंट का वीडियो आपको भी हैरान कर देगा. इस वीडियो को मुंबई के डॉकयार्ड स्टेशन पर शूट किया गया है. जिसमे ये बच्चे इस तरह से स्टंट करते हुए दिखाई दे रहे हैं. रोज़ यात्रा करने वाले लोगों ने बताया की ये कोई एक दिन की बात नहीं है बल्कि हर रोज़ इसी तरह ये बच्चे डाकयार्ड रोड रेलवे स्टेशन पर रोज़ाना 12noon to 1.30pm के बीच स्टंट करते हैं और इसकी जानकारी रेलवे पुलिस को भी है. लेकिन कभी भी इन्हें रोकने या पकड़ने की कोशिश नहीं हुई.

दो दिन पहले भी लोकल ट्रेन में एक लड़के के जानलेवा स्टंट का वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो हार्बर लाइन के सैंडहर्स्ट स्टेशन पर शूट किया गया था. मोबाइल से बनाए गए इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना हो रही है और ये लड़का अपनी जान को जोखिम में डालकर स्टंट कर रहा है. चलती ट्रेन के साथ इस लड़के ने एक हाथ और एक पैर बाहर प्लेटफॉर्म पर लटका रखा था. ट्रेन आगे बढ़ती रही और ये लड़का जानलेवा स्टंट करता रहा. जब प्लेटफॉर्म से ट्रेन निकली तब जाकर ये ट्रेन के अन्दर चढ़ा. हालांकि स्टंट के दौरान जरा सी चूक से इस लड़के की जान जा सकती थी. उस वक़्त एक दूसरा आदमी मोबाइल से वीडियो बनाता रहा हालांकि वो विडियो में कहीं भी दिखाई नहीं दिया. ये पूरी घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है. वीडियो के सामने आने के बाद GRP और RPF ने लड़के की तलाश तेज़ कर दी है.

Continue Reading

Bollywood/Fashion

EXCLUSIVE: साजिद के बाद #Housefull4 से नाना पाटेकर की विदाई, तनुश्री मामले को लेकर प्रोड्यूसर पर था दबाव

बताया जा रहा है इस बाबत नाना पाटेकर को जानकारी दे दी गयी है. नाना चाहते थे की उन्हें भी पानी बात रखने का मौका मिले लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ. फिल्म के पूरे स्टारकास्ट ने इसके लिए साजिद नाडियाडवाला पर ज़बरदस्त दबाव बनाया था.

Published

on

फिल्ममेकर साजिद नाडियाडवाला की कॉमेडी सीक्वल फिल्म हाउसफुल 4 अचानक से मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है. जिस सुबह फ्रेंचाइजी के डायरेक्टर साजिद खान, जिनके खिलाफ #MeToo मूवमेंट के तहत यौन उत्पीड़न का आरोप था उनके बाद एक और बड़े नाम की विदाई तय हो है.

सूत्र बताते हैं की फिल्म से नाना पाटेकर को भी बाहर कर दिया गया है. जिसकी बड़ी वजह तनुश्री दत्ता मामला है. फिल्म के एक बड़े लीड ने प्रोड्यूसर पर इसके लिए डब्बाव बनाया था. उन्होंने साफ़ कर दिया था की अगर फिल्म से ये लोग बाहर नहीं जाते हैं तो वो बाहर जाने को तैयार हैं. हालंकि प्रोड्यूसर थोड़ा समय चाहते थे, लेकिन इस बड़े स्टार ने साफ़ मना कर दिया था.

बताया जा रहा है इस बाबत नाना पाटेकर को जानकारी दे दी गयी है. नाना चाहते थे की उन्हें भी पानी बात रखने का मौका मिले लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ. फिल्म के पूरे स्टारकास्ट ने इसके लिए साजिद नाडियाडवाला पर ज़बरदस्त दबाव बनाया था.

सूत्रों की मानें तो इससे हाउसफुल के प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला को बेहद नुकसान पहुंचता नजर आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक हाउसफुल 4 फिल्म की शूटिंग अपने 3 शेड्यूल में लगभग 60 प्रतिशत खत्म हो चुकी है. वहीं फिल्म के चौथे शेड्यूल की शूटिंग मुंबई में आज से लोखंडवाला में शुरू हो चुकी है. जिसकी लगभग कीमत 14 करोड़ है.

वहीँ तनुश्री दत्ता भी नाना पाटेकर को हर तरफ से घेर रहीं हैं. उन्होंने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद सिंटा को भी एक लेटर लिखा है. तनुश्री ने सिंटा से पुछा है की आखिर वो नाना पाटेकर के खिलाफ क्या कार्यवाही कर रहे हैं. अब जब पुलिस में FIR हो गया है तो सिंटा ने एक्टर के खिलाफ कोई भी कार्यवाही शुरू क्यों नहीं की, साथ ही एक्ट्रेस ने ये भी पुछा है की उनकी उनकी पुरानी शिकायत पर एक्शन का क्या हुआ जो उन्होंने मार्च 2008 में नाना पाटेकर के खिलाफ सिंटा में शिकायत की थी.

Continue Reading

Bollywood/Fashion

Exclusive: पढ़िए तनुश्री दत्ता का नाना पाटेकर के खिलाफ दिया गया पूरा बयान

शाम ठीक सात बजे बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता अपने वकील के साथ ओशिवारा थाने पहुंच गयीं थी. जिसके बाद मुंबई पुलिस के दो बड़े अफसरों ने करीब पांच घंटे तक तनुश्री दत्ता का बयान दर्ज किया है. जिसके बाद उन्हें रात 12 बजे के करीब जाने की अनुमति मिली. इस दरम्यान एक्ट्रेस के वकील नितिन सातपुते भी उनके साथ रहे. जल्द ही इस मामले में पुलिस कुछ गवाहों का बयान भी दर्ज करेगी और कल इस मामले में आरोपी बनाए गए सभी आरोपियों को नोटिस भी भेजेगी.

Published

on

नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाने और उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद बुधवार को ऐक्ट्रेस तनुश्री दत्ता मुंबई के ओशिवरा पुलिस स्टेशन में अपना बयान दर्ज करवाने पहुंचीं.

तनुश्री ने शिकायत में नाना के साथ ही कोरियॉग्राफर गणेश आचार्य का नाम भी दर्ज करवाया है.

शाम ठीक सात बजे बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता अपने वकील के साथ ओशिवारा थाने पहुंच गयीं थी. जिसके बाद मुंबई पुलिस के दो बड़े अफसरों ने करीब पांच घंटे तक तनुश्री दत्ता का बयान दर्ज किया है. जिसके बाद उन्हें रात 12 बजे के करीब जाने की अनुमति मिली. इस दरम्यान एक्ट्रेस के वकील नितिन सातपुते भी उनके साथ रहे. जल्द ही इस मामले में पुलिस कुछ गवाहों का बयान भी दर्ज करेगी और कल इस मामले में आरोपी बनाए गए सभी आरोपियों को नोटिस भी भेजेगी.

पुलिस इस मामले में आरोपी बनाए गए सभी आरोपियों का पहले बयान दर्ज करेगी, जिसके बाद इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है.

क्या है पूरा मामला?
तनुश्री ने नाना पाटेकर पर शूटिंग के दौरान बदतमीजी और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. तनुश्री का आरोप है की साल 2008 में जब वो फिल्म ‘हॉर्न ओके’ प्लीज की शूटिंग कर रहीं थी तब नाना ने उनके साथ जोर जबरदस्ती की कोशिश की थी. लेकिन सेट पर मौजूद गाने के कोरियेाग्राफर गणेश आचार्य, डायरेक्‍टर राकेश सारंग और प्रोड्यूसर सामी सिद्दीकी किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की.

Continue Reading

Trending

%d bloggers like this:
Bitnami