इस सेक्स वर्कर ने मांगी थी प्रधानमत्री से मदद-खबर रंग लाई- बढे मदद के लिए कई हाँथ

पुणे के एक कोठे से आज़ाद कि गयी इस लड़की ने पत्र के ज़रिये प्रधानमंत्री और सुषमा स्वराज से जो मदद मांगी थी अब उसका असर दिखाई देने लगा है। देश के भर के लोगों को लगता है कि इस लड़की मदद कि जानी चाहिए। यही वजह है कि अब इस लड़की कि मदद के लिए हज़ारों लोग आगे आ रहे हैं। लड़की को रेस्क्यू कराने वाली संस्था के दफ्तर में अब देश-विदेश से फोन आ रहे हैं। लोग इस लड़की मदद करना चाहते हैं, लोगों ने सेक्स वर्कर की हेल्प करने के लिए नए नोट एनजीओ को भेज भी दिए हैं।

पुणे के एक कपल ने एनजीओ को 10 हजार रुपए के नए नोट भेज भी दिए हैं। एनजीओ के मुताबिक, हमें ऑस्ट्रेलिया से भी एक महिला का हेल्प के लिए फोन आया है। उन्होंने पैसे ट्रांसफर करने के लिए लड़की का अकाउंट नंबर मांगा है। इसी तरह देश के दूसरे हिस्से से भी फोन आया है, पंजाब के एक बिजनेसमैन ने फोन कर पूछा है कि, वे कैसे लड़की की हेल्प कर सकते हैं।

क्या था मामला ?

पुलिस द्वारा छुड़ाई गयी लड़की ने प्रधानमंत्री को लिखा था कि, उसने अपना पेट काट काट कर कुछ पुराने नोटों में कुछ पैसे इकठ्ठा किये थे। लेकिन अब वक़्त गुज़र चूका है और वो इन नोटों को नहीं बदल सकती है। ऐसे में उसकी मदद की जाए।

प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखने वाली लड़की एक सेक्स वर्कर है। जो नौकरी की तलाश में बंगलादेश से पुणे आई थी लेकिन यहाँ उसे एक कोठे पर बेच दिया गया था। लेकिन साल 2015 में कोठे पर रेड पड़ी और लड़की को मुक्त करवाया गया। जिसके बाद उसे वापस बंगलदेश उसके घर भेज दिया गया था। जब लड़की यहाँ से गयी तो अपने साथ साथ बंद हो चुके 1 हजार और 500 के 10 हजार रुपए ले गई थी। वो इस बात से पूरी तरह अनजान थी की ये नोट अब भारत में बंद हो चूका है। अब जब पता चला तो काफी वक़्त निकल चूका था, ऐसे में इस लड़की ने उसे छुड़ाने वाली एनजीओ रेस्क्यू फाउंडेशन को एक लैटर लिखा और उसकी हेल्प करने की अपील की थी।

लड़की ने पत्र में लिखा था कि, कैसे पेट पालने के लिए वह गलत लोगों के चुंगल में फंसी और कैसे उसने ये 10 हजार रुपए उसने जमा किए थे। उसने लिखा है की कैसे उसकी मजबूरी का फायदा उठाया गया था। उसके भारत आने से पहले उसकी शादी हो चुकी थी। बेरहम पति उसे पैसों के लिए मारता-पीटता था। जिसके कारण उसने शादी के तीन साल बाद उसे तलक दे दिया। उसने अपने परिवार का पेट पालने के लिए, बंगलादेश की एक गारमेंट फैक्ट्री में भी काम भी किया। ज्यादा पैसों का लालच देते हुए एक शख्स इसे मुंबई ले आया और मुंबई में उसे एक नेपाली महिला के हाथों सिर्फ 50 हजार रुपयों में बेच दिया गया। वहां से इसे पुणे के बुधवार पेठ इलाके में बेच दिया गया था। उसी नरक में काम करते हुए ये पैसे जमा किये थे

वो बेहद गरीब है और उसे पैसों की सख्त ज़रुरत है, जो पैसे उसने जमा किये उससे उसका गुज़ारा चल सकता है। ऐसे में उसकी मदद की जाए।


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