VIDEO: बीजेपी नेता के परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, क़ातिलों की नज़र से बच गए दो मासूम

जिस शहर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री आते हैं, जिस शहर में आरएसएस का हेडक्वॉर्टर है और जिस शहर से केंद्र और राज्य सरकार दिशा और दशा तय होती है. उसी नागपुर हशर में बेख़ौफ़ अपराधियों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता के घर में घुसकर खुनी खेल खेला और किसी को जानकारी तक नहीं हुई. नागपुर के दीघोरी में भाजपा कार्यकर्ता कमलाकर पोहनकर और उसके परिवार के सदस्यों के 5 लोगो की हत्या कर दी गयी. जब इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया परिवार के सभी लोग सो रहे थे. पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है लेकिन अब तक क़ातिलों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

जानकारी के मुताबिक, वारदात शहर के आराधना नगर इलाके में अंजाम दी गयी है. शक है हमलावर देर रात घर में घुसे और कमलाकर पवनकर और उसके परिवार के अन्य चार सदस्यों की निर्ममतासे हत्या कर दी. हमलावरों ने कमलाकर की पत्नी, मां, बेटी और भांजी को नींद में ही मार डाला. सभी पर तेज़ धार वाले हथियार से हमला किया गया था. पाँचों के खून से सनी क्षत विक्षत लाशें घर में पड़ी मिली है. ऐसा लग रहा है की हमलावार क़त्ल के ही मक़सद से घर में दाखिल हुए थे. सभी के शरीर पर तब तक वार किए गए हैं जब तक उनकी मौत नहीं हो गयी.

प्रत्यक्षदर्शियों के ने बताया की अंदर का दृश्य देखकर किसी की भी रूह कांप जायेगी. पूरे घर में चारों तरफ खून ही खून बिखरा पड़ा है. घर के कमरे से लेकर किचन और बाथरूम तक में लाशें बिक्री पड़ी हैं. ऐसा प्रतीत हो रहा ही की हमलावार एक से ज़्यदा की संख्या में थे और उनसे बचने के लिए घर के सदस्य जहाँ तहँ भाग रहे थे. सबने खुद को बचने की कोशिश की लेकिन क़ातिलों ने उन्हें ढूंढ ढूंढ़कर मारा है. घर में कमलाकर पोहनकर अपने परिवार के अलावा एक भांजे और भांजी को भी अपने पास रखता था. इस नरसंहार में कमलाकर की छोटी बेटी मिताली और भांजी वैष्णवी बच गए हैं. दोनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे जिस वजह से हमलावरों का उनपर ध्यान नहीं गया.

इस क़त्लेआम की खबर मिलने के बाद नंदनवन पुलिस मौके पर पहुंचकर तफ्तीश में जुट गयी है. शहर के बीचोबीच हुए इस इस हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. इस हत्याकांड के बाद नागपुरवासी शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं. पुलिस इस वक़्त दो दिशा में अपनी तफ्तीश कर रही है. या तो ये मामला लूट का है या फिर किसी अपने का जिसे घर से जुडी हर जानकारी मालूम थी. पुलिस के मुताबिक मरने वालों में 52 कमलाकर पोहनकर के इलावा अर्चना पोहनकर 45 (पत्नी), वेदांती (बेटी) 12, मीराबाई (मां) 73, और कृष्णा 5 साल का भांजा है. तामाम आला अफसर और कई बीजेपी नेता इस वक़्त मौके पर हैं.


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