Crime

नेवी में नौकरी दिलाने के नाम से ठगी करने वाला ठग गिरफ्तार

0

मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर लगभग 50 से अधिक लोगो के साथ ठगी  करने वाले मोस्टवांटेड नटवर लाल को आरसीएफ पुलिस ने गिरफ्तार किया है।विशेष की गिरफ्तार आरोपी मर्चेंट नेवी में तीन वर्षों तक काम किया इसके बाद किसी वजह से उसे काम से निकाल दिया गया। इसके बाद से वो नेवी में काम दिलाने के नाम पर ठगी करना सुरु कर दिया। इस ठग की तलाश मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ साथ  राजस्थान पुलिसको भी थी ।

नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी का नाम संजय कुमार बिसनोही उर्फ कैप्टन है। आरसीएफ पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक सचिन सनाप ने बताया के गिरफ्तार आरोपी संजय कुमार बिसनोही उर्फ़ कैप्टन का एक नहीं दस से ज्यादा नाम है और वह हर शिकार को अपना अलग अलग नाम बताता था, इसने दो महीने पहले अस्पताल में काम करने वाली एक रिसेप्सनिस्ट की दोस्ती उस वक़्त की जब वह उस अस्पताल में इलाज के के लिए गया था और उसके हस्बैंड को नेवी में काम दिलाने के बहाने उससे दो लाख रूपए लेने के बाद जब कुछ दिन तक उसको सही से जवाब नहीं दिया तब उसने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और फिर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी .लेकिन वह बहुत शातिर था और हर बार हमारी गिरफ्त से बच जाता था। एक दिन हमको खबर मिली के कैप्टन का घर सेल कालोनी चेम्बूर में है

इस खबर के मिलते ही पुलिस कॉन्स्टेबल कोलेकर , भोसले , निमाने , रोकड़े , मोरे और कोलेकर की एक टीम बनायीं गयी और फिर कैप्टन के घर को घेर कर रखा क्यों की बाहर दरवाजे पर ताला बंद था और अंदर कैप्टन की माशूका की आवाज़ आ रही और छ घंटे के बाद जब कैप्टन जैसे ही घर में जाने के लिए आया हमने उसको गिरफ्तार कर लिया, अब तक धोका धड़ी के पचास से ज्यादा मामले सामने आये है जिसमे बिस लाख रूपए लिया है। आर सी एफ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ  पुलिस निरीक्षक श्रीकांत देसाई ने बताया के कैप्टन 10 मई 2015 से राजस्थान से लापता है और जून 2017 को ये मामला मुंबई क्राइम ब्रांच के पास आया था इसकी तलाश को लेके , हमने इसको धारा 419 , 420 के तहत गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जाँच चल रही है।

सिंगर आदित्य नारायण की दादागिरी,इंडिगो के कर्मचारी को हड़काया

Previous article

चोरी के पहले पुलिस के हत्थे चढ़े तीन चोर

Next article

Comments

Leave a reply

Your email address will not be published.

Close Bitnami banner
Bitnami