डॉ कफील के भाई काशिफ पर हुए हमले के बाद क्या कहा डॉक्टर ने आप भी सुनिए !

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से निलंबित चल रहे डॉक्टर कफील खान के छोटे भाई काशिफ जमील पर रविवार को कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं। पुलिस के मुताबिक, 35 साल के काशिफ फिलहाल खतरे से बाहर हैं। बता दें कि पिछले साल अगस्त में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 30 बच्चों की मौत के बाद डॉ कफील गिरफ्तार किए गए थे। करीब 8 महीने जेल में बिताने के बाद वह अप्रैल में ही रिहा हुए हैं।

पुलिस के मुताबिक, कफील के भाई पर रविवार रात हमला हुआ। काशिफ बाइक से अपने घर जा रहे थे। गोरखपुर के कोतवाली पुलिस इलाके में उन पर गोलियां चलीं। कोतवाली पुलिस के एसएचओ घनश्याम तिवारी ने कहा, ‘जमील ने हमें बताया कि रात करीब साढ़े 10 बजे के आसपास दुर्गावाहिनी क्रॉसिंग के नजदीक दो मोटरसाइकिल सवार उनके नजदीक रुके। आरोपियों ने उन पर तीन फायर किए।’ पुलिस के मुताबिक, इसके बाद मोटरसाइकिल सवार मौके से फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने जमील को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।



सर्किल ऑफिसर (सिटी) अतुल कुमार चौबे ने कहा कि पुलिस को वारदात के आधे घंटे बाद सूचना मिली। उन्होंने बताया, ‘पुलिस को जब सूचना मिली तो उस वक्त जमील का इलाज चल रहा था। अब वह खतरे से बाहर हैं।’ पुलिस ने कहा कि सोमवार को डॉक्टरी जांच के बाद जमील को सरकारी अस्पताल शिफ्ट किया जाएगा। बता दें कि डॉक्टर कफील हाल ही में उस वक्त चर्चाओं में आए जब उन्होंने केरल जाकर वहां निपाह वायरस से पीड़ित लोगों के इलाज की इच्छा जताई थी। हालांकि, आखिरी वक्त में उन्हें केरल आने से मना कर दिया गया था। दरअसल, कफील के प्रस्ताव पर केरल के सीएम पी विजयन ने शुरुआत में इजाजत दे दी थी। हालांकि, बाद में उन्हें आने से रोक दिया गया। डॉ कफील ने इस पर निराशा जताते हुए कहा था, ‘मुझे केरल सरकार ने अपनी यात्रा रद्द करने के लिए कहा है। मैं असहाय हूं और ऐसे मुश्किल वक्त में भी अपनी सेवाएं नहीं दे पा रहा हूं, इस बात का मुझे अफसोस है। मुझे नहीं पता कि सरकार को अगले 11 घंटे में ऐसा फैसला लेने के लिए किसने उकसाया है?’


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