पुलिस ने किया अंडरवर्ल्ड के टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़

लगता है कि इन दिनों पुलिस ने अंडरवर्ल्ड कि कमर तोड़ने की कसम खा ली है।पहले दाऊद के भाई इक़बाल कासकर की गिरफ्तारी और अब अंडरवर्ल्ड के  टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़। ठाणे एंटी एक्सटॉरशन सेल और भिवंडी क्राइम ब्रांच ने मिलकर भिवंडी में एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है की ये टेलीफोन एक्सचेंज अंडरवर्ल्ड का है।इसी टेलीफोन एक्सचेंज के जरिये अंडरवर्ल्ड विदेश में बैठकर बिल्डरों और व्यवसायियों को फ़ोन कर हफ्ता वसूली के जुर्म को अंजाम देते थे। फिलहाल पुलिस इस मामले कि जांच कर रही है कि इस टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तमाल कौन कौन सी गैंग कर रही थी।

ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुकर पांडेय के ने बताया कि, दो महीना पहले अम्बरनाथ के बिल्डर को हफ्ता देने के लिए फ़ोन आया था। पुलिस ने जब उस नंबर की जांच की तो पता चला यह नंबर ओडिसा के एक गांव का है। पुलिस ने जब गहराई से इस मामले की तहकीकात की तो पता चला भिवंडी के एक गांव में बड़े पैमाने में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा है। जिसके बाद पुलिस की टीम ने भिवंडी में कुल तीस जगहों पर छापे मारी की जहां से इस टेलीफोन एक्सचेंज को चलाया जाता था। छापे मारी की कार्यवाही में पुलिस ने फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़ करते हुए 25 मास्टर सिमकार्ड मशीन, 40 इंटरनेट राउटर, लैपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाईल समेत अन्य कई चीजों को बरामद किया है। इस छापेमारी के बाद 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ करने के बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी सभी लोगों को छोड़ दिया गया।

पुलिस ने बताया है की इस गिरोह के तार विदेशों से जुड़े हुए है। ये गैंग फेक कॉल के ज़रिए भारतीय टेलीकाम कम्पनियों को चुना लगा रहे थे। पकडे गए लोग सिम मास्टर मशीन के ज़रिए wifi इंटरनेट से कनेक्ट कर बलक मे एक साथ फेक काल करते थे। जिसके बाद उक्त विदेशी कम्पनी भारतीय टेलीकाम कम्पनियों से प्रीमियम नंबरों पर जितनी भी फेक काल जाती थी उसके एवज़ में इन कम्पनियों से मोटी रकम वसूल करते थे। और मिलने वाली मोटी रकम का एक बड़ा हिस्सा इसके अवैध संचालको को हवाला के ज़रिये भेज देते थे।


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