दोस्त, अपहरण और मंदिर की दान पेटी

कहते हैं लोग अपनी दोस्ती के लिए एक दूसरे पर जान तक छिड़क देते हैं, लेकिन महाराष्ट्र और कर्नाटक के बॉर्डर पर स्तिथ बेलगांव में जो कुछ भी हुआ उसे सुनकर हर कोई हैरान है। बेलगांव इंजीनिरिंग कॉलेज की एक छात्रा ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर अपनी सबसे गहरी दोस्त के अपहरण की साज़िश रच दी। जब पकडे गए और पूछताछ में अपहरण की वजह बताई उसे सुनकर पुलिस वाले भी हैरान थे।

21 साल की अर्पिता और 22 साल की दिव्या दोनों बेहद करीबी दोस्त थे। ऐसे दोस्त की पूरा कॉलेज उनकी दोस्ती कि​ कसमें खाता था। दिव्या का बॉयफ्रेंड भी बेलगांव में एक ही कॉलेज में एक साथ पढ़ते थे और तीनों बहुत अच्छे दोस्त थे। 17 अप्रैल के रात अर्पिता- दिव्या और उसका बॉयफ्रेंड प्रेम केदारी ने बाहर आउटिंग का प्लान बनाया। तीनो खूब घूमे फिरे​ और फिर एक साथ तीनो होटल में खाना खाने गए। अर्पिता इस बात से अंजान थी ​कि​उसके ख़ास दोस्तों ने उसके अपहरण की साज़िश रची है। होटल पहुँचते ही दिव्या और प्रेम ने मिलकर अर्पिता के नारियल पानी मे दोनों ने बेहोशी की दवा मिला दी, नारियल पानी पीते ही अर्पिता की तबियत बिगड़ने लगी जिसके बाद उसके दोस्त उसे एकांत शहर से दूर एक एकांत घर में ले गए और उसके हाथ पैर बांध कर कैद कर दिया।

यहीं शुरू हुई अर्पिता के अपहरण की कहानी, उसके दोस्तों दिव्या और उसके बॉयफ्रेंड प्रेम ने अर्पिता के घर फ़ोन लगाया और बताया कि​ उसका अपहरण कर लिया गया है। उसके घर वालों से अर्पिता को छोड़ने के लिए 5 करोड़ रुपये के फिरौती की मांग कि​। घर वालों को जैसे अर्पिता के अपहरण की सूचना मिली तो घरवालों ने घटना कि​ जानकारी तुरंत पुलिस को दी। इसके पहले की पुलिस अपनी तफ्तीश आगे बढ़ाते खुद अर्पिता ने अपनी माँ को कॉल कर अपने दोस्तों द्वारा अपने अपहरण कि​ पूरी कहानी बता दी।

दरअसल दिव्या और प्रेम ने मिलकर अर्पिता के अपहरण का प्लान तो सही बनाया था मगर एक चूक कर बैठे। दोनों ने अर्पिता को बेहोश समझकर एक कमरे में बंद तो कर दिया लेकिन उसका मोबाइल लेना भूल गए। जब दिव्या और प्रेम फिरौती की रकम वसूलने की प्लैनिंग कर रहे थे तभी होश में आई अर्पिता ने अपनी माँ के पास फ़ोन किया और पूरी कहानी बता दी। पर इस बात से अंजान थी कि​ उसे कहाँ रखा गया है। बाकी का पुलिस ने कर दिया उसके फ़ोन कॉल के लोकेशन को ट्रेस किया गया और अर्पिता तो छुड़ाई गयी ही दोनों अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में गिरफ्तार किये गए दिव्या और प्रेम ने बताया कि​ दोनों शादी करना चाहते थे, इसके लिए वो कई बार तिरुपति बालाजी के मंदिर भी गए थे। जब वो पिछली बार मंदिर गए तो ये मन्नत मांगी थी कि​ अपनी शादी के पहले वो मंदिर की दान पेटी में लाखों का दान करेंगे। पैसे तो थे नहीं कि​ दान करें फिर दोनों ने अर्पिता के अपहरण कि​ साज़िश रची और ये तय किया के फिरौती से आनेवाले पांच करोड़ में से वो एक करोड़ रूपये मंदिर में चढ़ावा चढ़ाएंगे। लेकिन वो ये भूल गए की खुद भगवन भी गलत का साथ नहीं देता है।


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