Crime

यूपी जाना चाहता है अबू सलेम, सजा के ऐलान के बाद साथी संग हुई बहस

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1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में गुरुवार को स्पेशल टाडा कोर्ट ने अबू सलेम समेत पांच दोषियों को सजा सुनाई। सलेम और करीमुल्लाह शेख को उम्रकैद की सजा दी गई। जबकि ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई गई है। इस मामले एक अन्य दोषी को 10 साल की सजा हुई है। कोर्ट में सजा का जैसे ही ऐलान हुआ सभी दोषियों के चेहरे उतर गए। इन सब के बीच सलेम ने खुद को उत्तर प्रदेश शिफ्ट करने की डिमांड रखी है। फिरोज और सलेम के बीच हुई नोकझोंक…

– कोर्ट में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, जज ने जैसे ही सजा का ऐलान किया सभी दोषियों के चेहरे उतर गए। सजा के ऐलान के बाद सलेम चुपचाप कोर्ट में पीछे की सीट के पास खड़ा हो गया।
– उसके ठीक गल में बैठे फिरोज को जैसी ही फांसी की सजा सुनाई गई उसकी आंखों में आंसू आ गए। जिसके बाद उसे सांत्वना देने के लिए सलेम ने उसके कंधे पर हाथ रखा।
– इस बात से नाराज फिरोज उसका हाथ झटक दिया। जिसके बाद दोनों के बीच हलकी नोकझोंक भी हुई। सजा से परेशान फिरोज खान कोर्ट में चिल्लाने लगा, उसने कहा-“मेरा परिवार कई साल से भुगत रहा है। मुझे उम्रकैद की सजा दे दीजिए। मैं पेरोल भी नहीं लूंगा। मैं मरना नहीं चाहता हूं।”
– फिरोज की तरह ही ताहिर मर्चेंट भी शांत था और सजा के ऐलान के बाद सिर्फ ऊपर की तरफ टकटकी लगा कर देखता रहा।
– फिरोज की एक महिला रिश्तेदार सजा का ऐलान होते ही कोर्ट में बेहोश हो गईं।

सलेम जाना चाहता है उत्तरप्रदेश

– सजा के ऐलान के बाद अबू सलेम ने कोर्ट से मुंबई की जगह उत्तरप्रदेश की किसी जेल में शिफ्ट करने की गुजारिश की।
– जानकारी के मुताबिक, सलेम ने टाडा की विशेष अदालत में यूपी या दिल्ली की किसी जेल में ट्रांसफर से संबंधित याचिका भी दाखिल कर दी है।
– अपनी याचिका में उसने कहा है कि कुछ मामले उसके खिलाफ दिल्ली में चल रहे हैं। दिल्ली की किसी जेल में रहने पर उसे इन मामलों की सुनवाई के दौरान मौजूद रहने में सहूलियत होगी।
– साथ ही उसने कहा है कि, उत्तर प्रदेश में उसका घर है। हालांकि कोर्ट ने इस मामले में कोई टिप्पणी अभी तक नहीं की है।

कोर्ट ने दी है मैक्सिमम सजा

– सीबीआई के वकील दीपक एन. साल्वी ने dainikbhaskar.com से बात करते हुए बताया कि, “ताहिर मर्चेंट, करीम उल्ला और फिरोज अब्दुल के लिए फांसी की मांग की गई थी। कोर्ट ने दो को फांसी और करीम उल्ला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिन दो दोषियों को फांसी हुई है उनके मामले टाडा अदालत के रेफरेंस से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इसके अलावा अबू सलेम के लिए उम्रकैद की मांग की गई थी क्योंकि पुर्तगाल के साथ हमारी प्रत्यर्पण संधि के कारण हम उसके लिए फांसी की सजा नहीं मांग सकते थे। इस मामले में कोर्ट ने मैक्सिमम सजा दी है।”
– उन्होंने बताया कि अबु सलेम ने अपनी जान को खतरे का हवाला देकर किसी दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांग की है। उसे दिल्ली या यूपी की अदालत में ट्रांसफर किया जा सकता है क्योंकि दिल्ली में भी उस पर कुछ मामलों में सुनवाई चल रही है।
– वहीं, करीम उल्ला शेख और रियाज सिद्दीकी के इस फेसले को चुनौती देने की संभावना से एडवोकेट साल्वी ने इनकार किया है।

257 लोगों की हुई है मौत

– अदालत के फैसले के बाद विशेष सरकारी वकील एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उज्जवल निकम ने बताया कि अबू सलेम 12 साल जेल में गुजार चुका है।
– ऐसे में भारत और पुर्तगाल मिलकर तय करेंगे को अबू सलेम को जेल में कितना दिन रहना होगा।
– मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए सीरियल बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हो गए थे।
– इन धमाकों में करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। इस मामले में 16 जून, 2017 को जस्टिस जीए सनप ने अबू सलेम, मुस्तफा डोसा, करीमुल्लाह खान, फिरोज अब्दुल रशीद खान, रियाज सिद्दीकी और ताहिर मर्चेंट को धमाकों का षडयंत्र रचने के लिए दोषी माना था जबकि एक अन्य आरोपी अब्दुल कयूम को इस मामले से बरी कर दिया था। इसमें मुस्तफा डोसा की मौत हो चुकी है।

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