Crime

बेटी ने लिखा मैं माँ-बाप के बंदिशों से आज़ाद होना चाहती हूँ और कर ली ख़ुदकुशी

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माँ बाप हमेशा ही अपने बच्चों के लिए अच्छा ही सोंचते हैं लेकिन उनकी यही सोंच बच्चों को बंदिश लगने लगती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है नागपुर से। जहाँ एक 17 साल की बेटी को अपने माँ-बाप की सही गलत की रोक टोक बंदिश लगने लगी और उसने अपनी ज़िन्दगी ही ख़त्म कर ली। 17 वर्षीया कोमल सराते ने माँ और बाप की सलाह को बंधन मानते हुए अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदख़ुशी कर ली। कोमल ने खुदखुशी के पहले एक चिट्टी लिखी है और उस चिट्ठी में लिखा है कि “मुझे आजादी चाहिए माँ बाप के रोज रोज के बंदिश से मै ऊब चुकी हूँ,  मेरी आत्महत्या के बाद मुझे कोई भी याद मत करना”।  

कोमल सराते कक्षा बारवी कि छात्र थी, और वो अपनी खुली ज़िन्दगी जीना चाहती थी। उससे अपने दोस्तों के साथ देर रात तक बाहर घूमना पसंद था, लड़कों से दोस्ती करना उनसे मोबाइल फ़ोन पर बात करना बहुत पसंद था। कोमल के इन सब आदतों से माँ बाप को लगता था कही उनकी बेटी गलत संगत में न पड़ जाए। इसी डर से वो अपनी बेटी को रोकते टोकते थे सही गलत समझाना चाहते थे।  

लेकिन लाख कोशिश के बाद कोमल इन बातों को समझ नहीं पा रही थी। रविवार को कोमल के इन हरकतों को लेकर उसके पिता उसको फटकार लगायी थी। जिससे नाराज कोमल के चिट्टी लिखकर खुदख़ुशी कर ली।  इस मामले में नागपुर के बजाज नगर पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर लिया है।

Rahul Pandey

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