1993 ब्लास्ट: मुंबई में 100 ग्रेनेड लाने वाले सलेम को उम्रकैद, 2 को फांसी

12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट केस में मुंबई की स्पेशल टाडा कोर्ट ने अबू सलेम और करीमउल्ला शेख को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन पर 2-2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। सलेम पर 100 ग्रेनेड मुंबई लाने का जुर्म साबित हुआ। इस केस में 16 जून को कोर्ट ने अबू सलेम, करीमउल्ला शेख, रियाज शेख, फिरोज अब्दुल राशिद खान, ताहिर मर्चेंट और मुस्तफा दौसा को दोषी करार दिया था। इनमें से मुस्तफा दौसा की 28 जून को हार्टअटैक से मौत हो गई थी। कोर्ट ने अब्दुल कय्यूम को बरी कर दिया था। Q&A में समझें इस केस और फैसले को…
Q. क्या है मामला?
A. 12 मार्च, 1993 को मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे। 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
Q. मुंबई ब्लास्ट में क्या यह पहला फैसला है?
A. नहीं। 2006 में इस केस में पहला फैसला आया था। उस वक्त टाडा कोर्ट ने 123 आरोपियों में 100 को सजा सुनाई थी, 23 लोगों को बरी कर दिया था। याकूब मेमन को इसी फैसले में सजा सुनाने के बाद 30 जुलाई 2015 को महाराष्ट्र की यरवडा जेल में फांसी दी गई थी।
Q. सलेम समेत 7 लोगों की अलग से क्यों हुई सुनवाई?
A. अबू सलेम, करीमउल्ला शेख, रियाज शेख, फिरोज अब्दुल राशिद खान, ताहिर मर्चेंट, अब्दुल कय्यूम और मुस्तफा दौसा को 2002 के बाद प्रत्यर्पण करके भारत लाया गया था। ऐसे में कोर्ट का मानना था कि इन पर सुनवाई साथ में की गई तो फैसले में देरी होगी। इसलिए इनकी सुनवाई अलग से हुई।
Q. कोर्ट ने आज क्या फैसला सुनाया?
1) अबू सलेम
सजा:उम्रक्रैद और 2 लाख का जुर्माना।
क्या जुर्म साबित हुआ:सलेम जनवरी 1993 में गुजरात के भरूच गया था। उसके साथ दाऊद गैंग का एक और गुर्गा था। उसे हथियार, एक्सप्लोसिव्स और गोला-बारूद लाने के लिए भेजा गया था। सलेम को वहां 9 एके-56, 100 हैंड ग्रेनेड और गोलियां दी गईं। सलेम एक मारुति वैन में यह सामान छुपाकर मुंबई लाया था। यह मारुति वैन रियाज सिद्दीकी ने मुहैया कराई थी। वैन संजय दत्त के घर पर गई थी। 16 जनवरी 1993 को सलेम दो और लोगों के साथ मिलकर संजय दत्त के घर 2 एके-56 राइफलें और 250 गोलियां छोड़कर आया था। दो दिन बाद उसने यह हथियार वहां से उठा लिए थे। सलेम को हमले के लिए गुजरात से हथियार मुंबई लाने-बांटने, साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने का दोषी पाया गया। कोर्ट ने कहा- हथियार अरेंज करना साजिश का सबसे अहम पहलू था। इन हथियारों का इस्तेमाल बेकसूर भारतीयों को मारने के लिए किया गया।
2) करीमउल्ला शेख
सजा:उम्रक्रैद और 2 लाख का जुर्माना
क्या जुर्म साबित हुआ: अपने दोस्त को पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग दिलवाने, हथियार और एक्सप्लोसिव लाने में मदद करने का दोषी करार।
3) रियाज सिद्दीकी
सजा:10 साल की कैद
क्या जुर्म साबित हुआ: एक्सप्लोसिव लाने के लिए अबु सलेम को अपनी कार देने का दोषी।
4) ताहिर मर्चेंट
सजा:फांसी
क्या जुर्म साबित हुआ:कुछ लोगों को पाकिस्तान भेजने का इंतजाम करने का दोषी करार।
5) फिरोज अब्दुल राशिद खान
सजा:फांसी की सजा
क्या जुर्म साबित हुआ:दुबई में हुई मीटिंग में शामिल होने, हथियार और एक्सप्लोसिव लाने में मदद करने दोषी करार दिया गया।
Q. कोर्ट ने इन्हें दोषी कब करार दिया था?
A. 16 जून 2017 को कोर्ट ने सलेम समेत 6 को दोषी करार दिया था। इनमें से मुस्तफा दौसा की 28 जून को हार्टअटैक से मौत हो गई थी। कय्यूम को बरी कर दिया गया था।
Q. सलेम को क्या जिंदगीभर जेल में रहना होगा?
A. पब्लिक प्रॉसिक्युटर दीपक साल्वी ने बताया कि कोर्ट ने सलेम को अभी लाइफ सेंटेंस की सजा सुनाई है। अगर सरकार प्रत्यर्पण संधि के तहत इस पर अंडरटेकिंग लेती है तो यह 25 साल की सजा होगी। इनमें से 12 साल वो जेल में गुजार चुका है। 13 साल और जेल में रहना होगा।
Q. सलेम को पुर्तगाल से कब लाया गया था?
A. 2005 में उसे एक्ट्रेस मोनिका बेदी के साथ पुर्तगाल से प्रत्यर्पण करके लाया गया था।
Q. सलेम की सजा 25 साल मानें तो अभी वह कितने साल जेल में रहेगा?
A, 2005 से सलेम जेल में है। यानी वह 12 साल की जेल काट चुका है। उसे 13 साल और जेल में रहना होगा।
Q. उम्रकैद का मतलब का मतलब क्या?
A. नवंबर 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उम्रकैद का मतलब जिंदगभर जेल में रहना होता है।
– कोर्ट ने कहा था कि लोगों को शायद गलतफहमी है कि उम्रकैद में 14 या 20 साल की सजा पूरी करने पर रिहाई हो जाती है। कोर्ट ने कहा कि कैदी का यह हक नहीं है।
– 2015 में भी सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि उम्रकैद का मतलब उम्रकैद होता है।
– कोर्ट ने कहा कि 14 साल के बाद राज्य सरकार के पास अधिकार है अगर वह चाहे तो रिहा कर सकती है, लेकिन कोर्ट के मुताबिक उम्र कैद का मतलब सारी उम्र जेल में रहना है।
Q. किसी विस्फोटक से किए गए थे धमाके?
A. 12 मार्च, 1993 को मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे। बम धमाके में 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
– इन धमाकों में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। पहले दौर में दिए गए फैसले में अदालत ने 100 लोगों को दोषी पाया था, जिन्हें फांसी और उम्रकैद की सजा हुई थी।
– इन धमाकों में 27 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ था। अभी इस मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन समेत 27 आरोपी फरार हैं।
Q. साजिश के लिए कितनी और कहां हुईं मीटिंग्स?
A. इस मामले में 27 आरोपी अभी भी फरार हैं। दोसा, टाइगर मेमन और छोटा शकील ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग कैम्प ऑर्गनाइज कराए थे। हथियारों की ट्रेनिंग के लिए अपने गुर्गों को दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा था। ब्लास्ट कराने से पहले दुबई और बाकी जगहों पर 15 मीटिंग्स की गईं।
Q. किसने की थी कस्टम अफसरों से डील?
A. फिरोज की यह दलील कोर्ट ने खारिज कर दी कि वो फिरोज नहीं बल्कि हमजा है। कोर्ट ने कहा कि फिरोज ही वो शख्स था जिसने हथियारों की खेप बिना किसी दिक्कत के भारत पहुंचे, इसके कस्टम अफसरों से डील की थी।
Q. संजय दत्त का क्या हुआ?
A. सलेम ने संजय दत्त को 3 एके-56 राइफल और हैंड ग्रैनेड दिए थे। संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया था। वो सजा पूरी कर चुके हैं।
मुंबई में कैसे सिलसिलेवार हुए थे धमाके
पहला धमाका- दोपहर 1.30 बजे, मुंबई स्टॉक एक्सचेंज
दूसरा धमाका- दोपहर 2.15 बजे, नरसी नाथ स्ट्रीट
तीसरा धमाका- दोपहर 2.30 बजे, शिव सेना भवन
चौथा धमाका- दोपहर 2.33 बजे, एयर इंडिया बिल्डिंग
पांचवां धमाका- दोपहर 2.45 बजे, सेन्चुरी बाजार
छठा धमाका- दोपहर 2.45 बजे, माहिम
सातवां धमाका- दोपहर 3.05 बजे, झवेरी बाजार
आठवां धमाका- दोपहर 3.10 बजे, सी रॉक होटल
नौवां धमाका- दोपहर 3.13 बजे, प्लाजा सिनेमा
दसवां धमाका- दोपहर 3.20 बजे, जुहू सेंटूर होटल
ग्यारवां धमाका- दोपहर 3.30 बजे, सहार एयरपोर्ट
बारहवां धमाका- दोपहर 3.40 बजे, एयरपोर्ट सेंटूर होटल
आरोपियों को कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 28 जून 2017 को मुस्तफा डोसा की हार्टअटैक से मौत हो गई थी। -फाइल
1993 में हुए सिलसिलेवार धमाकों में 257 लोगों की जान चली गई थी। -फाइल
Source:Dainik Bhaskar

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