एक करोड़ की फिरौती के लिए किया गया था 9 साल के मासूम का अपहरण

1 करोड़ की फिरौती और 75 घंटे तक चले लूका छुपी के खेल के बाद आखिरकार पुणे पुलिस ने पुणे के ही पिंपरी चिंचवड इलाके से अगवा किए गए नौ साल के बच्चे को बरामद कर लिया है। इस अपहरण को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 75 घंटे तक कड़ी मशक्कत की तब जाकर बच्चा सुरक्षित बरामद हो पाया है। इसके लिए पुणे पुलिस ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी थी। इस अपहरणकांड को सुलझाने के लिए पुलिस ने अपने 400 कर्मचारियों को लगा रखा था।बच्चे को उस वक़्त अगवा कर लिया गया था जब वो घर से ट्यूशन के लिए निकला था और लौटते समय उसे अपहरणकर्ता उठा ले गए थे।

हमेशा की तरह उस रोज़ भी नौ साल के ओम संदीप खरात को उसके पिता ने ही कोचिंग के लिए ड्राप किया था। लेकिन जब कोचिंग ख़त्म होने के बाद भी ओम नहीं लौटा तो माँ की परेशानी बढ़ने लगी और उन्होंने फ़ौरन इसकी जानकारी पिता को दी। ओम के पिता ने जब कोचिंग में पता किया तो उन्हें बताया गया की वो दूसरे बच्चों के साथ घर चला गया है। लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी जब उसका कोई अता पता नहीं चल पाया तो माता-पिता परेशान हो गए। इसके बाद ओम के पिता संदीप पुलिस थाने पहुंचे और और उसकी मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की की गंभीरता को देखते हुए ओम की तलाश शुरू कर दी। 

पुलिस अभी गुमशुदगी की जांच कर ही रही थी की बच्चे ओम के दादा के पास एक कॉल आया। कॉल करने वालों ने उन्हें जानकारी दी की बच्चे का अपहरण कर लिया गया है और उसे छोड़ने के बदले उन्हें एक करोड़ चाहिए। लेकिन दादा ने उन्हें बताया की उनकी औकात इतनी नहीं है की वो एक करोड़ दे सकें। जिसके बाद अपहरकर्ताओं ने 60 लाख की फरौती मांगी। आख़िरकार बच्चे को छोड़ने के बदले अपरहणकर्ता 20 लाख रुपए में राज़ी हो गए।

तक तक पुलिस ने फिरौती के कॉल को ट्रैक करना शुरू कर दिया। अपहरकर्ता लगातार अलग-अलग जगहों से फोन कर रहे थे। मगर चौंकाने वाली बात ये थी की उनका आखरी कॉल लोकेशन चिंचवड़ ही था। इससे पहले की पुलिस अपहरकर्ताओं तक पहुंचे उन्होंने बच्चे को छोड़ दिया। पुलिस का दावा है की ये उनके दबिश का नतीजा है की पकड़े जाने के डर से अपहरणकर्ताओं ने ओम को सोमवार शाम 6.30 बजे पूर्णानगर इलाके में छोड़ दिया। 

लेकिन इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है की बच्चे की वापसी फिरौती भरने के बाद ही हो पायी है। ओम ने बताया कि, किडनैपर उसे चाॅकलेट और समय पर खाना भी खिला रहे थे।