प्रोडूसर ने की ख़ुदकुशी लिखा रोज़ रोज़ की ज़िल्लत से तंग आ गया हूँ

मराठी फिल्म प्रोड्यूसर अतुल तपकीर ने खुदशी पुणे के कर्वे रोड स्थित एक होटल में ख़ुदकुशी कर ली है। ख़ुदकुशी से पहले अपने सोशल साइट पर ख़ुदकुशी की वजह भी लिखी है। उन्होंने लिखा है कि, ” मुझे हर तरह से प्रताड़ित किया, मेरी पत्नी मुझे पीटती भी है वो पिटवाती भी है … मुझे मेरे अपने ही घर से बहार कर दिया गया है.. अब ज़िन्दगी में कोई इंट्रेस्ट नहीं रहा”। अतुल ने ज़हर पीकर अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर ली।  

रविवार को पुणे के एक होटल में रुके हुए थे, लेकिन सुबह जब होटल स्टाफ जब साफ़ सफाई के लिए पहुंचा तो उन्होंने दरवाज़ा नहीं खोला। होटल स्टॉफ कई बार उन्हे आवाज लगाई फिर भी दरवाजा नहीं खुला पुलिस को सूचना दी गई। दरवाज़ा तोड़कर जब अंदर देखा गया तो बेड पर अतुल की लाश पड़ी थी। मुँह से झाग निकल रहा था, मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

पुलिस के मुताबिक़, शुरुआती जांच में लग रहा कि अतुल ने जहर खाकर ख़ुदकुशी है। जब ये बात अतुल के परिवार और दोस्तों को पता चली तो ये बात सामने आयी कि अतुल ने अपने सोशल साइट फेसबुक पर ख़ुदकुशी से जुडी साड़ी बातें लिखी है। ये सुसाइड नोट मराठी में लिखा गया है। 

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अतुल ने लिखा है कि , 

“उन्हें फिल्मों में काफी नुक्सान उठाना पड़ा है, जिसकी वजह से उनकी पत्नी प्रियंका अक्सर उन्हें टॉचर्र करती थी। उसके साथ मार पिट किया गया और घर तक से निकाल दिया। मेरे पिता मेरी बहन ने मुझे हर तरह से मदद करने कि कोशिश कि लेकिन पत्नी प्रियंका मुझे समझ नहीं पायी। बुरे वक़्त में मेरा साथ देने के बजाय प्रियंका ने मुझे घर से निकाल दिया। मेरे बच्चों से अलग कर दिया। मैं आज बेघर हूँ, कोई पत्नी अपने पति के बारे में बुरा नहीं कहती लेकिन वो मुझे 
अपशब्द कहती थीं। रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बीच उन्हें बदनाम करती रहती थीं। और तो उनकी अपने ‘कथित’ भाइयों के जरिए उन्हें धमकाती रहती थीं और मुझे पिटवाया तक”

फिल्म प्रोडूसर अतुल तपकीर ने अपने सुसाइड नोट के ज़रिये मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से गुजारिश की है कि ‘पुलिस को सिर्फ महिला की शिकायत सुनाने के बजाय कभी कभी पुरुषों का भी पक्ष सुनना चाहिए’।

अतुल कई महीनों से अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे। बतौर प्रोडूसर उन्होंने 2015 में मराठी फिल्म ‘ढोल-ताशे’ बनाई थी।


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