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Friday, November 2018
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अब आतंकियों के खिलाफ प्रधान मंत्री की स्पेशल टीम ने शुरू किया सर्जिकल स्ट्राइक, मारा गया दुश्मन नंबर 1
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अब आतंकियों के खिलाफ प्रधान मंत्री की स्पेशल टीम ने शुरू किया सर्जिकल स्ट्राइक, मारा गया दुश्मन नंबर 1

नेपाली एजेंसियों की मानें तो भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी ने एक बार फिर उनकी ज़मीन पर घुसकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है. मुंबई धमाके के आरोपी खुर्शीद आलम की नेपाल में गुरुवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस वारदात को दो मोटरसाइकिलों पर आए चार अपराधियों ने अजनाम दिया है. खुर्शीद की सुनसारी जिले के हरिनगर इलाके में भुतहा बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए किस बाइक का इस्तेमाल किया गया था उस मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट भारतीय बताई जा रही है. इतना ही नहीं नेपाली अधिकारियों का दावा है की अपराधी गोली मारकर भारत भाग गए.

इस घटना में एक नेपाली पुलिस कांस्टेबल भी जख्मी है. कांस्टेबल ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर मोटरसाइकिल सवार अपराधियों को रोकने की कोशिश की, तो उसपर गोलियां चलाई गईं.

नेपाली अधिकारियों ने ये दावा किया है की ये पूरा ऑपरेशन भारतीय खुफ़िआ एजेंसी के असाल्ट टीम ने अंजाम दिया है. खुर्शीद को सीधे सर पर गोली मारी गयी है ताकि उसका बच पाना मुश्किल हो.

जानकारी के मुताबिक 51 वर्षीय खुर्शीद आलम अपने किसी साथी अमिन अंसारी के बाइक पर जा रहा था. तभी दो मोटरबाइक सवार चार लोगों ने बस उसका नाम पुछा और ताबड़तोड़ उस पर फायरिंग शुरू कर दी. जिस तरह से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया उससे एक बात साफ़ है की सभी ट्रेंड शूटर्स और आपस में कोड भाषा में बात कर रहे थे. खुर्शीद रियान नैशनल स्कूल में प्रिंसिपल था.

गोलीबारी की आवाज़ सुनकर जैसे ही वहां तैनात एक कसंतबले शिवलाल पौदेल ने हमलावरों को रोकना चाहा तो हमलावरों ने उस पर भी दो गोलियां दाग दी. गोलियां कॉन्स्टेबल के कमर और पैर में लगी हैं.

खुर्शीद आलम 93 बेम धमाके का आरोपी है और वो पिछले कई सालों से छुपकर नेपाल में रह रहा था. वो एक स्कूल में बतौर प्रिंसिपल काम कर रहा था. खुर्शीद आलम का नाम सबसे पहले साल 2008 में बाटला एनकाउंटर के फारर आतंकियों में से एक शहजाद पप्पू की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने आया था. ये वही पापु है जिसने स्पेशल इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा पर गोली चलाई थी.

सूत्रों की मानें तो खुर्शीद आलम को आईएसआई ने पनाह दे रखा था और वो उनके इशारे पर ही काम करता था. इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी जब बाटला एनकाउंटर के बाद फरार हुए तो नेपाल में खुर्शीद ने सभी का पासपोर्ट बनवाया. साथ ही रहने की व्यवस्था की और इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को लोजस्टिक सपोर्ट भी देता था. नेपाल में खुर्शीद आईएसआई का का अहम मोहरा था.

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