मालेगांव ब्लास्ट केस में साध्वी प्रज्ञा को ज़मानत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को 5 लाख के निजी मुचलके पर ज़मानत दे दी। हालांकि, वहीँ इसी मामले के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित की ज़मानत याचिका अदालत ने ख़ारिज कर दी। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित की ज़मानत याचिका मार्च महीने में ज़मानत याचिका दी थी जिस पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।

इसके पहले जांच एजेंसी एनआईए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को अपनी जांच में क्लीन चिट दे चुकी है बावजूद इसके ट्रायल कोर्ट साध्वी की जमानत खारिज कर चुकी है। एनआईए ने क्लीन चिट देते हुए ये दावा किया था कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ मुकदमा चलाने लायक सबूत नहीं है। एनआईए की स्पेशल कोर्ट से बेल पिटीशन खारिज होने के बाद प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बेल पिटीशन दायर की थी।

एनआईए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को अपनी जांच में क्लीन चिट देते हुए कहा था कि

–  जिस मोटर साइकिल की वजह से साध्वी को आरोपी बनाया गया है वह जरूर साध्वी के नाम पर थी, लेकिन धमाके के बहुत पहले दूसरे आरोपी      राम जी कालसांगरा उसे इस्तेमाल करता था
–  मामले पर मकोका का नहीं बनता इसलिए उनका पहले वाला इकबालिया बयान अदालत में सबूत नहीं माना जाएगा
–  जबकि कर्नल प्रसाद पुरोहित को एनआईए ने मई 2016 कि चार्जशीट मेंधमाकों की साजिश के प्रमुख आरोपियों में से एक बताया है
–  NIA के मुताबिक कर्नल पुरोहित ने ही साल 2006 में अभिनव भारत संगठन की स्थापना की थी और संगठन के नाम पर बड़े पैमाने पर धन        इकट्ठा किया और उससे हथियार ख़रीदा था
– पुरोहित ने 25 और 26 जनवरी 2008 को फरीदाबाद की मीटिंग में उसने अलग हिन्दू राष्ट्र के संविधान और केसरिया झंडे का प्रस्ताव रखा था.    उस मीटिंग में मुस्लिमों से बदला लेने पर भी चर्चा हुई थी