आमिर खान और अरशद वारसी के बाद अब रानी मुखर्जी का बंगला बीएमसी के रडार पर

इन दिनों बीएमसी ने बॉलीवुड पर अपनी नजरे जमा रखी है। पहले अरशद वारसी के बंगले को तोडा, फिर आमिर खान के बंगले की निर्माण को रोका। और अब उनके रडार पर है बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रानी मुखर्जी। मुंबई के एक सोशल एक्टिविस्ट ने अभिनेत्री रानी मुखर्जी के खिलाफ बीएमसी में शिकायत दर्ज कराई है। अभिनेत्री पर आरोप है कि वो अवैध तरीके से अपने जुहू के बंगले का निर्माण कार्य कर रही है। शिकायत मिलने के बाद जब बीएमसी के अधिकारी जांच के लिए गए तो बंगले के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें भगा दिया था। अब बंगले के जांच के लिए बीएमसी ने पुलिस से मदद मांगी है।

मुंबई  के सोशल एक्टिविस्ट ने रानी मुखर्जी के बंगले के अवैध निर्माण के खिलाफ बीएमसी में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद बीएमसी ने अभिनेत्री के खिलाफ नोटिस भी जारी किया था। साल 2014 में रानी मुखर्जी ने अपने बंगले के निर्माण के लिए मंजूरी मांगी थी जिसे बीएमसी ने मंजूरी दे दी थी, जिसकी वैधता नवंबर 2015 में खत्म हो गयी थी। मगर वैधता के खत्म होने के बाद भी रानी मुखर्जी ने अपने बंगले के निर्माण का काम जारी रखा।

जुहू का ये इलाका जहाँ रानी मुखर्जी का बंगला है वह कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन में आता है। जहाँ किसी भी तरह की अनिधकृत संरचना करने की अनुमति नही होती है।अगर किसी को कोई संरचना करनी होती है तो उन्हें कोस्टल रेगुलेशन की तरफ से एनओसी लेकर बीएमसी दफ्तर में जमा करना होता है। मगर रानी मुखर्जी ने इसे ज़रूरी नहीं समझा। बगैर एनओसी जमा किए बंगले की निर्माण कार्य को चालू रखा। रानी मुखर्जी ने नियमों का उलंघन करते हुए बंगले की उंचाई को भी बढ़ाया है।

रानी मुर्खर्जी का कहना है कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोडा। बंगले की ऊंचाई को लेकर को छेड़छाड़ नहीं हुई है और उन्होंने हर साल बीएमसी से बंगले की निर्माण के लिए परमिशन लिया है।


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