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पहले यह पिस्तौल इंदौर के सीमा सुरक्षा बल के सेंट्रल स्कूल आफ वीपन्स एंड टैक्टिक्स (सीएसडब्ल्यूटी) में रखी गई थी. अब इसे पंजाब के बीएसएफ मुख्यालय के हवाले किया गया है.

अधिवक्ता हरिचंद अरोड़ा की जनहित याचिका के जवाब में बीएसएफ के डीआईजी अरूण कुमार ताम्बे ने कोर्ट को बताया कि पिस्तौल 25 अप्रैल 2017 को वापस पंजाब आ गई है. बीएसफ ने पिस्तौल के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति एसएस सारों और न्यायमूर्ति दर्शन सिंह की अदालत में एक हलफनामा भी दायर किया.

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