अब इमारत को लगाना होगा अपना सोलर पैनल

Solar panels on the roof of a skyscraper.

महाराष्ट्र सरकार ने अपने कैबिनेट में ये फैसला लिया है की अब राज्य में होने वाले हर नए निर्माणों को इको-फ्रेंडली और एनर्जी एफिशिएंट होना ही होगा। इसका फैसला इलेक्ट्रिसिटी कंजर्वेशन पाॅलिसी के तहत किया गया है।

सरकार अब राज्य सरकार डेवलपमेंट कंट्रोल रूल्स में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। जिसके तहत ऊँची इमारत बनाने वाले हर कंस्ट्रक्शन साइट को ‘ग्रीन बिल्डिंग गाइडलाइंस’ फाॅलो करना होगा। इन बदलावों के बाद महाराष्ट्र ‘ग्रीन बिल्डिंग गाइडलाइंस’ फाॅलो करने वाला पहला स्टेट हो जाएगा जिसके पास अपनी एनर्जी कंजर्वेशन पाॅलिसी होगी। इसके लागू होने के बाद आने वाले पांच साल में 1000 मेगावाॅट बिजली की बचत होगी। इस पाॅलिसी में यह भी अनिवार्य होगा की हर सरकारी औऱ गैरसरकारी इमारतों में ट्यूबलाइट और फ्लोरोसेंट लैंप्स को एलईडी लाइट्स से बदला जाए। इसको अमल में लाने वालों को सरकार इंसेंटिव भी देने वाली है।

वहीँ जानकर बताते हैं की ये इतना भी आसान नहीं होगा, कई ऐसी इमारतें होती हैं जिनके पास इतनी बड़ी जगह ही नहीं होती कि पर्याप्त सोलर पैनल लगाई जा सकें। दूसरी तरफ सरकार इसे सकती से अमल करना चाहती है। सरकार इसे अमला में लाने के लिए 840 करोड़ रुपए बजट में रखे हैं। 


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