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Sunday, November 2018
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Exclusive- आरोपी बेटे का माँ के क़त्ल का पूरा कुबूलनामा !
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Exclusive- आरोपी बेटे का माँ के क़त्ल का पूरा कुबूलनामा !

अपनी माँ की हत्या के आरोप मैं गिरफ्तार सिद्धांत ने अपने कुबूलनामे में कई ऐसी बातें बताएं हैं जो इस हत्या की वजह बनी है। पूछताछ करने वाले अधिकारी की मानें, तो ”

सिद्धांत ने बताया की उसकी माँ की शक की वजह से सिर्फ वही परेशान नहीं था बल्कि खुद उसके पिता भी तंग आ चुके थे।
उन्हें उसके डैड यानी इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर की कैरेक्टर पर शक था। वो दिन भर में  कम से कम 50 बार पापा को फोन करती थी। हर रात उनका इसी बात को लेकर झगड़ा होता था की उनका किसी के साथ अफेयर है।

सिद्धांत गनोरे के वो काफी इंटेलीजेंट था। माँ के कीच कीच की वजह से वो परेशान रहने लगा। उसे 10वीं में उसे 90% मार्क्स मिले थे। 10वीं तक वह पुणे के हॉस्टल में पढ़ा। जब वो पुणे में पढ़ाई कर रहा था तभी उसके पिता ने उसकी माँ की ज़िद्द की वजह से उन्हें पढने के लिए लंदन भेजा था। लंदन में दीपाली गनोरे यानी उसकी मां को एलएलएम करने गयीं थी। लंदन से लौटने के बाद उन्होंने कुछ वक्त तक कोर्ट में प्रैक्टिस की फिर काम छोड़ दिया।

पूरे दिन सिर्फ और सिर्फ मेरी और पापा की जांच पड़ताल करते थीं। पापा की तरह ही वो दिन भर में मुझे भी फ़ोन करती । न तो उसे फेसबुक इस्तेमाल की आज़ादी थी और न ही वाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करने देती थी। उसे गिनकर उतना ही पैसा देती थी जितना उसे कॉलेज आने जाने में लगता था। इन्हें सब कारणों से उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता था और वो इंजीनियरिंग के सेकंड सेमेस्टर फेल हो गया। इसके बाद उन्होंने मेरे एडमिशन ज़बरदस्ती बीएससी में करवा दिया था। पापा ने भी मन किया था लेकिन वो नहीं मानीं। मैं ऊब गया था मुझे इन सबसे बहार आना था और  इन्हीं बातों से तंग आकर उसने मां का कत्ल कर दिया”।

Mother murder

सिद्धांत ने बताया है की आखिर वारदात वाले दिन ऐसा क्या हुआ की वो इतना ज़्यादा आक्रामक हो गया और की हत्या चाकुओं से गोद कर दी।

“पापा दिन भर बहार रहते थे उनपर बहुत प्रेशर रहता था। वो मेरा साथ चाह कर भी नहीं दे पा रहे थे, वो जानते थे की अगर उन्होंने कुछ बोला तो घर में और ज़यादा हंगामा होगा। पापा मम्मी दोनों दिन भर घर से बहार रहते थे। उस शाम मां ने पापा को फ़ोन कर बताया की वो हिंदी मीडियम फिल्म देखने जा रही है और रात को वो फिल्म देखकर रात तक घर लौटेगी। पापा भी 9 बजे तक ही घर आने वाले थे। लेकिन मम्मी करीब 8 बजे घर आ गई और आते ही सीधा उसके कमरे में आयी और उससे बीएससी की मार्कशीट दिखाने की जिद पर अड़ गई।

कुछ देर में जब मम्मी अपने कमरे में चेंज करने गयी तो मैंने किचेन से छुरी ली और सीधा अपने कमरे में आ गया। कमरा बंद कर वो अपनी नसें काटने की कोशिश करने लगा। मैं नस नहीं काट पाया, मैंने पापा को फ़ोन भी लगाया की सब बताने को पर पापा ने फ़ोन नहीं उठाया। मैं फिर से अपनी नसें काटने की कोशिश करने लगा तब तक मम्मी फिर आ गयी और आकर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी। मैं घबरा गया और गुस्से में आ गया, तुरंत मैंने दरवाज़ा खोला और पीछे से मम्मी पर ही हमला कर दिया। मां पर मैंने 6 बार वार किया। वो वहीँ ज़मीन पर गिर गयी थी और मौके पर ही दम तोड़ दिया।

उसके बाद मैंने वहीँ बैठकर मरी हुई मां से हुई से बातें की और फिर नहाने चला गया। कमरे से पैसे निकाले और रात को करीब 8 बजे घर से निकल गया। उसने पहले लोकल ट्रेन पकड़ी और बोरीवली गया। वहां से सूरत जाने वाली ट्रेन में बैठ गया। रात तीन बजे मैं सूरत पहुंच गया। स्टेशन पर कुछ घंटे बिताने के बाद वह एक और ट्रेन पकड़कर जोधपुर आ गया। जोधपुर पहुंचकर ध्रुव होटल में कमरा लिया और सो गया। “मैं हर दिशा में भागना चाहता था इसलिए जो भी ट्रेन मिल रही थी, उस दिशा में चला जा रहा था।”

कैसे पकड़ा गया सिद्धांत ?

तफ्तीश टीम ने सबसे  पहले उसके घर से निकलने का सीसीटीवी फुटेज देखा। उसी टाइमिंग के हिसाब से सांताक्रूज़ स्टेशन पर सिद्धांत दिखाई दिया वो बोरीवली की ट्रेन पकड़ते दिखा और बोरीवली से सूरत की इसके बाद वो सूरत से जोधपुर की तरफ निकलती दिखाई दिया। इसके बाद फ़ौरन जोधपुर पुलिस को सूचित किया गया और सभी होटलों तलाशी शुरू हुई। इस बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने वाट्सएेप पर सिद्धांत का फोटो भी भेज दिया गया था। जोधपुर पुलिस फोटो लेकर होटलों का हर कमरा तलाशने लगी। और वो पकड़ा  गया।

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