बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल ने पार्टी में की लड़की से छेड़छाछ़,पुलिस की मिलीभगत से मिटाए सबूत

बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल की पार्टी में हुए विवाद के मामले में पुलिस की जांच अब सीसीटीवी फुटेज पर अटकी है। अभी तक पुलिस कार्यक्रम स्थल की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त नहीं कर सकी है।

पुलिस के अनुसार होटल के मालिक ने फुटेज दिखाने में असमर्थता जताई है, लिहाजा उसकी हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया गया है। इसके साथ ही जुबिन नौटियाल पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाने वाले शशांक मलिक ने मामले में पुलिस पर हीलाहवाली का आरोप लगाया है।

मलिक इस संबंध में एडीजी से मिले और उनसे मामले की शिकायत की। उनका आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से सीसीटीवी फुटेज डीलीट कर दी गई हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों शिकायतों में ही एफआईआर दर्ज नहीं की है।

गौरतलब है कि मॉडल और क्लब व्यवसायी शशांक मलिक ने जुबिन नौटियाल पर आरोप लगाते हुए वसंत विहार पुलिस को शिकायत की थी। आरोप है कि वह जीएमएस रोड स्थित एक होटल में गया था, जहां जुबिन नौटियाल की बर्थडे पार्टी चल रही थी। इसी बीच वह किसी काम से बाहर गया तो जुबिन ने उनकी महिला मित्र से छेड़छाड़ शुरू कर दी।

इसका विरोध किया गया तो जुबिन ने उस पर हमला कर दिया। इसके जुबिन ने भी शशांक के खिलाफ तहरीर देकर बताया था कि शशांक ने उनकी कार रोककर शीशा तोड़ा और उन पर हमला किया। दोनों ही मामलों में वसंत विहार पुलिस जांच कर रही है।

इस बाबत एसओ वसंत विहार हेमंत खंडूरी ने बताया कि उन्होंने होटल मैनेजर, पार्टी में मौजूद कर्मचारियों और अतिथियों के बयान लिए हैं। सभी ने इस बात को बताया कि शशांक बिना निमंत्रण पार्टी में गये थे। हालांकि, पूरी सच्चाई जानने के लिए उन्होंने जब सीसीटीवी फुटेज मांगी तो होटल मैनेजर कुछ तकनीकी कारणों से फुटेज नहीं दिखा सका। ऐसे में वहां की हार्डडिस्क को कब्जे में लिया गया है। इससे फुटेज रिट्राइव करके देखी जाएगी।

इधर, शशांक मलिक का आरोप है कि पुलिस ने सारी फुटेज डिलीट करा दी हैं। उसने पुलिस पर जुबिन के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया है। इस बाबत उन्होंने एडीजी अशोक कुमार से भी शिकायत की है। शशांक के अनुसार उसे नहीं पता था कि इस होटल में जुबिन की पार्टी चल रही है। उन्होंने एडीजी को बताया कि वे खुद के खर्च पर होटल में गए थे। वह जुबिन को अच्छे से जानते भी नहीं हैं।

पूरे मामले में जुबिन नौटियाल की ओर से बताया गया है कि उन पर लगाए गए वे बिल्कुल निराधार हैं। शशांक बिना बुलाए पार्टी में पहुंचे थे और इस दौरान जब उनसे पूछा गया तो वे झगड़ने लगे। अगले दिन जब इस संबंध में दोनों पक्ष बातचीत करने आए तो शशांक वहां भी उनके बदसलूकी करने लगे। इसके बाद जब वे कार में बैठे तो उन्होंने कार रोककर शीशा तोड़ा और उन्हें मारने का प्रयास किया।

मामले में एक पक्ष शशांक मिलने आए थे। उन्होंने जो आरोप लगाए हैं उनकी जांच की जा रही है। एसएसपी देहरादून को प्रकरण की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

Source Amar ujala


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