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National

बाबा की `सुसाइड सेना` की चीफ है हनीप्रीत; 20,000 लोगों दी गई थी ये ट्रेनिंग

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राजस्थान के हनुमानगढ़ के सिपाही ओम बुडानिया को पंचकूला पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस सिपाही पर राम रहीम को भगाने की कोशिश करने का आरोप है। इधर 22 दिन बाद भी उसकी कथित बेटी हनीप्रीत का कुछ पता नहीं चला है। गुरमीत राम रहीम के बीच की केमेस्ट्री को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि हनीप्रीत सिरसा डेरे में सुसाइड सेना की चीफ थी। इसमें शामिल लड़के और लड़कियां उसके एक इशारे पर जान देने और लेने के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
– सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राम रहीम की इस कथित सुसाइड सेना में करीब 20 हजार लड़के-लड़कियां शामिल थे। इन्हें खासतौर से ट्रेनिंग दी गई थी। आमतौर पर ये टुकड़ी भलाई के काम करने के लिए बनाया गया था, लेकिन ये पहचान सिर्फ बाहरी दुनिया के लिए थी। क्योंकि असल काम कुछ और था। राम रहीम के इशारे पर इस ब्रिगेड में भर्ती लोग किसी भी हद तक जा सकते थे।
– राम रहीम और हनीप्रीत के एक इशारे पर महिलाएं तक अपनी जान देने के लिए तैयार रहने कहा गया था। इस बात की पुष्टि उस रिपोर्ट में भी हुई थी जिसे राम रहीम की गिरफ्तारी से पहले खुफिया विभाग ने तैयार किया था। इसी के चलते हरियाणा और केंद्र सरकार ने हर कदम फूंक-फूंककर रखा। इस टुकड़ी की महिलाओं से आत्मदाह तक करने की तैयार रहने की हिदायत दी गई थी।
-बाबा के इशारे पर इसके भक्त कुछ भी करने को तैयार रहते थे। इस हद तक कि बाबा के इशारे पर अपनी जान तक दे सकते थे और अगर बाबा आदेश कर दे तो किसी की जान ले भी सकते थे। ऐसे सौ या फिर दो सौ नहीं बल्कि 20 हजार से ज्यादा भक्त थे।
दो दिन की रिमांड पर सिपाही
राजस्थान के हनुमानगढ़ के सिपाही ओम बुडानिया को पंचकूला पुलिस ने हिरासत में लिया है। पंचकूला जिला अदालत में आरोपी ओम बुडानिया को शनिवार को पेश किया। जहां अदालत ने बुडानिया को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस को बुडानिया से कई खुलासे कराने की उम्मीद है।
– ओम बुडानिया पिछले 12 सालों से बाबा की सुरक्षा में तैनात था। पुलिस को अंदेशा है कि बाबा को भगाने की साजिश में बुडानिया भी शामिल था। पुलिस बुडानिया से देशद्रोह सहित आर्म्स एक्ट के मामलों में पूछताछ कर सकती है।
देखें तसवीरें 

Bollywood/Fashion

Kareena Kapoor Khan भोपाल से चुनाव लड़ने की खबर पर करीना कपूर खान का आया जवाब मेरा फोकस बस फिल्में हैं

करीना कपूर खान आगामी लोकसभा चुनाव में भोपाल से कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार होने जा रहीं हैं. ये भी कहा गया था कि खुद प्रियंका गाँधी ने करीना को प्रस्ताव भेजा है

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जहां इस दौर के बॉलीवुड या तो ये कहे कि हिंदी सिनेमा ने बड़ी खूबसूरत फिल्मों से लोगों को नवाज़ा है. वहीं यहां पर अफवाहों का दौर भी काफी गरम चल रहा है. पिछले कुछ समय से तो काफी अफवाह इस फ़िल्मी गलियारे में चल रहीं थीं. इनमे से सबसे बड़ी अफवाह एक खबर के तौर पर कल फैली. जिसमे भोपाल का ज़िक्र था, ना सिर्फ भोपाल का ज़िक्र था बल्कि सैफ अली खान की बेगम करीना कपूर खान का भी ज़िक्र था.

खबर कुछ यूं थीं कि करीना कपूर खान आगामी लोकसभा चुनाव में भोपाल से कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार होने जा रहीं हैं. ये भी कहा गया था कि खुद प्रियंका गाँधी ने करीना को प्रस्ताव भेजा है भोपाल से चुनाव लड़ने के लिए. वो भी इसलिए क्यूंकि वो वहां की बहु हैं क्यूंकि सैफ अली खान भोपाल के ही हैं.

Kareena Kapoor

करीना को वहां से उतारने का मकसद भी बताया गया था कि भाजपा जो कि वहां 1989 से काबिज़ है. भोपाल की बहु आकर उसे वहां से उखाड़ फेकेगी. ये भी रिपोर्ट किया गया था कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद करीना कपूर खान को भोपाल से टिकट दे रहें हैं. आपको बता दें कि भोपाल में आज भी पटौदी परिवार की काफी जायदाद है. वहां ये परिवार लोकप्रिय भी काफी है.

भोपाल से खुद सैफ अली खान के पिताजी मंसूर अली खान पटौदी ने 1991 में चुनाव लड़ा था. तब वो बीजेपी के ही सुशील चन्द्र वर्मा से चुनाव हार गये थे. लेकिन इस दौर में सामने हैं करीना कपूर खान जिनका स्टार पॉवर अपने अलग ही शबाब में है. जो काफी हद तक युवाओं को अपनी ओर आकर्षित भी करती हैं.

इसी तरह की एक और अफवाह करीना कपूर के लिए ही उड़ी थी कि वो मुंबई नार्थ से भी चुनाव कांग्रेस के टिकट में ही लड़ सकती हैं. लेकिन इन सब ख़बरों के बीच में आपको बता दें कि करीना कपूर खान का परिवार प्रो भारतीय जनता पार्टी है. उसने इस तरह की ख़बरों को कभी नही स्वीकारा. साथ ही जब अभिनेत्री करीना को इस बारे में पता चला तो उन्होंने बस जोर से हस कर इसे टाल दिया. करीना कपूर के पास के सोर्स ने पीपिंगमून.कॉम से बताया कि इन सब ख़बरों में बिलकुल भी सच्चाई नही है. ये सब कोरी अफवाह बस हैं. इसके सिवा कुछ भी नही.

आपको बता दें कि इस समय अभिनेत्री करण जौहर की फिल्म ‘गुड न्यूज़’ की शूटिंग में व्यस्त हैं. उनके साथ इस फिल्म में अभिनेता के तौर पर अक्षय कुमार नज़र आने वाले हैं.

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Crime

VIDEO:बिल्डर को हमलावरों ने सरेआम गोलियों से छलनी किया, देखिये का हत्या के लाइव सीसीटीवी फुटेज

संदीप अग्रवाल पर एक के बाद एक छह सात फायर किए, जिसमें से चार गोली उसे लगी। एक गोली अग्रवाल के गर्दन, दूसरी पेट और दो गोली पैर में लगी। फायर करने के जाने के बाद एक हमलावर फिर दौड़कर वापस आया और पुनः संदीप पर फायर करके भाग गया।

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Builder Sandeep Agrawal Murder

इंदौर। विजयनगर थाने से कुछ ही दूरी पर बुधवार देर शाम अज्ञात हमलावरों ने शहर के नामी बिल्डर संदीप अग्रवाल उर्फ संदीप तेल को गोली मारी दी। गम्भीर हालत में उसे बॉम्बे हॉस्पिटल ले गए जहां रात में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी अस्पताल और मौके पर पहुंचे।

मिली जानकारी के अनुसार विजय नगर थाने से चंद क़दम दूर पर सच्चिदानंद कॉम्पलेक्स है। यहीं पर संदीप का ऑफिस है। संदीप तेल बुधवार शाम साढ़े 6 बजे के करीब अकेले जब कही जाने के लिए ऑफिस से निकला और अपनी कार के पास जैसे ही पहुँचा तभी सड़क के दूसरी तरफ खड़ी एक सफ़ेद रंग की कार से आए चार अज्ञात बदमाश उड़की तरफ बढ़े।

Builder Sandeep Agrawal

Builder Sandeep Agrawal

इन्होंने संदीप अग्रवाल पर एक के बाद एक छह सात फायर किए, जिसमें से चार गोली उसे लगी। एक गोली अग्रवाल के गर्दन, दूसरी पेट और दो गोली पैर में लगी। फायर करने के जाने के बाद एक हमलावर फिर दौड़कर वापस आया और पुनः संदीप पर फायर करके भाग गया। हमलावरों की संख्या चार बताई गई है। यह नज़ारा देख मौके पर भगदड़ मच गई। काफी देर तक संदीप सड़क पर तड़फता रहा। बाद में उसका एक साथी बॉम्बे हॉस्पिटल ले गया, जहां बाद में मौत हो गई।।
मृतक का पूरा नाम संदीप पिता बालकृष्ण अग्रवाल निवासी पालीवाल नगर था।

मिले कई सीसीटीवी फुटेज

पुलिस को मौके से कई तरह के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनके आधार पर हमलावरों के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। संदीप जमीन व बिल्डर लाइन के अलावा डब्बा कारोबार और ब्याज पर पैसे देने आदि से जुड़ा था। कई मामले भी उस पर चले।

प्रोफेशनल हो सकते हैं हत्यारे

फिलहाल आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है और न ही घटना के कारणों का खुलासा हो पाया है। सीसीटीवी कैमरे में जिस तरह से और गोली चलाते हुए दिख रहा है उससे पुलिस को आशंका है कि इस वारदात को प्रोफेशनल बदमाश द्वारा अंजाम दिया गया है। इस आशंका को नहीं लगाया जाता की सुपारी देकर यह हमला कराया गया हो।

कुछ दिन पहले हुआ था विवाद

बताते है संदीप का कुछ दिन पहले किसी से विवाद भी हुआ था। मामला पलासिया पुलिस तक पहुंचा था। केबल टीवी से जुड़े कारोबार को लेकर भी विवाद की बात सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर पुलिस को व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते यह हत्या होने की आशंका है।

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National

नौसेना को अवैध कोयला खदान से मिला मजदूर का शव, सर्च ऑपरेशन जारी

ससे पहले नौसेना खनिकों को खोजने के लिए अंदर पानी में फंसे उपकरण को निकालने में लगी रही। अधिकारियों ने बताया कि नौसेना की पूरे दिन की मेहनत रंग लाई। सोमवार को अभियान खत्म करने से पहले सैन्यकर्मी पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले की 370 फुट गहरी कोयले की खदान से अपना उपकरण निकालने में कामयाब रहे।

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मेघालय (Meghalaya) की अवैध कोयला खदान (Meghalaya Mine) के भीतर मजदूरों को खोजने के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। नौसेना ने खदान के 200 फीट अंदर से पहला शव (Dead Body) निकाला है। बता दें कि इस अवैध कोयला खदान में 15 मजदूर फंस गए थे।

मेघालय के पूर्वी जयंतिया जिले में स्थित अवैध खदान में 13 दिसंबर से खनिकों को निकालने के लिए एनडीआरएफ, स्थानीय लोगों और नौसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। इस बारे में बात करते हुए जिले के अतिरिक्त उपायुक्त एसएस सियामीलीह ने बताया कि नौसेना को एक शव मिला है।

Meghalaya Coal Mine

Meghalaya Coal Mine

Meghalaya Coal Mine

Meghalaya Coal Mine

इससे पहले नौसेना खनिकों को खोजने के लिए अंदर पानी में फंसे उपकरण को निकालने में लगी रही। अधिकारियों ने बताया कि नौसेना की पूरे दिन की मेहनत रंग लाई। सोमवार को अभियान खत्म करने से पहले सैन्यकर्मी पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले की 370 फुट गहरी कोयले की खदान से अपना उपकरण निकालने में कामयाब रहे।

अभियान के प्रवक्ता आर सुसंगी ने पीटीआई-भाषा को जानकारी दी थी कि दिन में, सबमरसिबल रोबॉटिक निरीक्षण में माहिर चेन्नई की एक कंपनी की टीम ने अपने छोटे रोबोट वाहनों का उपयोग करके पास की खाली पड़ी खदान से पानी के अंदर अपना खोज अभियान शुरू किया।

प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इन छोटे प्रवेश द्वार वाली खदानों का नक्शा तैयार करने की जिम्मेदारी देने के साथ-साथ यह भी देखने को कहा गया है कि क्या फंसे हुए खनिकों का कोई सुराग है।

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