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अयोध्या मामले में शनिवार को उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस ने यहां सोशल मीडिया यूजर्स को एहतियात के तौर पर अपने वाट्सऐप ग्रुप की सेटिंग बदलने का सुझाव दिया। पुलिस ने कहा कि आपत्तिजनक पोस्ट का प्रसार रोकने के लिये इन समूहों की सेटिंग इस तरह की जा सकती है कि केवल एडमिन ही संबंधित ग्रुप में सन्देश भेज सकें। अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमरेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी परामर्श में कहा, “अयोध्या फैसले के मद्देनजर शांति व्यवस्था कायम रखने हेतु सभी वाट्सऐप ग्रुप के एडमिन को सूचित किया जाता है कि वे अगले कुछ दिनों तक अपने-अपने ग्रुप के सदस्यों को किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट ना करने की हिदायत दें।

अन्यथा ग्रुप में होने वाली किसी भी गलत पोस्ट के लिये वे (एडमिन) भी जिम्मेदार होंगे।” एएसपी ने कहा, “इस सिलसिले में यह भी बेहतर विकल्प होगा कि कुछ दिनों के लिये वाट्सऐप ग्रुप की सेटिंग इस तरह की जाये कि केवल एडमिन ही संबंधित समूह में सन्देश भेज सकें।” बहरहाल, सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि पुलिस की इस हिदायत से पहले ही शहर में कई वाट्सऐप ग्रुप के एडमिन सचेत हो गये थे। उन्होंने (एडमिन) अयोध्या मामले में शीर्ष अदालत के फैसले से कई घंटों पहले ही अपने ग्रुप की सेटिंग बदलकर इस तरह कर दी थी कि केवल वे ही अपने समूह में सन्देश भेज सकें।

अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर राजस्थान के कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को शनिवार को एहतियातन बंद कर दिया गया। जयपुर संभाग के आयुक्त के सी वर्मा ने बताया कि जयपुर, अलवर एवं सीकर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा को एहतियातन चौबीस घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मोबाइल इंटरनेट सेवा रविवार सुबह दस बजे तक बंद रहेगी।

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