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मुंबई: #SaveAarey मुंबई के गोरेगांव में आरे कॉलोनी में लगे पेड़ों को काटने के आदेश पर रोक लगाने से बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने इन्‍कार कर दिया है। कुछ एक्टिविस्‍टों ने शनिवार को बॉम्‍बे हाईकोर्ट में एक नई अपील दायर कर पेड़ों के काटने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। वहीं विरोध कर रहे 29 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर बोरीवली कोर्ट ने न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया है। गोरेगांव की आरे ‘फॉरेस्ट’ में पेड़ की कटाई के मामले में शुक्रवार को जब पेड़ काटना शुरू किया गया, तब लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। 


एक एक्टिविस्ट को मरोल मरोसी रोड से आरे फॉरेस्ट में प्रवेश करने पर एक पेड़ को गले लगाते देखा गया जहां धारा 144 लगाई गई है। मुंबई के अगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आरे कॉलोनी में पेड़ों को काटने का मुद्दा और गरमा सकता है। आरे फॉरेस्ट को लेकर जमकर राजनीति हो रही है। मुंबई के आरे में ‘चिपको आंदोलन’ की यादों को फिर ताजा कर दिया। यहां एक सामाजिक कार्यकर्ता पेड़ से लिपट कर खड़ी हो गई। 


बता दें कि चिपको आंदोलन पर्यावरण की रक्षा के लिए किया गया था। इस आंदोलन की शुरुआत 1973 में उत्‍तराखंड के चमोली जिले से भारत के लोकप्रिय पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा, चंडीप्रसाद भट्ट और गौरा देवी के नेतृत्‍व में हुई थी। इस आंदोलन की खास बात यह थी कि इसमें पुरुषों से ज्‍यादा महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और जब हाथों में कुल्‍हाड़ी लेकर लोग पेड़ों को काटने आए, तो महिलाएं पेड़ों से चिपक कर खड़ी हो गईं। इसीलिए आंदोलन का नाम ‘चिपको आंदोलन’ पड़ गया।

#SaveAarey

पुलिस ने लगभग 60 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, और आरे कॉलोनी आने के सारे रास्ते भी बंद कर दिये हैं। आरे फॉरेस्ट इलाके में धारा 144 लागू होने के बाद मरोल मरोसी रोड से आरे में प्रवेश  प्रतिबंधित कर दिया गया है।

आरे फॉरेस्ट में मेट्रो-रेल परियोजना स्थल के आस-पास के क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गयी है। गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद पेड़ों की कटाई के विरोध में शुक्रवार रात आरे फॉरेस्ट में विरोध प्रदर्शन किया गया था।

कोर्ट के निर्णय के बाद आरे कॉलोनी मेट्रो शेड के निर्माण के लिए लगभग 2700 पेड़ों की कटाई का कार्य शुरु कर दिया गया। पेड़ों की कटाई से नाराज लोग इसका विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन किया, पुलिस ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया। बॉम्बे हाइकोर्ट ने शुक्रवार को पर्यावरण कार्यकताओं को झटका देते हुए, पेड़ काटने संबंधी बीएमसी की ट्री अथॉरिटी का निर्णय खारिज करने से भी कोर्ट ने मना कर दिया।

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