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राखी सावंत का कोर्ट रूम ड्रामा, तनुश्री दत्ता मानहानि के बदले चाहती हैं 25 पैसे

क बयान जारी कर एक्ट्रेस ने कहा था कि, मेरे पैरेंट्स ने हमेशा मुझे अपने दोस्त चुनने में सावधान रहने की सलाह दी. इसलिए मैं ऐसे लोगों से हर कीमत पर दूर रहने की कोशिश करती हूं जिन्हें मैं अपने लिए सही नहीं समझती.

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तनुश्री दत्ता से मुकाबले में कहीं भी खुद को कमज़ोर साबित होने देना नहीं चाहतीं हैं आइटम गर्ल राखी सावंत. पहले तनुश्री लेस्बियन होने के साथ साथ उनके रेप का आरोप लगाया और अब वो उनके खिलाफ अदालत पहुचंह गयी हैं. राखी ने मुंबई के दिंडोशी कोर्ट में तनुश्री के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है. उनका आरोप है की तनुश्री ने उनके खिलाफ अपशब्द बोले हैं जिससे उनकी छवि धूमिल हुई है. तनुश्री को सिर्फ सबक सिखाने के लिए उन्होंने उनपर मानहानि किया हाउ और वो बदले चाहती हैं की उन्हें 25 पैसे मिले.

दरअसल इसकी शुरुआत खुद राखी ने की थी सबसे पहले, राखी ने नाना पाटेकर के बचाव में तनुश्री पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने उन्हें ड्रगिस्ट से लेकर लेस्बियन तक कहा था. राखी ने ये भी आरोप लगाया था की तनुश्री जो कुछ भी कर रहीं हैं पैसों के लिए कर रहीं हैं.

हद तो तब हो गई जब राखी सावंत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था , ‘तनुश्री दत्ता अंदर से एक लड़का है और वह एक लेस्बियन है’ इतना ही राखी ने ये तक आरोप लगाया था कि, ‘मैंने पुलिस से इसकी शिकायत की है। 12 साल पहले तनुश्री दत्ता ने मेरा रेप किया था. मैं कभी यह कहना नहीं चाहती थी लेकिन मैं आज इसके बारे में खुलासा कर रही हूं. इसमें एक मेल है और एक फीमेल है’

जिसका जवाब तनुश्री ने भी दिया था. एक बयान जारी कर एक्ट्रेस ने कहा था कि, मेरे पैरेंट्स ने हमेशा मुझे अपने दोस्त चुनने में सावधान रहने की सलाह दी. इसलिए मैं ऐसे लोगों से हर कीमत पर दूर रहने की कोशिश करती हूं जिन्हें मैं अपने लिए सही नहीं समझती. यह काफी घिनौना है जब राखी जैसे अनपढ़, गंदे, डाउन मार्केट, लापरवाह और कैरेक्टरलेस लोग मेरे दोस्त होने का दावा करते हैं.

मैंने राखी से केवल एक बार इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बात की थी. यह सालों पहले की बात है. मैंने राखी को इग्नोर करने की बहुत कोशिश की लेकिन वह मुझसे बात करने में कामयाब हो गई. उन दिनों वह इसाई धर्म का प्रचार कर रही थी और मुझे भी धर्म परिवर्तन की सलाह दे रही थी. राखी ने मुझे कहा कि अगर मैं जीजस में विश्वास नहीं रखूंगी तो मैं नर्क में जाउंगी.

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आलोक वर्मा के बाद राकेश अस्थाना की भी CBI से छुट्टी, 3 और अफसर हटाए गए

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rakesh asthana

सरकार ने सीबीआई में सफाई अभियान जारी रखते हुए गुरुवार को सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को उनके पद से हटाकर सिविल एविएशन सिक्योरिटी ब्यूरो भेज दिया. उनके साथ ही ज्वॉइंट डायरेक्टर ए. के. शर्मा, डीआईजी एम. के. सिन्हा और जयंत नायकनवारे का कार्यकाल भी घटा दिया गया. इससे पहले सरकार ने आलोक वर्मा को सीबीआई के डायरेक्टर पद से हटा दिया था और फायर सेफ्टी विभाग में भेज दिया था. वर्मा ने बाद में अपनी सेवा से इस्तीफा दे दिया.

सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई डायरेक्टर के रूप में बहाल आलोक वर्मा को चयन समिति की बैठक के बाद निदेशक पद से हटाया गया था. उनको हटाने का फैसला तीन सदस्यों वाली उच्चस्तरीय चयन समिति ने 2-1 के बहुमत से लिया. सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली कि सेलेक्ट कमेटी के फैसले से पहले चीफ जस्टिस की ओर से मनोनीत किए गए सदस्य जस्टिस ए.के. सीकरी ने सरकार का पक्ष लेते हुए कहा कि वर्मा को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की जांच के नतीजों के आधार पर पद से हटा दिया जाना चाहिए.

माना जा रहा है कि अस्थाना के खिलाफ कार्रवाई उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर की गई है. सीबीआई ने अस्थाना, निलंबित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) देवेंद्र कुमार और 2 अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगा गया है कि उन्होंने दिसंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच पांच बार रिश्वत ली थी.

अस्थाना 1984 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक कारोबारी से 2 करोड़ रुपए रिश्वत ली. इस मामले की जांच एक विशेष जांच दल कर रहा था. 

अस्थाना से पहले आलोक वर्मा के खिलाफ कार्रवाई हुई. सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर रहे राकेश अस्थाना के साथ वर्मा का विवाद जगजाहिर होने के बाद उनको 23 अक्टूबर की बीच रात एजेंसी के प्रमुख पद से हटा दिया गया लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनको फिर से बहाल कर दिया. कोर्ट ने यह दलील दी कि सरकार सेलेक्ट कमेटी से राय किए बगैर सीबीआई प्रमुख की नियुक्ति में बदलाव नहीं कर सकती है.

क्या है पूरा मामला

सीबीआई ने मांस कारोबारी मोइन कुरैशी के खिलाफ एक मामले को रफा-दफा करने के लिए 2 करोड़ रुपए रिश्वत लेने के आरोप में अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज किया. इसके बाद अस्थाना ने कई मामलों में अपने अधिकारी आलोक वर्मा के खिलाफ रिश्वत के आरोप लगाए. मामला धीरे-धीरे सियासी बनता चला गया और विपक्षी दलों ने इसका ठीकरा सीधा प्रधानमंत्री मोदी पर फोड़ा. मामला कोर्ट तक पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने काफी अहम फैसला सुनाया जिसमें आलोक वर्मा अपने पद पर पुनः बहाल हुए लेकिन सेलेक्ट कमेटी ने उन्हें हटा दिया.

वर्मा के हटते ही सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को फिर से डायरेक्टर का कार्यभार मिल गया. राव 1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. अस्थाना और वर्मा ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, जिससे सीबीआई की साख पर सवाल उठे हैं. विवादों के बाद केंद्र सरकार ने 23 अक्टूबर को वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया था. इसके साथ ही राव को अंतरिम निदेशक बनाया गया था. अभी हाल में आलोक वर्मा को डायरेक्टर पद पर बहाल करने के 48 घंटे के भीतर ही उन्हें पद से हटाकर राव को पदभार दिया गया.

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कंगना की ‘ठाकरे’ को ‘ना’ Date पर रिलीज़ होगी ‘मणिकर्णिका’, एक्ट्रेस ने शिवसेना की अपील काे ठुकरा दिया है

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित ज़ी स्टूडियो एवं कृश द्वारा फिल्म मणिकर्णिका का निर्माण किया जा रहा है. इस फिल्म में अभिनेत्री कंगना राणावत ने रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका अदा की है.

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#EmraanHashmi Preponed the release of #CheatIndia has been preponed to avoid a clash with Thackeray, but #Manikarnika is said no

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने शिवसेना की अपील को सिरे से खारिज कर दिया है. कह दिया है कि, 25 जनवरी को रिलीज हो रही बाला साहब ठाकरे पर बनाई गई फिल्‍म ‘ठाकरे’ के कारण वो अपनी फिल्म नहीं टाल सकतीं. उसी तारीख पर एक्टर इमरान हाशमी भी रिलीज़ हो रही है. इमरान ने शिवसेना की बात मानते हुए अपनी फिल्‍म ‘चीट इंडिया’ की रिलीज तारीख आगे बढ़ा दी है. कंगना 25 जनवरी को ही अपनी फिल्‍म ‘मणिकर्णिका’ को रिलीज करेंगी.

शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे की ज़िन्दगी पर बनने वाली फिल्‍म ‘ठाकरे’ को 25 जनवरी को रिलीज कर रही है. इस फिल्म को ज़्यादा से ज़्यादा समर्थन मिले इसके लिए शिवसेना ने उन सभी प्रोड्यूसरों से अपील की थी की जिनकी भी फिल्म उसी दिन रिलीज़ हो रही है, वो उसकी तारीख थोड़ी आगे बढ़ा लें. इमरान ने शिवसेना का साथ दिया और हाँ कहा. लेकिन कंगना फिलहाल मानने को तैयार नहीं हैं. कंगना ने झांसी की रानी पर बनी फिल्‍म ‘मणिकर्णिका’ की रिलीज डेट 25 जनवरी से आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है.

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित ज़ी स्टूडियो एवं कृश द्वारा फिल्म मणिकर्णिका का निर्माण किया जा रहा है. इस फिल्म में अभिनेत्री कंगना राणावत ने रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका अदा की है.

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मुंबई एयरपोर्ट पर सीआईएसफ की हेकड़ी- व्हीलचेयर पर बैठी लड़की के साथ बदसलूखी और जबरन चेकिंग

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काश देश में आम लोगों की सुरक्षा करने वाले कुछ वर्दी वालों को थोड़ी अक्ल भी हो जाती ! अगर ऐसा होता तो शायद एक व्हीलचेयर पर बैठी लड़की के साथ बदसलूखी नहीं करते , उसे व्हील चेयर से उठकर तलाशी देने को नहीं कहते. ये सब हुआ 27 साल की मोटिवेटर विराली मोदी के साथ. मुंबई एयरपोर्ट पर न सिर्फ उनके साथ बदसलूखी की गई बल्कि उन्हें जबरन अपने व्हील चेयर से खड़े होने पर मजबूर किया गया. वो भी तब जब वहां मौजूद कई लोगों ने सुरक्षाकर्मियों को टोका की एक दिव्यांग को बेवजह परेशान किया जा रहा है. लेकिन उन्होंने किसी की एक नहीं सुनी.

विराली मोदी के साथ तब हुआ जब वो मुंबई से लंदन जा रहीं थी. इसका खुलासा उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया पेज पर किया है. विराली ने इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से जानकरी दी है. बताया कि, कैसे मुंबई एयरपोर्ट पर जबरन उन्हें व्हील चेयर से उतारा गया और चेकिंग की गई. विराली मोदी जो कि चल नहीं सकती, उनके बार-बार मना करने के बावजूद उनके पैरों को व्हील चेयर से उठाया गया, जिसकी वजह से उन्हें पैरों में दर्दनीय ऐठन हुई.

विराली मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि

“मैं जेट एयर वेज़ के जरिए मुम्बई से लंदन जा रही थी. चेकिंग के दौरान CISF की एक महिला मेरी व्हील चेयर स्कैन करने के बाद मुझे जबरन खड़े होने को बोलने लगीं. मैंने उनसे बार-बार कहा कि मैं उठ नहीं सकती. लेकिन वो महिला मुझे खड़े होने के लिए फोर्स करती रही. जब मैं नहीं मानी तो उसने मुझे मेरे पैरों से उठाया और एक और सुरक्षाकर्मी से मुझे पीठ की तरफ से उठाने के लिए कहा. इस पूरी घटना में मेरे पैरों में बहुत बुरा दर्द हुआ. ये दर्द इतना ज्यादा था कि मैं उस महिला के इस रवैये पर शिकायत दर्ज करना चाहती थी, लेकिन कोई भी सीआईएसएफ सीनियर वहां मौजूद नहीं था. क्या CISF को इसी तरह की ट्रेनिंग दी जाती है?

 

किसी भी डिसेअबल इंसान के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता. सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर केमिकल स्ट्राइप्स से व्हील चेयर और जूतों की चेकिंग की जाती है. इससे डिसेअबल पैसेंजर को ऐसे जबरन उठाने की जरुरत नहीं होती. लेकिन मुम्बई एयरपोर्ट पर ऐसा व्यवहार क्यों?

विराली कि इस शिकायत पर सीआईएसएफ की तरफ से बिना जांच के सिर्फ खाना पूर्ति ही की गई. और जवाब दिया गया कीCISF का इस पूरे घटनाक्रम पर कहना है कि हमारे लिए सिक्योरिटी महत्वपूर्ण है. हम स्पेशली एबल/जरुरतमंद पैसेंजर के साथ सम्मानित तरीके से ही व्यवहार करते हैं.

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