सुचना के अधिकार के नाम पर डॉक्टर चला रहा था हफ्ता वसूली का गैंग।

आरटीआई (राइट टु इन्फर्मेशन) यानी सूचना का अधिकार ने आम लोगों को मजबूत और जागरूक बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। लेकिन कुछ लोग ने इसे अपना हथियार बनाया और अनैतिक कामों में जूट गए। ऐसे ही एक मामले में सूचनाके अधिकार के तहत दस्तावेज निकलवाकर ब्लैकमेल और हफ्ता वसूली करने वाले एक डॉक्टर के खिलाफ आरटीआई की आड़ में हफ्ता वसूली करने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है की डॉक्टरी की आड़ में डॉक्टर अनिल यादव आरटीआई निकलता था और फिर लोगों से लाखो रुपयों की वसूली करता था। डॉक्टर ने इसके लिए पूरा गिरोह बना रखा था जिनका काम था ऐसे लोगों की जानकारी जुटाना जो व्यवसाय हों और जिनसे लाखों रूपये वसूले जा सकें। पिछले तीन सालों में डॉक्टर ने इलाके के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ इसी तरह आरटीआई निकली और उनसे करोड़ों की हफ्ता वसूली की है। फिलहाल पुलिस ने इस गैंग एक शख्स को रेंज हाँथ पकड़ा है जबकि डॉक्टर को वांटेड घोषित कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का आरोप है की डॉक्टर के गिरोह में कुल आठ लोग हैं। जिनका काम हथियार के बल पर पैसों की वसूली करते थे। 
 
 
मानिकपुर पुलिस स्टेशन को ये सुचना मिली थी की डॉक्टरी की आड़ में डॉक्टर अनिल यादव और उसके कुछ साथी लोगों को आर टी आई के नाम पर धमकाते थे और उनसे लाखों रूपये की वसूली करते थे। इसी बीच जांच में सामने आया की डॉक्टर अनिल यादव और उसके साथियों पिस्टल और आरटीआई के बल एक बिल्डर से 40 लाख की फिरोती वसूली है। जब पुलिस ने डॉक्टर को पूछताछ के लिए बुलाया तो वो फरार हो गया ।
 
इस मामले के सामने आने के बाद अब तक नौ लोगों ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जांच में सामने आया है के पिछले दो सालों में डॉक्टर और उनके साथियों ने मिलकर इलाके के बिल्डरों और व्यवसाइयों से दो पांच करोड़ से भी ज़्यादा की हफ्ता वसूली की है। डॉक्टर और उसके लोगों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गईं है जो जगह जगह छापेमारी कर रही है 
 
 

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