आंदोलनकारी किसानों ने निकाली सरकार कि शव यात्रा

महाराष्ट्र में किसानों के आंदोलन का सातवां दिन है। गुज़रते दिन के साथ किसान भी अब अपना आपा खोने लगे हैं महाराष्ट्र के कई ज़िलों में किसानों ने अपने स्थानीय सांसदों और विधायकों के दफ्तर पर धावा बोल दिया। उग्र किसानों ने  उनके घर और दफ्तर पर ताला मारने की कोशिश की, उनका कहना है की ऐसे प्रतिनिधि का क्या फायदा जो अपने ही किसानों के साथ खड़ा न हो सके। किसानों के रुख को देखते हुए पुलिस ने कई नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।

जिन नेताओं के घरों पर हमला बोला गया था उनमे बीजेपी की सांसद हीना गावित, विधायक विजय कुमार गावित, विधायक चंद्रकन रघुवंशी, सांसद दिलीप गाँधी के नाम शामिल हैं। फिलहाल इनके घर और दफ्तर दोनों जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। इनके इलावा बार्शी से भाजपा विधायक दिलीप शोलाप ने किसानों के उग्र रवैये को देखते हुए उन्होंने खुद अपने घर और दफ्तर पर ताला मारकर किसानों के आंदोलन में शामिल हो गये। तो वही लातूर के पालक मंत्री संभाजी पाटिल के घर किसान आंदोलन करने वाले है सुचना पुलिस को मिली, सूचना मिलते ही पुलिस ने उनके घर और दफ्तर के बाहर कि सुरक्षा बढ़ा दी है।

Dilip Sopal

कई जगह निकाली गयी सरकार कि शवयात्रा 

वहीँ कई ज़िलों में किसान अब केंद्र और राज्य सरकार की शव यात्रा निकाली। इस शव यात्रा में किसानों ने प्रधान मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री के इलावा राज्य के कई बड़े नेताओं की तस्वीर लगाईं है। किसानों ने शव यात्रा के बाद वो तमाम विधि भी की जो किसी के गुज़रजाने के बाद की जाती है।  

किसानों के मुताबिक, जब राजा को प्रजा की नहीं पड़ी है, तो प्रजा भी उनका सम्मान क्यों करें। उन लोगों ने ये विधि पूरी करके पूरी तरह से इस सरकार से अपना रिश्ता ख़त्म कर लिया है। कहाँ तो सरकार सबको साथ लेकर चलने की बात करती थी लेकिन कुछ महीनों में ही अपना असली चेहरा दिखा दिया


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