Exclusive: कार में किया क़त्ल मछलियों को खिलाई लाश, अश्विनी बिद्रे मामले में बड़ा खुलासा

18 महीने पहले, 11 अप्रैल 2016 को अपने हयुमन राईट कमिशन आफिस से अश्विनी बिद्रे नाम की महिला पुलिस अफसर अपने कलंबोली स्थित घर के लिए रवाना हुई थी। लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग हाथ नही लगा। आखिर गायब होने के बाद वो कहाँ गई और उसकी हत्या की साजिश को कैसे अंजाम दिया गया। पहली बार हम आपको बताने जा रहे मामले की जांच में जुटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की पड़ताल में मिली एक जानकारी। कब और कैसे आरोपी पुलिस ऑफिसर अभय कुरुदकर और राजेश पाटील उर्फ राजु ने मिलकर अश्विनी की हत्या कर उसकी लाश को ठिकाने लगाया था।

तौलिए पर हैं गुनाह के निशान

मामले की तफ्तीश कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को आरोपी इंस्पेक्टर अभय कुरुन्दकर के भायंदर स्थित घर में एक टॉवल मिला है। जिस पर खून के धब्बे मौजूद है। मामले की तफ्तीश में जुटे सूत्रों की मानें, तो तौलिये पर मौजूद खून के धब्बे अश्विनी बिद्रे के ही हैं। टीम ने उस तौलिये को कालीन फॉरेन्सिक लैब में भेजा है। ताकि ये साफ हो सके कि तौलिए पर मौजुद खून अश्विनी बेंद्रे का है या नही।

क्या हुआ था 11 अप्रैल 2016 की शाम ?

स्पेशल इंवेस्टिगेटिंग टीम के मुताबिक जाँच में पता चला कि 11 अप्रैल 2016 को जिस दिन असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी बिद्रे अचानक गायब हुई। उस दिन अश्विनी ने पहले आरोपी अभय करुंदकर से फोन और बात की। और फिर शाम को हयुमन राईट कमिशन आफिस से निकली। शाम को 6 बजकर 41 मिनट पर कलंबोली से ठाणे ट्रेन से पहुंची। और इसके बाद आरोपी अभय कुरुन्दकर से मुलाकात की और फिर उसी के वोक्सवैगन कार में साथ में भायंदर में रवाना हो गई। इस दरम्यान 18:41 मिनट से लेकर 23:18 तक अश्विनी बिद्रे और अभय कुरुन्दकर साथ थे। इसके बाद अचानक ही अश्विनी का फोन बंद हो गया । फिर कभी ऑन नहीं हुआ।

 

BJP नेता एकनाथ खड़से का भतीजा भी था शामिल

सूत्रों की मानें तो इसके बाद उसी शाम आरोपी पुलिस ऑफिसर अभय कुरुंदकर ने मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी और कद्दावर बीजेपी नेता के भतीजे ज्ञानेश्वर उर्फ राजेश पाटील को फोन किया जो कि अंधेरी में एक होटल में शराब पी रहा था। अभय ने उसे तुरंत किसी तरह भायंदर के होटल में आकर मिलने के लिए कहा। जिसके बाद राजेश ने भी टैक्सी पकड़ी और रात 11 बजकर 11 मिनट पर होटल पहुंचा।.लेकिन अभय से उसकी मुलाकात होटल के कमरे में न होकर पर्किंग लॉट में हुई।

इस महिला पुलिस अधिकारी को आसमान निगल गया की ज़मीन खा गयी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 11 अप्रैल 2016 को जब अश्विनी लापता हुई और उनका फोन रात को 11 बजकर 18 मिनट पर बंद हुआ उससे ठीक पहले ही आरोपी पुलिस ऑफिसर अभय कुरुन्दकर और बीजेपी नेता के भतीजे राजु पाटील की मुलाकात भी हुई। लेकिन सबसे चौकानेवाली बात तो ये थी कि, दोनों आरोपी और गुमशुदा अश्विनी तीनो का मोबाइल टॉवर लोकेशन एक साथ होटल हाइवे इन के पार्किंग में एक साथ दिख रहा था।

अश्विनी की हत्या के बाद लाश कार में थी ?

तफ्तीशकर्ताओं की मानें तो ये संभव है कि दोनो आरोपियों और अश्विनी की एक साथ मुलाकात हुई। और उसके बाद आरोपी अभय ने अश्विनी की हत्या कर दी हो या फिर अश्विनी की हत्या के बाद अभय ने उसकी लाश को कार में ही रखा हो। लाश ठिकाने लगाने के लिए राजेश को बुलाया हो और फिर अश्विनी का फोन अपने पास लेकर उसे बंद किया हो।

पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे के गुमशुदगी के मामले में इंस्पेक्टर अभय कुरुंदकर गिरफ्तार

 

खुद भी लाश की जानकारी जुटा रहा था आरोपी

अभय कुरुन्दकर ने अश्विनी बिन्द्रे की गुमशुदगी के बाद भयंदर की खाड़ी के कई मछुवारों से बार बार संपर्क कर कई बार पूछा भी कि क्या कोई महिला की लाश उन्हें मिली है? इसके अलावा पुलिस को मिसिंग पुलिस ऑफिसर अश्विनी बिद्रे को घर की तलाशी में उनके कमरे में बिस्तर के नीचे से वो खत भी मिला जिसमे उन्होंने जिक्र किया है कि अभय उनके हाथ पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी भी दे रहा था। अश्विनी बेंद्रे ने इस खत में अपनी हत्या किए जाने का शक भी जताया। साथ ही अश्विनी बिद्रे के लैपटॉप से अभय कुरूदकर कई बार उसके घर आने जाने के वीडियो फुटेज भी मिले है। जिनमे कई विडियोज अभय मिसिंग अश्विनी के साथ मारपीट भी करता दिख रहा है।

पुलिस को गुमराह कर रहा था एक अफसर

पुलिस ने फिलहाल अभय कुरुंदकर के वॉक्सवैगन कार को जप्त करना चाहती है। क्योंकि अपहरण और हत्या की साजिश में इस कार के इस्तेमाल का शक है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में पुलिस को कुछ सुराग मिलने की उम्मीद है जिसके तहत अश्विनी की गुमशुदगी के 2 दिन बाद अचानक ही आश्विनी के पिता को अश्विनी के फोन से मैसेज किया गया कि वो उत्तराखंड के विपसयना आश्रम में कुछ दिनों के लिए जा रही है। पुलिस के मुताबिक अभय कुरुंदकर ने इस मैसेज को भेजने के साथ अश्विनी के फोन को डिस्ट्रॉय किया और इन्वेस्टिगेशन से जुड़े कई सबूत भी मिटाते रहा।

 


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