पुलिस खाड़ियों में तलाश रही है इंस्पेक्टर अश्विनी बिद्रे की लाश

करीब दो साल पहले नवी मुंबई की लापता हुई असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी बिद्रे की तलाश पुलिस ने तेज़ कर दी है। पुलिस अब वर्सोवा की खाड़ियों में अश्विनी की लाश की तलाश कर रही है इस काम में पुलिस के इलावा नेवी की मदद ली जा रही। पुलिस ने ये सर्च ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद शुरू हुई है।

11 अप्रैल 2016 से गायब मुंबई की असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी बिदरे मामले में नवी मुम्बई की क्राइम ब्रांच ने पिछले हफ्ते आरोपी महेश फणनिकर को गिरफ्तार किया था। महेश ने पूछताछ में ये सनसनी खेज खुलासा किया है की अभय कुरुंदकर ने ही अश्विनी की हत्या अपने भायंदर वाले घर मे की और बाद में अश्विनी के शव को लकड़ी काटने वाले कटर मशीन से टुकड़े में काटकर उसे वसई के खाड़ी में फेंक दिया था। बता दे कि महेश फणनिकर इस मामले में मुख्या आरोपी सीनियर इंस्पेक्टर अभय कुरुंदकर का दोस्त है।

http://ledeindia.com/hi/index.php/2018/03/03/women-cop-ashiwini-bidre-body-butchered-says-suspects/

सिस्टेंट इंस्पेक्टर अश्विनी बेंद्रे 11 अप्रैल 2016 को अचानक गायब हो गई थीं। उस दिन ऑफिस से निकलने से पहले अश्विनी ने पुलिस ऑफिसर अभय कुरंदकर से फोन पर बात की। इसके बाद वह मानवाधिकार ऑफिस से निकली और शाम को 6 बजकर 41 मिनट पर ट्रेन से ठाणे पहुंची। यहां वह अभय से मिली। इसके बाद अभय की वोक्सवैगन कार में बैठकर दोनों भायंदर के लिए रवाना हो गए। इसके बाद दोनों ने भायंदर के एक होटल में गए जहां दोनों रात 11 बजकर 18 मिनट तक साथ रहे। इसके बाद अचानक ही अश्विनी का फोन बंद हुआ और वह लापता हो गई।

जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों की मानें तो, उन्हें मुख्य आरोपी अभय की मोबइल लोकेशन पर एक और सेलफोन एक्टिवेट मिला जिस पर उसकी लगातार बातचीत जारी थी। ये फोन नंबर अभय के 20 साल से ड्राइवर रहे कुंदन भंडारी का था। इस मामले में कुंदन भंडारी से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उस दिन पुणे से लौटते वक्त देर हो गई तो अभय के कहने पर वह होटल में ही सो गया और अगले दिन वहां से चला गया। हालांकि पुलिस ने जब होटल के रजिस्टर खंगाले तो उन्हें कुंदन भंडारी की कोई एंट्री नहीं मिली। स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम को यहीं से शक हुआ की अश्विनी के गायब होने में कुंदन का हाथ है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

कुंदन से पूछताछ में जांच टीम को अभय के बचपन के दोस्त महेश फलनिकर के बारे में पता चला। उसे गिरफ्तार कर जब उससे पूछताछ की गई तब पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी बिंद्रे की गुमशुदगी और हत्या का राज सामने आया कि किस तरह आरोपी पुलिस ऑफिसर के इशारे पर पहले अश्विनी की पहले हत्या भायंदर ईस्ट के इंद्रलोक परिसर में स्थित मुकुंद प्लाजा बिल्डिंग के रूम नंबर 401 में कि, उसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए लकड़ी काटने वाली मशीन में डालकर उसके टुकड़े किए गए। उसके बाद उन टुकड़ो को घर मे रखे फ्रिज में रखा गया और जैसे ही रात हुई। शव के टुकड़ो को एक बड़े ट्रंक में भरकर रात के अंधेरे में वसई खड़ी में डाल दिया गया। पूरे घटना क्रम की सच्चाई जानने और ज्यादा साक्ष्य जुटाने के लिए नई मुंबई की क्राइम ब्रांच टीम 2 मार्च यानि होली के दिन आरोपी महेश फलनिकर को लेकर मुकुंद प्लाजा बिल्डिंग के रुम नंबर 401 में पहुंची थी। फिर फॉरेंसिक टीम की मदद से पूरे घटनाक्रम को रिक्रिएट किया गया था। पूरे घटना क्रम को समझ कर कई अहम साक्ष्य जुटाए साथ ही उस फ्रिज को जपत कर अपने साथ ले गई जिसमें अश्विनी के शव के टुकड़ों को रखा गया था।

मुंबई क्राइम ब्रांच के आला अधिकारी की माने तो सोमवार को उनकी टीम नेवी के गोता खोरो की मदद से वसई खाड़ी में फेंके गए अश्विनी बिंद्रे के शव को खोजने का काम कर रही ताकि इस मामले को पूरी तरह से उजागर किया जा सके।


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