हीरो है मुंबई पुलिस का ये ट्रैफिक हवलदार

अगर मुंबई पुलिस के ट्रैफिक हवलदार सचिन चौगुले ने हिम्मत और दिलेरी नहीं दिखाई होती तो शायद एक मस्सोम ज़िन्दगी भर के लिए अपनों से दूर हो जाती। लेकिन अब पुलिस को उम्मीद है की वो जल्द ही मानव तस्करी गिरोह के तह तक पहुँच सकती है। और ये सब हो पाया है ट्रैफिक हवलदार सचिन चौगले की वजह से। सचिन रोज़ की तरह अपनी ड्यूटी पर तैनात थे,उनकी ड्यूटी मुंबई के शिवजी नगर के सिग्नल पर थी। तभी हवलदार की नज़र सिग्नल के पास से गुज़र रहे एक ऑटोरिक्शा पर गई। वहां ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी सचिन चौगुले को रिक्शे में सवार एक शख्स की हरकत बेहद संदेहास्पद लगी।

सचिन के मुताबिक़, उस आदमी के पास एक बच्ची थी और वो जिस तरह से बच्ची को छुपाता जा रहा था उसे देख कर शक होना लाज़मी था । शक होने पर मैंने फ़ौरन उस ऑटोरिक्शा को रोका और चालक से बच्ची के बारे में पूछताछ की। रिक्शाचालक अरशद से सवालों का सही जवाब नहीं दे पा रहा था। मैंने जब उसे गाडी किनारे लगाने को कहने लगा वो आनाकानी करने लगा। शक और पक्का होने पर उसे जबरन रोक लिया और तब तक स्थानीय पुलिस को भी खबर लग गई।

जब आरोपी से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। आरोपी रिक्शाचालक अरशद ने पुलिस को बताया की, उसने  शिवाजी नगर के प्लॉट नंबर 26, रोड नंबर-1 से 3 साल की बच्ची को जबरन उठाया था और उसे ऑटोरिक्शा में बिठाकर ले जा रहा था। उसे नशे की लत है और वो इस बच्ची को उन लोगों को बेचने के फ़िराक में था जो छोटे बच्चों से भीख मंगवाने का गिरोह चलाते हैं। उसे इस बच्ची के बदले बीस से पच्चीस हज़ार आसानी से मिल जाते।

Accused Auto Driver

मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस को उम्मीद है कि, आरोपी अरशद से हुई पूछताछ के बाद बच्चों का अपहरण करने वाले एक बड़े गिरोह तक पहुंचा सकती है। पुलिस को शक है कि अपहरणकर्ता मानव तस्करी के किसी रैकिट से जुड़ा है। उसने पहले भी ऐसे ही बच्चों को बेच होगा।

शिवजी नगर पुलिस ठाणे के वरीय इंस्पेक्टर के मुताबिक़, पकड़े गए आरोपी अरशद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 ,363 और पॉक्सो ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी को 4 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।


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