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इस महिला पुलिस अधिकारी को आसमान निगल गया की ज़मीन खा गयी

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अक्सर ये देखा जाता है की जब कभी भी किसी के साथ कोई हादसा कोई वारदात या फिर नाइंसाफी होती है। तो भाग कर सीधे पुलिस और कानून के दरवाज़े पर गुहार लगता है। वर्दी पहनने से पहले पद और गोपनीयता की कसम खाने वाली पुलिस भी इन्साफ दिलाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करती है। ये बात तो आम लोगों की हो रही थी। ज़रा सोंचिये अगर किसी पुलिस वाले को इन्साफ न मिले तो वो किस द्वार पर जाए ? किसके आगे फ़रियाद करे ? इन दिनों महाराष्ट्र में ऐसे ही एक पुलिस वाले का परिवार इन्साफ के लिए दर दर भटक रहा है। लेकिन कोई उनकी सुनना नहीं चाहता या फिर जान बूझकर खामोश हो जाता है। क्यूंकि इस मामले में पीड़ित भी एक वर्दी वाली और आरोपी भी एक वर्दी वाला। वो भी कोई ऐसा वैसा वर्दी वाला नहीं बल्कि जिसकी पहुँच सत्ता के गलियारे से लेकर महकमे के ऊपरी पोस्ट तक है।

कौन थी अश्विनी ?


अब हम आपको ये पूरा मामला तफ्सील से बताते हैं। पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी बिंद्रे नवी मुंबई के कामोठे में स्तिथ ह्यूमन कमीशन के दफ्तर में तैनात थी। 15 अप्रैल 2016 को वो अपने दफतर से घर के लिए निकलीं थी। लेकिन आज पूरे 18 महीने बीत गए हैं न तो अश्विनी घर पहुंचीं हैं और ना ही उनका कोई अता पता है। जिसके बाद अश्विनी के घर वालों ने पुलिस अधिकारी अभय कुरुंदकर के ऊपर अश्विनी को गायब करने का आरोप लगाया। अश्विनी के घरवालों ने कलामबोली पुलिस थाने में जाकर आरोपी पुलिस अधिकारी अभय के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन अश्विनी को गायब होकर पुरे 18 महीने बीत चुके है ना ही अश्विनी का अब तक कोई सुराग लग पाया है और ना ही आरोपी के खिलाफ कोई भी कार्यवाही की गयी है।

परिवार का आरोप

अश्विनी के परिवार का आरोप है की अश्विनी के लापता होने के पीछे कोई और नहीं बल्कि पुलिस अधिकारी अभय कुरुंदकर ही है। जिसने पहले तो अश्विनी को ब्लैकमेल कर उसे जबरन प्यार में फंसाया और फिर जब अश्विनी ने अभय पर शादी का दबाव बनाया तो उसने उसे रास्ते से ही हटा दिया है। हाल में ही अश्विनी के परिवार ने एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमे पुलिस अधिकारी अभय कुरुंदकर अश्विनी की बेरहमी से पिटाई करते दिखाई दे रहा है। परिवार पुलिस पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, उनके मुताबिक़ आरोपी सामने है फिर भी उसे हाँथ तक नहीं लगाया जा रहा है। इसकी वजह है अभय कुरुंदकर की ऊंची पहुँच। जो एक साल की लम्बी छुट्टी के बाद भी आकर विभाग में कार्यरत है और कोई उससे सवाल तक नहीं करने वाला है।

दोनों के बीच था अफेयर

अश्विनी की शादी साल 2005 में राजू गोर नामक व्यक्ति के साथ हुई थी। शादी के एक साल बाद अश्विनी ने परीक्षा पास किया। पुलिस में शामिल होने के बाद अश्विनी कि पोस्टिंग पुणे में हुई उसके कुछ महीने बाद सांगली में कर दी गयी। जहाँ पर अश्विनी की पहचान पुलिस अधिकारी अभय कुरुंदकर के साथ हुई। दोनों में दोस्ती बढ़ गयी। कुछ दिन बाद दोनों में नज़दीकियां बढ़ने लगी। साल 2013 में अश्विनी की पोस्टिंग रत्नागिरी में हो गयी। रत्नागिरी में पोस्टिंग के बाद भी अभय कुरुंदकर अश्विनी बिंद्रे से मिलने आता था। अश्विनी के पिता और पति राजू को ये बात अच्छी नहीं लगी। अश्विनी के घरवालों मने इस तरह अभय से मिलने पर आपत्ति जताई थी। इसी बीच दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन शुरू हो गयी। साल 2015 में अश्विनी बिंद्रे ने अपना ट्रांसफर कळंबोली पुलिस थाने में करा लिया। अश्विनी के घरवालों की माने तो अभय इसी बात से नाराज था। और बार बार वो अश्विनी को धमकी दे रहा था की उसे गायब करा देगा।

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