महाराष्ट्र में एक और `ख्वाजा यूनुस`जैसा मामला,युवक की थर्ड डिग्री टाॅर्चर से कस्टडी में हुई मौत

महाराष्ट्र के सांगली एक युवक की कस्टडी में मौत के बाद उसकी डेड बॉडी जलाने का सनसनीखेज़ मामला सामने आया। आरोप है कि पुलिस वालों ने युवक के साथ थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर की जिससे उसकी मौत हो गई। और साबुत छुपाने के लिए आरोपी पुलिस वालों ने शहर से 100 किमी दूर आंबा घाट में ले जाकर शव को जला दिया। इसके बाद आरोपी पुलिस वालों ने ये खबर फैला दी की युवक पुलिस कस्टडी से फरार हो गया है। पुलिस की पोल तब खुली जब कस्टडी में मरने वाले युवक के दूसरे साथी को पकड़ा गया। जब उससे पूछताछ हुई तो सारा मामला सामने आ गया।

थर्ड डिग्री टाॅर्चर से कस्टडी में आरोपी की मौत, पुलिस ने पेट्रोल छिड़ककर जलाई बाॅडी

सांगली पुलिस ने लूटपाट के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया था।  दोनों पर आरोप था कि, उन्होंने 5 नवंबर को सांगली-कोल्हापुर रोड पर एक इंजीनियर के साथ हथियार के बल पर लूटपाट की थी। लूटपाट के उसी मामले में पुलिस ने अनिकेत (26) और अमोल (23) दो युवको को गिरफ्तार किया था। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब अचानक पुलिस ने मीडिया को ये जानकरी दी की उनकी हिरासत से दो आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि, लूट के आरोप में गिरफ्तार किये गए आरोप अनिकेत और अमोल को 6 नवंबर की रात विश्राम बाग पुलिस थाने से सटे डिटेक्शन ब्रांच के आॅफिस में जांच के लिए ले जाया जा रहा था। तभी दोनी मौका पाकर वहां से फरार हो गए।

थर्ड डिग्री टाॅर्चर से कस्टडी में आरोपी की मौत, पुलिस ने पेट्रोल छिड़ककर जलाई बाॅडी

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिये अधिकारियों ने एक विशेष टीम गठित की। इसी बीच 7 नवंबर की शाम अमोल कर्नाटक के निपाणी से पकड़ा गया। लेकिन दूसरे आरोपी अनिकेत का कुछ पता नहीं चला था।

इसी बीच अनिकेत के घर वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था की इंस्पेक्टर युवराज कामठे ने उनके बेटे को गायब किया है। उन्हें शक था की हो न हो अनिकेत के साथ कुछ तो गलत हुआ है ।  जिसे पुलिस छुपाने की कोशिश कर रही है। मामले को बिगड़ता देखा सीनियर अधिकारी ने जांच की कमान संभाली और जब अमोल से पूछताछ की गई तो उसने सारी सच्चाई उगल दी।

थर्ड डिग्री टाॅर्चर से कस्टडी में आरोपी की मौत, पुलिस ने पेट्रोल छिड़ककर जलाई बाॅडी

पूछताछ में अमोल ने खुलासा किया कि, गिरफ्तार करने के बाद पुलिसवालों ने उन दोनों को थाने में रखा था। फिर 6 नवंबर की रात पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए अलग-अलग कमरों में ले गई। इस बीच युवराज कामठे और उनके लोगों ने अनिकेत की पिटाई शुरू कर दी उसे थर्ड डिग्री टाॅर्चर दिया जा रहा था। कुछ ही घंटो में वहां मौजूद पुलिसवाले परेशान होने लगे वो आपस में बात कर रहे थे की अनिकेत की मौत हो गई।

थर्ड डिग्री टाॅर्चर से कस्टडी में आरोपी की मौत, पुलिस ने पेट्रोल छिड़ककर जलाई बाॅडी

इसके बाद ठान में मौजूद पुलिस वाले उसे और अनिकेत के शव को रात 12 बजे के करीब कृ्ष्णा नदी के पास ले गए। पुलिसवालों की एक टीम शव को जलाने के लिए गए। जबकि दूसरी टीम उसे लेकर गाडी में बैठी रही। इसके बाद उन लोगों ने अनिकेत के शव को पेट्रोल छिड़ककर जलाने की कोशिश की। लेकिन कृष्णा नदी के पास शव पूरी तरह से नहीं जली। वो आपस में बात करते रहे की अर्धजलि लाश वो वहां नहीं छोड़ सकते हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर युवराज कामठे ने एक निजी गाडी मंगवाई और उसी से अनिकेत की बाॅडी को आंबा घाट ले गए। वहां ले जाकर शव को जला डाला। शव जलाने के बाद इंस्पेक्टर युवराज और उसकी टीम अमोल को लेकर निपाणी गयी और उसे वहीँ छोड़ दिया। उसे कहा गया की वो वहां से भाग जाए नहीं तो उसका भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा।

अब इस पूरे मामले के सामने आने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर युवराज कामठे सहित 5 कॉन्स्टेबल अनिल लाड, अरुण टोणे, सूरज मुल्ला, राहुल शिंगटे और जाकिर पट्टेवाला अनिकेत को सस्पेंड कर दिया गया है। सभी के खिलाफ हत्या और सुबूत मिटाने के आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर युवराज कामटे और अन्य पांच आरोपियों सांगली कोर्ट में पेश किया। जहाँ पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को 12  दिन के लिए पुलिस कस्टडी सुनाई है। जिस वक़्त सभी आरोपियों को कोर्ट पेश किया जा रहा था उस समय कोर्ट के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये गए थे। क्यूंकि कोर्ट के बाहर आरोपियों को देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ इकठ्ठा हुई थी। जिन्हे सँभालने के लिए सैकड़ों पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। वहीँ मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच सीआईडी को सौंपा गया है।

 


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