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17 साल की दंगल गर्ल ने 54 किलो की पहलवान को चित कर डाला, पुरषों ने लड़ने से मन किया

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फिल्म दंगल तो याद होगी आपको याद होगा जो सुपरस्टार अमीर खान ने फोगट सिस्टर्स पर बनाई थी। दिखाया गया था की कैसे उन बहनो ने तमाम विपरीत परिस्तिथियों के बावजूद कामयाबी हासिल की थी। वो सब रील लाइफ में चल रहा था लेकिन रियल लाइफ में भी कोई है जो किसी दंगल गर्ल से कम नहीं है। 17 साल के इस दंगल गर्ल के इस कामयाबी का गवाह बना महाराष्ट्र का औरंगाबाद शहर। हज़ारो की संख्या में लोगों ने लड़कियों के एक रियल लाइफ दंगल को लाइव देखा। और इस दंगल में वो सब हुआ जिसकी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की थी। 17 साल की एक लड़की ने 34 साल की महिला पहलवान को धुल चटा दिया था। अब इस रियल लाइफ दंगल गर्ल की चर्चा पूरे देश भर में हो रहा है।

जब अमरीन ने अपने से कई गुना ज़्यादा अनुभव वाली पहलवान का चैलेंज स्वीकारा था तो लोग हैरान थे। उन्हें ये समझ नहीं आ रहा था की देखने में दुबली पतली से वज़न सिर्फ 45 किलो वाली लड़की उस पहलवान का मुकाबला कैसे करेगी। लेकिन जब वो अखाड़े में उत्तरी तो सबकी आँखें फटी रह गयी। अमरीन ने चाँद मिंटो में ही अपने से सीनियर पहलवान को पटखनी दे डाली।

औरंगाबाद के फूलांबरी तहसील  में हरसूल की रहने वाली 17 वर्षीय आमरीन सैयदा को बचपन से पहलवानी और कुश्ती का शौक़ था। दिल्ली से विशेषतर आयी 34 वर्षीय महिला पहलवान शिवानी ने हरसूल की महिला पहलवानों के साथ-साथ पुरुष पहलवानों को भी चुनौती दी थी। लेकिन शिवानी से लड़ने के लिए महिला पुरुष कोई भी राज़ी नहीं हुआ। लेकिन आमरीन सैयदा ने उसकी चुनौती स्वीकार की।अमरीन के चुनौती स्वीकार करते हुए दंगल शुरू किया गया। लोग वहां से ये कहकर लौटने लगे थे की कोई मज़ा नहीं है. मगर इससे पहले की वो जा पाते अमरीन ने उनके कदम रोक दिए। वो एक के बाद एक शिवानी पहलवान को पटखनी दिए जा रही थी। फिर क्या था भीड़ वहीँ रूक गयी और इस छोटी से पहलवान ने वो कर दिखाया जिसकी उम्मीद किसी ने न की थी।
ये है रियल लाइफ की दंगल क्वीन, दोगुना उम्र की पहलवान को ऐसे किया ढेर
आमरीन ने बताया कि, वो उसे उम्मीद थी वो पहलवान को हरा सकती क्यूंकि उसे अपनी ट्रेनिंग पर भरोसा था। मैंने पहलवान को बांगड़ी दाव लगाया जिसका काट उसके पास नहीं था।  और इसी से मैंने दिल्ली की 72 किलो की दमदार शिवानी को मैट पर चित कर दिया। ये कोई पहला मामला नहीं है जब अमरीन ने इस तरह किसी को धुल चटाई हो इससे पहले भी उसने कई नामी पहलवानों को चित कर चुकी हैं।

 

Crime

VIDEO : 100 फ़ीट नीचे कुएं में उतरने पर मिल रहा है सिर्फ एक मटका पानी, पताल से पानी निकालने की जद्दोजहत

गर्मी ने ठीक से अपनी तपिश भी नहीं दिखाई है और महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में पानी सैंकड़ों फ़ीट नीचे पाताल में नहीं मिल रहा है

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गर्मी ने ठीक से अपनी तपिश भी नहीं दिखाई है और महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में पानी सैंकड़ों फ़ीट नीचे पाताल में नहीं मिल रहा है। अप्रैल महीने में ही गर्मी के सितम बढ़ने के साथ ही नहर, नाले और कुएं तक साथ छोड़ने लगे हैं। इसका असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में नजर भी आने लगा है। महाराष्ट्र के नासिक जिले का बर्डेवाड़ी गांव दो भागों में बंटा है, इस गांव में करीब 500 आदिवासी परिवार के घर हैं। गर्मी और सूरज की तपीश से जमीन में दरार पड़ गई है। बस्ती के सामने 10 फीट गहरा एक कुआं है। लेकिन पानी का एक बून्द मैयस्सर नहीं, पानी के आस में लोगों ने उस कुएं को खोद खोद कर 100 फ़ीट गहरा कर दिया है।

हालत इतनी बुरी हो गई है परिवार का प्यास बुझाने के लिए महिलाएं और बच्चियां अपनी ज़िन्दगी दाव पर लगाकर हर रोज़ कुएं में उतरती हैं लेकिन मिलता है सिर्फ एक ग्लास से गंदा पानी । हर रोज़ एक मटका पानी भरने में करीब 2 से 3 घंटा लगता है। बस्ती के हर घर की यही कहानी है। यह क्रम पूरे दिन चलता रहता है।

गर्मी शुरू हो चुकी है। ऐसे में पानी की कहानी के कई किस्से आपको पढऩे को मिल जाएंगे। पर, आज हम एक ऐसे गांव की कहानी आपको बता रहे हैं, जहां प्यास बुझाने के लिए हर रोज कई जिंदगियां मौत से लड़ती हैं। 3286 लोगों की आबादी वाला ये गांव नाशिक के बर्डेवाड़ी गांव की कहानी है।

पाताल में पानी होता तो वहां से भी निकाल लाते
पूरे इलाके में पानी का भीषण संकट है। गाँव के आस पास के पांच किलोमीटर के दायरे में सिर्फ दो कुएं हैं जिनमें से दोनों सूख चुके हैं। पीने के पानी का दूसरा स्रोत गांव से 14 किलोमीटर दूर एक कुआं हैं, जहां से पानी निकालना मौत को दावत देने जैसा है। पर, जिंदा रहने के लिए यहां के ग्रामीण इतने कठोर हो चुके हैं कि यदि पाताल में भी पानी होता तो वे वहां से भी निकाल लाते हैं।

जानलेवा है ये कुआं
जो कुआं इस पूरी ग्राम पंचायत की प्यास बुझाता है, उसमें पानी जमीन से करीब 100 फीट नीचे है। पानी दूषित है, फिर भी गांव वाले कुएं में नीचे उतरकर पानी लाते हैं और पीते हैं। महिला और बच्चों को पानी भरने के लिए खुद कुएं में उतरना पड़ता है। इस कुएं पर घाट नहीं है, ऐसे में कुएं में झांकने पर भी इसमें गिरने का डर बना रहता है

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Bollywood/Fashion

पीएम नरेंद्र मोदी के लिए अक्षय कुमार बने पत्रकार, लिया इंटरव्यू

बॉलीवुड के खिलाडी यानी अक्षय कुमार उन स्टार्स में से हैं, जो देश से अपना जुड़ाव दिल से महसूस करते हैं.

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बॉलीवुड के खिलाडी यानी अक्षय कुमार उन स्टार्स में से हैं, जो देश से अपना जुड़ाव दिल से महसूस करते हैं. ऐसे में अक्षय एक एक्टर होने के अलावा अब एक पत्रकार की भूमिका में भी नजर आ रहे हैं. जी हां, दरअसल अक्षय ने और कोई नहीं बल्कि भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू लिया है, जो कि अपने आप में खास है.

नीचे देखें अक्षय कुमार और नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत का खास वीडियो:

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Crime

श्रीलंका में हमला : न्यूजीलैंड की मस्जिदों पर हुई गोलीबारी का बदला, सामने आया हमलावर का वीडियो

श्रीलंका सीरियल बम ब्लास्ट का सीसीटीवी ( CCTV) फुटेज सामने आया है। जिसमें फिदाइन हमलावर जिसका फुटेज साफ तो नज़र नहीं आ रहा है।

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श्रीलंका सीरियल बम ब्लास्ट का सीसीटीवी ( CCTV) फुटेज सामने आया है। जिसमें फिदाइन हमलावर जिसका फुटेज साफ तो नज़र नहीं आ रहा है। लेकिन उसके कंधे पर एक भारी बैग दिखाई दे रहा है। शक है की इसी फिदायीन ने चर्च में विस्फोटक प्लांट किया था। और उसके कंधे पर जो बैग उसी में विस्फोटक लाया गया था।

28 सेकंड का ये वीडियो कोलंबो के संत सेबेस्टियन चर्च का है। संदिग्ध हमलावर नीली शर्ट में चर्च में दाखिल होते हुए दिखाई दे रहा है। जिसके महज़ कुछ ही मिनट के बाद ज़ोरदार धमाका हुआ था।

देखिए VIDEO

वहीं श्रीलंका के एक वरिष्ठ मंत्री ने मंगलवार को कहा कि देश में गत रविवार को ईस्टर के मौके पर गिरजाघरों और होटलों को निशाना बनाकर किए गए हमले न्यूजीलैंड में मस्जिदों पर की गई गोलीबारी का बदला थे। श्रीलंका के रक्षा मंत्री रुवन विजयवर्द्धने ने संसद को संबोधित करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि घातक धमाके क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुई गोलीबारी का बदला हैं, जिसमें 50 लोगों की जान चली गई थी। विजयवर्द्धने ने साथ ही बताया कि हमले में घायल 500 में से 375 का इलाज अब भी अस्पताल में जारी है।

श्रीलंका सरकार ने कहा है कि ईस्टर के मौके पर रविवार को देश में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की वजह से हुई विनाश की घटना कल्पना से परे थी और खुफिया जानकारी पहले मिल जाने के बावजूद देश में बड़ी संख्या में मौजूद गिरजाघरों को सुरक्षा प्रदान करना तकरीबन ‘असंभव था। इन हमलों में 10 भारतीयों समेत 310 लोगों की मौत हो गई है।

देश के रक्षा मंत्री हेमासिरी फर्नांडो ने मंगलवार को स्थानीय मीडिया से यह बात कही। माना जा रहा है कि सात आत्मघाती हमलावरों ने इन हमलों को अंजाम दिया। इनका संबंध स्थानीय कट्टर इस्लामिक संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से माना जा रहा है। हालांकि किसी समूह ने सीधे इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।

फर्नांडो ने कहा कि, ”इन हमलों की जानकारी पहले मिल जाने के बाद भी गत रविवार को इतनी अधिक संख्या में मौजूद चर्चों को सुरक्षा प्रदान करना असंभव था। उन्होंने संडे टाइम्स से कहा कि सरकार ने कल्पना नहीं की थी कि इतने बड़े पैमाने पर हमले को अंजाम दिया जायेगा।

फर्नांडो ने कहा कि देश की खुफिया एजेंसियों ने सरकार को पहले ही सूचित कर दिया था कि देश में एक छोटा लेकिन ताकतवर आपराधिक समूह सक्रिय है। इससे पहले इन हमलों में मारे गए लोगों की याद में देश में तीन मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज झुका दिये गए। यह रस्मी शोक सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुआ।

गौरतलब है कि श्रीलंका में रविवार को गिरजाघरों तथा पांच सितारा होटलों को निशाना बनाकर किये गए सिलसिलेवार धमाकों में 321 लोगों की जान चली गई है और अन्य 500 लोग घायल हुए हैं।

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