देहव्यापार से जुड़ा का बड़ा खुलासा, 100 से अधिक लड़कियां लापता

देहव्यापार के दरिंदों से जुडी ये बेहद अहम् जानकारी सामने आ रही है. खुलासा हुआ है की कैसे पुलिस की मिली भगत से उन लड़कियों की खरीद फरोख्त की जा रही है जिन्हें देह व्यापर के दलदल से छुड़ाया गया था. अब तक की जांच में ये सामने आया है कि इस दलदल से छुड़ाई गयीं करीब 100 से अधिक लड़कियों का कोई अता पता नहीं हैं. अब इन लड़कियों को छुड़ाने वाली संस्था मामले कि सीबीआई जांच चाहती है और इसके लिए बॉम्बे है कोर्ट के औरंगाबाद बेंच में याचिका भी दाखिल की गई.  

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मामले में पुलिस कि भूमिका संदेहास्पद होने कि वजह है छुड़ाई गयी लड़कियों को शेल्टर होम और चिल्ड्रन होम से लापता होना. जांच की गई तो सामने आया की कई लड़कियों को उनके माँ बाप छुड़ा कर ले तो गए लेकिन वो अपने घर तक पहुँची ही नहीं. बल्कि उन्हें उन्हीं दलालों ने फिर से दूसरे शहर में ले जाकर नए दलालों के ज़रिये बेच दिया. इन लड़कियों को ये कहकर छुड़ाया गया था कि उन्हें वापस उनके घर भेजा जा रहा है. दुबारा बेची गई लड़कियों में से जब पांच लड़कियां दूसरे शहर से छुड़ाएं गई तो पूरा मामला सामने आ गया. 

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लड़कियों ने बताया कि, ये ट्रफिकेर पुलिस के साथ मिलकर छुड़ाई गई लड़कियों को दुबारा बेच रहे हैं. आम तौर पर किसी भी रेड के बाद छुड़ाई गई लड़कियों को शेल्टर होम भेज दिया जाता है. लेकिन यहाँ मामला बिलकुल उलट है, शेल्टर होम भेजने के बजाय इन लड़कियों चिल्ड्रन होम भेजा जाता है. जहाँ इन लड़कियों के माँ बाप या पेरेंट्स को बुलाकर उन्हें उनके हवाले कर दिया जाता. दलाल एयर ट्रैफिकर इसका ही फायदा उठाकर इन लड़कियों को छुड़ा लेते हैं. ये अपने लोगों इन लड़कियों के माँ बाप के तौर पर पेश करते हैं और फिर लड़कियों को वहां से निकाल कर दूसरे दलाल को बेच दिया जाता है . फिर वो दलाल उस लड़की को उस शहर से दूर ले जाता है जहाँ से उसे छुड़ाया गया था. दूसरा दलाल फिर से उन्हें ले जाकर किसी कोठे पर या इस धंदे से जुड़े लोगों के हवाले कर देता है. लेकिन इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि लड़की पहचान बदल दी जाए. मसलन उनका नाम और चेहरा तक बदल दिया जाता है. लापता हुई लड़कियों में से ज़्यादातर बांग्लादेश और नेपाल कि हैं. वो इस वक़्त कहाँ है और किसके पास हैं इसकी जानकारी पुलिस तक के पास नहीं है.   

रेस्क्यू फॉउंडेशन से जुडी त्रिवेणी आचार्य के मुताबिक़, इस पूरे खेल में दलालों और पुलिस वालों का संघठित नेक्सस काम कर रहा है. बिना पुलिस वालों कि मदद के ये मुमकिन नहीं है कि इन लड़कियों को बिना जांच के शेल्टर या चिल्ड्रन होम से निकाल लिया जाए. जान बूझकर राइड के बाद स्थानीय पुलिस थाने के अधिकारी लड़कियों कि उम्र में हेर फेर करते हैं ताकि उन्हें सीधा चिल्ड्रन होम भेजा जाए और वहां से फ़र्ज़ी माँ बाप भेजकर छुड़ा लिया जाए. 

अब वो इस मामले में सीबीआई जांच कि मांग कर रहीं हैं ताकि इस पूरे खेल के पीछे जो लोग हैं वो जल्द से जल्द बेनक़ाब हो और इन लड़कियों कि पूरी जानकारी सामने आ सके.


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