बीजेपी एमएलसी प्रसाद लाड के फर्म पर मानव तस्करी का आरोप,

BJP के MLC प्रसाद लाड को मुख्यमंत्री के बेहद करीबियों में से माना जाता है। कहा तो ये भी जाता है जब पूरी बीजेपी लाड को पार्टी में लाने के खिलाफ थी तो मुख्यमंत्री ने सबको दरकिनार कर उन्हें अंदर लाया। लेकिन अब मुख्यमंत्री पर प्रसाद लाड को बचाने का गंभीर आरोप लग रहा है। बीजेपी एमएलसी प्रसाद लाड के फर्म पर मानव तस्करी का आरोप है। जिसके बाद BCAS ने इस पूरे मामले की जांच की सिफारिश की थी। लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन ने अपनी ही फर्म के उस आदेश पर रोक लगा दी है। जिसमें टैक्स चोरी और मानव तस्करी में कथित तौर पर शामिल होने के लिए महाराष्ट्र में भाजपा के एमएलसी प्रसाद दिनेश लाड की विमानन सेवा फर्म को क्लियरेंस देने पर रोक लगा दी गई थी।

इससे पहले सेंट्रल सुरक्षा एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट 9-फरवरी 2018 में कहा है कि क्रिस्टल एविएशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने लोगों की भर्ती की और उन्हें नौकरी के लिए दुबई भेजा था। इतना ही नहीं इसके बाद दुबारा 4 अप्रैल को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्युरिटी यानी BCAS ने आरोप लगाया कि बीजेपी MLC लाड और उनकी पत्नी से जुड़ी क्रिस्टल एविएशन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने सहयोगी फर्मों का टैक्स बचाने के लिए फर्जी कर्मचारियों का भुगतान रजिस्टर बनाया। सुरक्षा से जुड़ी रिपोर्ट के हवाले से यह भी आरोप लगाया गया कि इसी समूह की कंपनियां नौकरी के लिए लोगों को दुबई भेजती है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। लेकिन बजाय मामले की जांच को आगे बढ़ाने के 9 अप्रैल को लाड की अपील पर 18 अप्रैल को मंत्रालय ने इस पर रोक लगा दी और BCAS को नोटिस वापस भेज दिया।

इसमें कहा गया कि फर्म को व्यक्तिगत सुनवाई के निर्देश भेजें। साथ ही, मामले में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट हासिल कर दो महीने में अंतिम आदेश पास करने को भी कहा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सिविल एविएशन के सचिव राजीव नयन से ईमेल के जरिए मामले में सवाल पूछे गए तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इंडियन एक्सप्रेस ने जब सतीश चंद्र (अंडर सेक्रेटरी) द्वारा हस्ताक्षर किए आदेश को लेकर BCAS के डायरेक्टर जनरल से फोन और ईमेल के जरिए बातचीत करना चाहा तो वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, जब लाड से मामले में संपर्क किया तो उन्होंने सभी आरोपों को आधारहीन और बकवास बताया।

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