What's In The News
Friday, November 2018
Now Reading:
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने की स्वामी अग्निवेश की पिटाई, पुलिस कर रही जांच
Full Article 3 minutes read

भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने की स्वामी अग्निवेश की पिटाई, पुलिस कर रही जांच

swami agnivesh attacked

समाजसेवी स्वामी अग्निवेश के साथ भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने मारपीट किया है. वह मंगलवार को लिट्टीपाड़ा में 195वां दामिन महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इस दौरान भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने वापस जाओ के नारे लगाए. इस वजह से उन्हें महोत्सव में जाने से रोक दिया गया. जिसके बाद वह पाकुड़ के मुस्कान होटल वापस लौट आए.

swami agnivesh attacked

स्वामी पर कार्यकर्ताओं ने क्या आरोप लगाए

गौरतलब है कि स्वामी अग्निवेश पर यह आरोप लगाया गया कि वह ईसाई मिशनरी के इशारे पर आदिवासियों को भड़काने आए हैं. साथ ही कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए यह भी कहा कि अग्निवेश ईसाई मिशनरी व पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे हैं. इस घटना के बाद पाकुड़ एसपी शैलेंद्र वर्णवाल ने कहा कि जिन लोगों ने स्वामी अग्निवेश के साथ मारपीट की है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. स्वामी अग्निवेश के पाकुड़ दौरे के कार्यक्रमों की पूरी जानकारी पुलिस के पास नहीं थी.

समाजिक व मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं स्वामी अग्निवेश

उल्लेखनीय है कि स्वामी अग्निवेश समाजिक व मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं. और अक्सर वह इस तरह के आंदोलन चलाते रहते हैं. वह हरियाणा के मंभी भी रहे हैं. लेकिन मजदूरों ने उस दौरान उनपर लाठीचार्ज कर दिया थी. जिससे वह दुखी हो गए थे और मंत्री पद छोड़ दिया था. साथ ही राजनीति को भी पूरी तरह से छोड़ दिया था. स्वामी अग्निवेश की मई, 2011 में गुजरात के अहमदाबाद में पिटाई की गई थी. यह पिटाई इसलिए की गयी थी क्योंकि उन्होंने अमरनाथ के पवित्र शिवलिंग पर विवादित बयान दिया था. वहीं भोपाल में वर्ष 2012 के नवंबर महीने में इसी मामले को लेकर विहिप के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ धक्कामुक्की की थी.

कौन है स्वामी अग्निवेश

स्वामी अग्निवेश का छत्तीसगढ़ के सक्ति में हुआ था.  21 सितंबर, 1939 को उनका जन्म हुआ था. कोलकाता से उन्होंने लॉ और बिजनेश मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी. पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने आर्य समाज में संन्यास ग्रहण कर लिया था. जिसके बाद आर्य समाज का काम करते-करते 1968 में आर्य सभा के नाम से एक राजनीतिक पार्टी बनायी. वर्ष 1981 में उन्होंने दिल्ली में बंधुआ मुक्ति मोर्चा की स्थापना की. इसके बाद वह राजनीति में उतरे और हरियाणा के मंत्री बने. हांलाकि बाद में उन्होंने राजनीति पूरी तरह से छोड़ दिया.

Input your search keywords and press Enter.
%d bloggers like this:
Bitnami