मुंबई ब्लास्ट केस में मिली सिर्फ 10 साल की सजा, एक मर्डर ने दिलाई उम्रकैद

बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या के मामले में विशेष टाडा कोर्ट ने मंगलवार को रियाज सिद्दीकी को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। रियाज पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप था। रियाज सिद्दीकी वही शख्स है जिसे 1993 मुंबई बम धमाकों के मामले में भी 10 साल की सजा सुनाई गई थी।अबु सलेम को पहले हो चुकी है उम्रकैद…
– प्रदीप जैन की हत्या के मामले में पहले ही अबु सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि प्रत्यर्पण की शर्त के मुताबिक उसे 25 साल से ज्यादा की सजा नही दी जा सकती है।
– प्रदीप जैन अबु सलेम का पहला शिकार था। उनके भाई से सलेम ने कोलडोंगरी की प्रॉपर्टी छोड़ने या जान से हाथ धोने की धमकी दी थी।
– सलेम की धमकी को सीरियसली न लेना प्रदीप को महंगा पड़ा और 7 मार्च 1995 को सलेम के शूटर सलीम हड्डी ने प्रदीप जैन के दफ्तर में घुसकर गोली मार दी।
– अबु सलेम को बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के लिए टाडा की धारा 3(2) (1) और आईपीसी की धारा 120 बी के तहत सश्रम उम्रकैद की सजा और 2-2 लाख रुपये जुर्माना की सजा मिली है।
– रियाज सिद्दीकी पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप साबित हो चुका था। प्रदीप जैन हत्याकांड में इससे पहले अबू सलेम, मेहंदी हसन शेख, और वीरेंद्र कुमार झांब को पहले ही उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।
पहले सरकारी गवाह था रियाज
– बता दें कि रियाज को पहले इस मुकदमे में सरकारी गवाह बनाया गया था, लेकिन बाद में वो अपने बयान से पलट गया।
– जिसके बाद फिर से उसे आरोपी बनाकर मुकदमा चला गया। जिसमें वो दोषी साबित हुआ।

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