तो क्या संत भैय्यू जी महाराज ने ख़ुदकुशी नहीं की उनका क़त्ल हुआ है

भय्यूजी महाराज की खुदकुशी मामले में कई नई बातों के खुलासे ने अब इस केस को सुसाइड मिस्ट्री में बदल दिया है। क्या भय्यूजी महाराज ने खुदकुशी ही की थी? क्या खुदकुशी के लिए उनको किसी ने या किसी घटना ने प्रेरित किया था या फिर उनकी हत्या की गई? पुलिस ऐसे कई सवालों से जूझ रही है और प्रारंभिक जांच में इस खुदकुशी मान रही पुलिस अब इस केस की जांच हत्या के एंगल से भी कर रही है।

शक के दायरे में भय्यू जी का सेवादार

पुणे के आश्रम में काम करने वाले सेवादार अमोल चव्हान ही वह शख्स है जिससे रविवार की रात और सोमवार को इंदौर से पुणे जाते समय भय्यूजी महाराज ने कई बार कॉल पर बात की थी। इसके बाद भय्यूजी काफी तनाव में आ गए थे और वो सैंधवा से वापस इंदौर लौट गए थे। अमोल संदेह के घेरे में है जिससे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस को सेवादार अमोल ने सोमवार को भय्यूजी से हुई बात के बारे में बताया कि वो नहीं चाहते थे कि कुहू इंदौर आए लेकिन कुहू ने इंदौर आने की जिद पकड़ ली थी तो वो गुस्से में रास्ते से ही वापस इंदौर लौट गए। उसने बताया कि फोन पर कुहू को विदेश भेजने के बारे में ही वो बातें करते रहे और कहते रहे कि कुहू को समझाओ कि वो इंदौर न आए।

लेफ्टी भय्यूजी ने दाएं हाथ से क्यों मारी गोली?

पुलिस के सामने यह भी बड़ा सवाल है कि भय्यूजी सारे काम बायें हाथ से करते थे तो ट्रिगर दबाने के लिए उन्होंने दायें हाथ का इस्तेमाल क्यों किया? इस बिंदु से भी भय्यूजी की खुदकुशी संदेह के घेरे में है। पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है। पुलिस गन शॉट अवशेष की जांच करा रही है और इस रहस्य को सुलझाने में लगी है कि भय्यूजी ने बंदूक का ट्रिगर दायें हाथ से क्यों दबाया?

भय्यूजी के हैंड राइटिंग की हो रही जांच

खुदकुशी के बाद एक छोटे नोटपैड में भय्यूजी का लिखा सुसाइड नोट मिला। इसका एक पन्ना पहले मिला जिसमें पारिवारिक कलह से हो रहे तनाव और परेशानी को भय्यूजी ने खुदकुशी की वजह बतायी थी। दूसरा पन्ना भी मिला जिसमें सेवादार को ट्रस्ट संभालने की जिम्मेदारी देने की बात लिखी थी। भय्यूजी का सुसाइड नोट भी संदेह के घेरे में है और पुलिस हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से इसकी जांच करा रही है। सेवादारों का कहना है कि भय्यूजी हर काम काफी योजना बनाकर और कागज पर लिखकर करते थे। उन्होंने खुदकुशी से पहले वसीयत नहीं लिखी और ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी सेवादार विनायक को लिख गए, यह अन्य सेवादारों को अजीब लग रहा है।

कई लोग भय्यूजी से जुड़कर हुए अमीर?

भय्यूजी के करीबी लोगों का कहना है कि उनसे जुड़कर कई लोग अमीर हो गए थे। पुलिस को उनकी संपत्ति की भी जांच करनी चाहिए। परिवार के लोगों को भय्यूजी के कई निवेशों के बारे में जानकारी नहीं है, जिसके बारे में भी पुलिस को पता लगाना चाहिए।

भय्यूजी की जिंदगी में क्या चल रहा था?

भय्यूजी महाराज के सेवादारों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। 12 जून मंगलवार को खुदकुशी से पहले भय्यूजी की जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। बेटी कुहू को वे पढ़ने के लिए विदेश भेजना चाहते थे और बताया जाता है कि इसके लिए उन्होंने 10 लाख रुपए जुटाए थे। जबसे भय्यूजी ने दूसरी शादी की थी तबसे उनकी दूसरी पत्नी और बेटी के बीच घर में घमासान मचा था जिसे सुलझाने में भय्यूजी उलझ कर रह गए थे।

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