पालघर पुलिस ने एक बारकोड के जरिए सुलझाई डकैती की गुत्थी

मुंबई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा स्तिथ तुलींज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के एव्हर शाइन सिटी में गत 22 अगस्त को दिन दहाड़े हुई 35 लाख की डकैती की गुत्थी को पुलिस ने कुरियर बॉक्स पर लगे एक बारकोड से सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मामले में दो आरोपी फरार बताए जा रहे है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 लाख के आभूषण ,14 लाख रुपये नकदी व एक कार भी जब्त की है। पुलिस की माने तो लूट को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी पीड़ित परिवार से परिचित है। और वह खुद मुंबई में एक बिल्डर है। पैसों की लालच में उसने इस वारदात को अंजाम दिया।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वसई पूर्व के एव्हर शाइन स्थित स्काय हाईट्स 403 निवासी कमल किशोर आरोरा के घर गत 22 अगस्त की शाम 4 बजे 4 अज्ञात युवक कुरियर ब्वाय बनकर आये और घर में मौजूद उनकी नौकरानी से कहा कि अंकल का कुरियर आया है। जैसे ही नौकरानी ने दरवाजा खोला तभी चारों ने उसे घर के अंदर धकेला और तमंचा निकालकर उसे बंधक बनाकर कर तिजोरी से 14 लाख नकदी व 18 लाख के आभूषण लेकर फरार हो गये। पुलिस धारा 395,452,120ब आर्म एक्ट 3,25 के तहत मामला दर्ज कर जाँच कर रही थी। घटनास्थल से मिले कुरियर बॉक्स पर लगे बारकोड से पुलिस ने जाँच पड़ताल शुरू की और जिस दुकान से बॉक्स लिया गया था वहाँ से सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की पहचान की गई।

पुलिस ने आरोरा परिवार से परिचित मुख्य आरोपी विजय प्रकाश आदमणे (32) को गोरेगांव से गिरफ्तार कर कडी पूछताछ की जिसमे उसने अपने गुनाह को कबूल कर लिया उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी सागर शिवाजी सांडवे, योगेश अशोक शेड्गे, पुलकित उर्फ़ पप्पू ठाकुर, देवेन्द्र उर्फ़ कन्नू लक्ष्मण सांडवे व अरुण सदाशिव सुगावे को गिरफ्तार कर उनके पास से सारे आभूषण व नकदी बरामद की है। वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी विजय प्रकाश आदमणे का मुंबई में बांधकाम व्यवसाय है। वह आरोरा को पहले से ही जानता था। और उनके घर आना जाना था उसे पता था कि आरोरा के घर पर काफी रुपया और आभूषण है। पैसों के लालच में उसने एक टीम बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

 


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