SHOCKING: पुणे में राष्ट्रीय लेवल के एथलीट का अपहरण कर बेदर्दी से हत्या

एक तरफ जहाँ देश दुनिया भर में देश का नाम रौशन करने वाली एथलीट हिमा दास के नाम के चर्चे हो रहे हैं. वहीँ महाराष्ट्र में राष्ट्रीय लेवल के एथलीट का अपहरण कर उसकी बेदर्दी से हत्या का सनसनी ख़ेज़ मामला सामने आया है. नेशल एथलीट आदित्य विजय खोत (25) की इसलिए हत्या कर दी गयी क्यूंकि वो एक बलात्कार पीड़ित की उसे न्याय दिलाने में मदद कर रहा था. दो दिन पहले आदित्य की लाश पुणे के ही पौड़ इलाके की पहाड़ियों से बरामद हुआ था. पुलिस के लिए इस क़त्ल की गुत्थी को सुलझाना किसी चुनौती से कम नहीं था.

सूत्रों की मानें तो पहले तो पुलिस युवक के शव की पहचान नहीं कर पाई, जब जानकारी मिली तो आनन फानन में पुणे पुलिस के 40 से अधिक अधिकारियों को इस क़त्ल को सुलझाने के लिए झोंक दिया गया था. जब पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी तो सामने आया की आदित्य यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराने वाली युवती की मदद कर रहा है ऐसा उन लोगों को शक था जिन्होंने आदित्य की हत्या की है. 25 वर्षीय आदित्य राष्ट्रिय एथलीट है और उसे अपने खेल के बल पर ही इंडियन रेलवे में नौकरी मिली थी. पहाड़ियों पर उसकी कटी हुई बॉडी मिली थी.

Aditya Khot

कोल्हापुर का रहने वाला आदित्य पुणे में ही रहता था और उसने अपने घरवालों को फ़ोन कर ये बताया था की वो अपने किसी दोस्त के बर्थडे पार्टी के लिए जा रहा है. लेकिन वो दिन तक वापस नहीं लौटा. परिवार वालों ने उसे कई बार फोन किया लेकिन उससे संपर्क नहीं हो पाया. जिसके बाद उनके परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई. काफी खोजने के बाद भी उसका कोई अता पता नहीं चल पा रहा था. इस बीच आदित्य का शव एक सुनसान इलाके से बरामद हुआ है. परिवार वालों ने उन्हें बताया था की वो जतिन मेवाती, मोनू टाक और उनके दो साथियों के साथ जा रहा है.

मदद बनी मौत की वजह

पुलिस की मानें तो जिन लोगों ने आदित्य की हत्या की है. उन्हें शक था की वो उस लड़की की मदद कर रहा है जिसके साथ उसे मारने वाले शख्स ने रेप की वारदात को अंजाम दिया था. बस इसी शक के आधार पर उसके ही दोस्तों ने उसे मौत के घाट उतार दिया. सूत्र बताते हैं की इस हत्या का मुख्या आरोपी मोनू टाक है. जो हाल में ही ज़मानत पर बहार आया है. मोनू पर 2017 में एक नाबालिग लड़की से बलत्कार का आरोप लगा था. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था. लेकिन अप्रैल में मोनू ज़मानत पर बाहर आया. उसे ये शक था की पीड़िता अदालत में जो लड़ाई लड़ रही है उसके लिए पैसे आदित्य उसे देता है. इसी शक में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर आदित्य को अगवा कर उसकी हत्या कर दी.

ऐसे रची साज़िश

तफ्तीशकर्ताओं के मुताबिक इस मामले की तफ्तीश में पहले कई सुपारी किलर और नामचीन गुंडों को उठाया गया था. इसी बीच पुलिस की नज़र उस रेप केस पर पड़ी जिसमे आदित्य का भी बयान था. इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी ने पुलिस को बताया है की आदित्य की हत्या की प्लैनिंग दो महीने से चल रही थी. फिर एक दोस्त के जन्मदिन की पार्टी के नाम पर उसे बुलाया गया. फिर वो उसे लेकर पिंपरी के सुभाषनगर स्थित नदी घाट पर गए. जहाँ पहले से जतिन, मोनू टाक उसके साथी भी मौजूद थे. वहीँ सबने मिलकर केक काटा और सेलिब्रेशन पार्टी में जाने का बहाना कर आदित्य को जबरन बाइक पर बैठाया गया और लवले स्थित सिंबॉयसिस कॉलेज रोड से उसे नांदगाव की पहाड़ियों पर ले जाकर तेजधार हथियारों से उसकी हत्या कर दी गई.


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