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महल छोड़कर मोहब्बत की महारानी बनीं जापान की माको

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epa05967775 An image made available on 16 May 2017 shows Japan's Princess Mako (L) with her parents Prince (R) and Princess Akishino at Tokyo International Airport at Haneda, in Tokyo, Japan, 28 February 2017. Princess Mako, 25, the elder daughter of Prince and Princess Akishino, and the granddaughter of Japan's Emperor Akihito, will be engaged to a former classmate at her university and expected to marry next year. The prospective fiance is Kei Komuro, who was Mako's classmate at International Christian University in Tokyo. It is said the princess has already introduced Komuro to her father Prince Akishino, who is the younger brother of Crown Prince Naruhito and second son of Emperor Akihito and mother Princess Akishino. EPA/KIMIMASA MAYAMA

इस देश में प्यार की ताकत देखिए फिल्म बाहुबली -2 ने अपनी प्रेम कहानी के दम पर सिर्फ 19 दिन में डेढ़ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली । फिल्म का नायक अपनी प्रेमिका के लिए अपनी राजगद्दी को ठोकर मार देता है । सिर्फ अपने वचन के लिए ,अपने प्यार को अपना बनाने के लिए वो अपनी प्रेमिका के लिए अपने शत्रु का नौकर बनना स्वीकार कर लेता है । 

भारतीय फिल्मों में प्रेम का तड़का उतना ही पुराना है जितना इसका इतिहास । बाहुबली -2 की प्रेम कहानी में कोई नवीनता नहीं थी ऐसा हम सैकड़ो फिल्मों में पहले भी देख चुके हैं लेकिन शायद प्रेम में सुख की निरंतरता कुछ ऐसी है कि किरदारों के बदल जाने के साथ ही वही पुरानी कहानी, वही पुराने गीत वही पुरानी परिस्थितियां नये शब्दों के साथ नये सुरों से संवर कर एक नयी ताजगी का अहसास करा देती हैं। 

इधर भारत के लोग सिल्वर स्क्रीन पर बाहुबली को अपने देवसेना के लिए राजगद्दी छोड़ते देख रहे हैं तो उधर जापान में  रियल लाइफ में वहां की जनता ऐसा होते हुए देख रहे हैं ।  25 साल की जापान की राजकुमारी माको अपने प्यार को पाने के लिए शाही रूतबे को छोड़ रही है  क्योंकि जापान के राजघराने के नियमानुसार अगर शाही परिवार का कोई सदस्य किसी आम आदमी से शादी करता है तो उसे राजघराना छोड़ना होता है। 

माको की मुलाकात पांच साल पहले अपने साथ पढ़ने वाले केई से होती है और फिर दोनों के बीच मोहब्बत के फूल कुछ यूं गुलजार होते है कि राजकुमारी माको एक साधारण इंसान केई के लिए अपना महल छोड़ने का फैसला ले लेती हैं । राजकुमारी माको अपने शाही रुतबे को छोड़ने में पल भर की भी देरी नहीं करती ,उन्हें कुछ और सोचना नहीं पड़ता ।  

आखिर इस प्यार में ऐसा क्या हैं कि महल,  मिट्टी सा लगने लगता है,  शाही रुतबा, मोहब्बत के अहसासों के सामने बौना हो जाता है । एक प्यार को पाने के लिए सारा सुख, सारा वैभव, सारी विलासिता छोड़ने की धुन कैसे सवार हो जाती है ?  प्रेमियों ने तो वक्त पड़ने पर खुद के वजूद को छोड़ दिया है । इतिहास ऐसी प्रेमकहानियों से भरा पड़ा है कि जरूरत पड़ने पर आशिकों ने प्राण तक छोड़ दिया और बदले में प्रेम को पकड़ लिया । 

जिन संतों ने प्रेम को समझा वो कहते हैं कि “ढाई आखर प्रेम का पढ़े से पंडित होय”,  किसी कवि ने समझा तो लिखा “मोहब्बत अहसासों की पावन सी कहानी है, कभी कबिरा दीवाना था  तो कभी मीरा दीवानी है”  इसे किसी शायर ने समझा तो लिखा ‘ ‘ये तो एक आग का दरिया है और डूब के जाना है’   किसी दार्शनिक ने प्रेम का समझा तो कहा कि ये तो दो जिस्मों के एक जान होने का रसायन शास्त्र है ।

वाकई प्रेम के ऐसे अनुभव को पाने के मामले में जापान की राजकुमारी माको को खुशनसीब ही माना जाएगा  क्योंकि वो सिर्फ राजसी रूतबा छोड़ रही है और बदले में वो केई के दिल की रानी बन जाएगी । भारत में ये सुख तो राधा रानी को भी नहीं मिला । कृष्ण और राधा एक होने को तरसते रह गये । लेकिन द्वारका की गद्दी को संभालने के चक्कर में कृष्ण से वृंदावन की राधा की छूट गईं । 

 सीता ने राम को पाने के लिए नंगे पैर चौदह साल का वनवास झेला , सीता और राम की जोड़ी आदर्श तो बन गई लेकिन राजमहल की मर्यादा निभाने के लिए जंगल में जाकर पुत्रों को जनम देना पड़ा । मोहब्बत में शाही रुतबा जान ले लेता है राजस्थान की हाड़ा रानी ने अपना सिर काट पर राजा को  तश्तरी में भेज दिया ताकि मोहब्बत उनकी ताकत बन जाये और वो राजधर्म का पालन कर सकें । काश! औरंगजेब की बेटी जैबुन्निसा अपने प्रेमी , जो उनके पिता के सिपहसलार थे ,उस अकलाक खान के लिए महल छोड़ने का साहस जुटा पाती लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकीं और बाकी की जिंदगी अपने प्रेमी की कब्र पर लोटते हुए गुजार दी। 

तो प्यार में राजमहल की बाधा सदियों पुरानी है  जिन्होंने राजमहल का मोह पाला वो ताउम्र अकेले महल की दीवारों में सिर पीटते अपने प्रेमी की याद में घुट- घुट कर जिये । और जिन लोगों ने महल छोड़ दिया वो प्रेम को प्रमाणित कर सके । वाकई जापानी की 25 साल की राजकुमारी माको इतिहास के इन किरदारों से  बहुत ज्यादा खुशनसीब है जिन्होंने केई के प्यार के सामने राजमहल की परंपराओं को छोड़ दिया, ठुकरा दिया  । अब वो प्रेम की उस दुनिया में प्रवेश करने वाली है जिसमें वो सिर्फ दुनिया को देने की स्थिति में है । 

माको असली महारानी तो अब बनेंगी क्योंकि दुनिया प्यार की भूखी है, प्यार को तरस रही है  और माको अब इस मोहब्बत के सल्तनत की मल्लिका । इस देश में प्यार की ताकत देखिए फिल्म बाहुबली -2 ने अपनी प्रेम कहानी के दम पर सिर्फ 19 दिन में डेढ़ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली । फिल्म का नायक अपनी प्रेमिका के लिए अपनी राजगद्दी को ठोकर मार देता है । सिर्फ अपने वचन के लिए ,अपने प्यार को अपना बनाने के लिए वो अपनी प्रेमिका के लिए अपने शत्रु का नौकर बनना स्वीकार कर लेता है । 

भारतीय फिल्मों में प्रेम का तड़का उतना ही पुराना है जितना इसका इतिहास । बाहुबली -2 की प्रेम कहानी में कोई नवीनता नहीं थी ऐसा हम सैकड़ो फिल्मों में पहले भी देख चुके हैं लेकिन शायद प्रेम में सुख की निरंतरता कुछ ऐसी है कि किरदारों के बदल जाने के साथ ही वही पुरानी कहानी, वही पुराने गीत वही पुरानी परिस्थितियां नये शब्दों के साथ नये सुरों से संवर कर एक नयी ताजगी का अहसास करा देती हैं। 
इधर भारत के लोग सिल्वर स्क्रीन पर बाहुबली को अपने देवसेना के लिए राजगद्दी छोड़ते देख रहे हैं तो उधर जापान में  रियल लाइफ में वहां की जनता ऐसा होते हुए देख रहे हैं ।  25 साल की जापान की राजकुमारी माको अपने प्यार को पाने के लिए शाही रूतबे को छोड़ रही है  क्योंकि जापान के राजघराने के नियमानुसार अगर शाही परिवार का कोई सदस्य किसी आम आदमी से शादी करता है तो उसे राजघराना छोड़ना होता है। 
 
माको की मुलाकात पांच साल पहले अपने साथ पढ़ने वाले केई से होती है और फिर दोनों के बीच मोहब्बत के फूल कुछ यूं गुलजार होते है कि राजकुमारी माको एक साधारण इंसान केई के लिए अपना महल छोड़ने का फैसला ले लेती हैं । राजकुमारी माको अपने शाही रुतबे को छोड़ने में पल भर की भी देरी नहीं करती ,उन्हें कुछ और सोचना नहीं पड़ता ।  
आखिर इस प्यार में ऐसा क्या हैं कि महल,  मिट्टी सा लगने लगता है,  शाही रुतबा, मोहब्बत के अहसासों के सामने बौना हो जाता है । एक प्यार को पाने के लिए सारा सुख, सारा वैभव, सारी विलासिता छोड़ने की धुन कैसे सवार हो जाती है ?  प्रेमियों ने तो वक्त पड़ने पर खुद के वजूद को छोड़ दिया है । इतिहास ऐसी प्रेमकहानियों से भरा पड़ा है कि जरूरत पड़ने पर आशिकों ने प्राण तक छोड़ दिया और बदले में प्रेम को पकड़ लिया । 
 
जिन संतों ने प्रेम को समझा वो कहते हैं कि “ढाई आखर प्रेम का पढ़े से पंडित होय”,  किसी कवि ने समझा तो लिखा “मोहब्बत अहसासों की पावन सी कहानी है, कभी कबिरा दीवाना था  तो कभी मीरा दीवानी है”  इसे किसी शायर ने समझा तो लिखा ‘ ‘ये तो एक आग का दरिया है और डूब के जाना है’   किसी दार्शनिक ने प्रेम का समझा तो कहा कि ये तो दो जिस्मों के एक जान होने का रसायन शास्त्र है ।
 
वाकई प्रेम के ऐसे अनुभव को पाने के मामले में जापान की राजकुमारी माको को खुशनसीब ही माना जाएगा  क्योंकि वो सिर्फ राजसी रूतबा छोड़ रही है और बदले में वो केई के दिल की रानी बन जाएगी । भारत में ये सुख तो राधा रानी को भी नहीं मिला । कृष्ण और राधा एक होने को तरसते रह गये । लेकिन द्वारका की गद्दी को संभालने के चक्कर में कृष्ण से वृंदावन की राधा की छूट गईं ।
 
सीता ने राम को पाने के लिए नंगे पैर चौदह साल का वनवास झेला , सीता और राम की जोड़ी आदर्श तो बन गई लेकिन राजमहल की मर्यादा निभाने के लिए जंगल में जाकर पुत्रों को जनम देना पड़ा । मोहब्बत में शाही रुतबा जान ले लेता है राजस्थान की हाड़ा रानी ने अपना सिर काट पर राजा को  तश्तरी में भेज दिया ताकि मोहब्बत उनकी ताकत बन जाये और वो राजधर्म का पालन कर सकें । काश! औरंगजेब की बेटी जैबुन्निसा अपने प्रेमी , जो उनके पिता के सिपहसलार थे ,उस अकलाक खान के लिए महल छोड़ने का साहस जुटा पाती लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकीं और बाकी की जिंदगी अपने प्रेमी की कब्र पर लोटते हुए गुजार दी। 
 
तो प्यार में राजमहल की बाधा सदियों पुरानी है  जिन्होंने राजमहल का मोह पाला वो ताउम्र अकेले महल की दीवारों में सिर पीटते अपने प्रेमी की याद में घुट- घुट कर जिये । और जिन लोगों ने महल छोड़ दिया वो प्रेम को प्रमाणित कर सके । वाकई जापानी की 25 साल की राजकुमारी माको इतिहास के इन किरदारों से  बहुत ज्यादा खुशनसीब है जिन्होंने केई के प्यार के सामने राजमहल की परंपराओं को छोड़ दिया, ठुकरा दिया  । अब वो प्रेम की उस दुनिया में प्रवेश करने वाली है जिसमें वो सिर्फ दुनिया को देने की स्थिति में है । 
 
माको असली महारानी तो अब बनेंगी क्योंकि दुनिया प्यार की भूखी है, प्यार को तरस रही है  और माको अब इस मोहब्बत के सल्तनत की मल्लिका । 

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