EXCLUSIVE: CA की नौकरी छोड़कर IPS बने थे HIMANSHU ROY

महारष्ट्र ats के पूर्व प्रमुख और आईपीएस अधिकारी ने आज अपने सरकारी आवास में खुद को गोली मार्क्सर ख़ुदकुशी कर ली. लेकिन उनकी कई ऐसी बातें हैं जिनके बाजरे में बहुत सारे लोग नहीं जानते. आईपीएल फिक्सिंग से लेकर जे डे हत्याकांड सुलझाने वाले हिमांशु रॉय दसोंदी, यही उनका असली नाम था अपने निजी जीवन में बेहद कूल मिजाज़ के शख्स थे.

महाराष्ट्र पुलिस ज्वाइन करने से पहले वो क्या करते थे कहाँ रहते थे ये कोई नहीं जानता. हिमांशु रॉय दसोंदी मुंबई के रहने वाले थे और उनके पिता कोलाबा में डॉक्टर थे. हिमांशु रॉय ने कैंपियन स्कूल से इंटरमीडिएट करने के बाद पिता के ज़िद पर मेडिकल में एडमिशन लिया था, लेकिन बहुत जल्द ही अपनी स्ट्रीम चेंज कर CA ज्वाइन कर लिया.

Exam हॉल में हुआ था प्यार

हिमांशु रॉय दसोंदी ने CA की पास करके आर्थर एंडरसन नाम की कंपनी ज्वाइन कर ली. मगर उन्हें ये काम भी रास नहीं आ रहा था. इसके बाद उन्होंने जॉब छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की. और साल 1988 में इन्हें UPSC एग्जाम दिया और चुन लिए गए. लेकिन वहीँ हिमांशु अपन दिल हार गए थे. उनका परीक्षा सेंटर माजगांव था, वहीं उनकी नज़र भावना त्रिपाठी से मिली. पास करते ही उन्होंने सबसे पहले भावना को प्रोपोस किया था. परीक्षा केंद्र से हुई दोस्ती प्यार में कन्वर्ट हुई और फिर दो साल बाद साल 1990 में दोनों ने शादी कर ली. भावना ने भी वह एग्जाम क्वालिफाई किया था। उन्हें IAS रैंक मिली थी, जबकि हिमांशु को आईपीएस. भावना पॉपुलर ऑथर आमिश त्रिपाठी की बहन हैं

हिमांशु बने थे यंगेस्ट SP

– 1988 में यूपीएससी क्रैक करने के बाद इन्हें पहली पोस्टिंग 1991 में मालेगांव मिली थी।
– 1995 में ये नासिक रूरल के यंगेस्ट एसपी बने। पोस्टिंग के टाइम इनकी उम्र 32 साल थी।
– साल 2009 में ये मुंबई के ज्वाइंट कमिशनर ऑफ पुलिस बने।
– इनके नाम मुंबई का पहला साइबर क्राइम सेल इस्टैब्लिश करने का क्रेडिट भी जाता है। इसके अलावा रूरल महाराष्ट्र में वुमन सेल, एंटी-डकैती कार्यों के लिए भी इन्हें जाना जाता है।


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