Exclusive:आतंक का फेसबुक ! सोशल मीडिया के ज़रिए लश्कर कर रहा है देश में आतंकियों की भर्ती

हाल के दिनों में जिस तरह भारतीय एजेंसियों ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रखा है। कहा जा रहा है की उससे देश का सबसे बड़ा दुश्मन हाफ़िज़ सईद बेहद परेशान है। उसके कई सारे आतंकी या तो पकडे जा चुके हैं या फिर भारतीय सेना के साथ हुए मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। ऐसे में आतंकी सईद और उसके लोग काफी परेशान हैं। सूत्र बताते हैं की एक बार किसी बड़ी नापाक साज़िश को अंजाम देने के लिए लश्कर नए लड़कों की भर्ती कर रहा है। इसके लिए बजाप्ता लश्कर ए तोइबा ने भर्ती सेल बनाया है। जिसके ज़रिये नए लड़कों की तलाश कर उन्हें अपने साथ शामिल किया जा रहा है। और ये सब ऑनलाइन किया जा रहा है।

आतंकियों ने अब सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए नौजवानों में अपने खतरनाक मंसूबों को फैलाना शुरू कर दिया है। वो अब ईमेल भेजकर लोगों को अपनी कम्यूनिटी से जुड़ने को कह रहे हैं। लोगों को उनकी हां के बदले 25 हजार रुपए का लालच भी दिया जा रहा है। दरअसल ट्विटर, फेसबुक, फ्रॉपर और भारत स्टूडेंट जैसे इंटरनेट पर देसी-विदेशी सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भीड़ लगी है। भारत में सोशल नेटवर्किंग साइट्स से करीब एक करोड़ 30 लाख लोग जुड़े हैं। इन लोगों में ज्यादातर नौजवान हैं।

मिलिट्री इंटेलिजेंस एक अधिकारी की मानें तो, खासकर वैसे लड़कों को अप्रोच किया जा रहा है और जो बेरोज़गार हैं। एक विशेष समुदाय से हैं और अपना ज़्यादातर वक़्त ऑनलाइन बिताते हैं। लश्कर के लोग पहले उनसे लड़की बनकर दोस्ती करते हैं फिर उन्हें पैसों का लालच देकर साथ आने को कहा जाता है। ज़्यादातर ऐसे मामले उत्तर प्रदेश, बिहार, आसाम, पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर से सामने आ रहे हैं। सोशल साइट्स पर अलग अलग नाम से कई सारे लिंक्स बनाये गए हैं जिसे क्लिक करते ही आप उनके पेज पर चले जाएंगे और उन्हें आपकी साड़ी जानकारी मिल जाती है।

ये है मोडस ऑपरेंडी

आतंकी संगठन जमात-उद-दावा ने फेसबुक पर नई भर्ती के लिए कई सारे कम्यूनिटी बनाये है। इसी कम्यूनिटी का मेंबर बनने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठे लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है। ये कम्यूनिटी पाकिस्तान में रहने वाले नुसेर वजाहत चौधरी नाम के शख्स ने बनाई है। जिसे लश्कर के आई टी सेल का हेड कहा जाता है। इस बात की जानकारी दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों को है। खुद मुंबई पुलिस भी ऐसी वेबसाइट्स में आतंकियों की कम्यूनिटी से जूझ रही है।

लोगों को लुभाने का फॉर्मूला

लोगों को आतंकी साजिश में फंसाने के लिए बाउंस मेल का भी इस्तेमाल किया जाता है। आप जैसे ही उस ईमेल पर क्लिक करते हैं। आतंकी संगठन का वेब पेज खुल जाता है। अगर आप इस वेब पेज पर थोड़ी देर भी टिके तो कुछ ही देर में आपके पास एक ईमेल भेज दिया जाता है।

ईमेल में लिखा होता है सोशल नेटवर्किंग साइट का नाम और साथ ही ये लालच भी कि अगर आप आतंकी कम्यूनिटी से जुड़े तो 500 डॉलर का इनाम मिलेगा। आतंकियों के निशाने पर खासतौर पर भारत के वो शहर हैं जहां के लड़के-लड़कियां सोशल नेटवर्किंग साइट्स का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

नौजवानों पर आतंकियों की नजर

दरअसल ये खबर हर उस शख्स के लिए अहम है जिसके घर में बच्चे सोशल नेटवर्किंग साइट पर घंटों बिताते हैं। ध्यान रखिए कि आपके नौनिहाल सिर्फ अपने दोस्तों से ही चैटिंग कर रहे हैं या फिर उनके रिश्ते कुछ गुमनाम लोगों से भी बनते जा रहे हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने भारत को आतंकियों की नई रणनीति से आगाह किया है। आगाह इस बात पर कि आतंकी संगठन खासतौर पर 18 साल के 25 साल के युवाओं को खोज रहे हैं। एफबीआई से ये इनपुट मिलने के बाद मुंबई पुलिस भी हरकत में आ गई है। लेकिन परेशानी ये कि इंटरनेट की अथाह दुनिया में ऐसी वेबसाइटों की भरमार लगी है।

पिछले दिनों अमेरिकी विमान को उड़ाने की साजिश नाकाम करने के बाद एफबीआई को ये अहम जानकारी हाथ लगी है। विमान उड़ाने की कोशिश मेंगिरफ्तार आतंकी के साथी ने पूछताछ में ये खुलासा किया है। इस आतंकी की मानें तो इंटरनेट के जरिए नौजवानों से संपर्क साधने की नई मुहिम छेड़ी गई है। ये काम सिर्फ अमेरिका और ब्रिटेन में ही नहीं भारत को भी एजेंडे पर रखकर किया जा रहा है।


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