अकेले पन और अपनों की बेरुखी से परेशान 90 साल की महिला ने अपने हाथों से चिता तैयार कर खुद को जलाया

क्या किसी संतान के पास इतना भी वक़्त नहीं होता है की वो कुछ वक़्त अपने बूढ़े माँ को दे सके। 90 साल की कल्लव दादु कांबले अपने बेटे से बात करना चाहती थी। उसके साथ वक़्त बिताना चाहती थी। लेकिन बेटा अपनी ज़िन्दगी में इस क़दर मसरूफ था की उसे अपनी बूढी माँ की याद तक नहीं आई। उसके जीते जी उसे घर से अलग एक कमरे में रहने के लिए छोड़ गया। अपने पन के नाम पर पोती कभी कधार आती और खाना रख कर चली जाती। लेकिन 90 साल की कल्लव दादु कांबले ने शायद सोंच लिया था की अब बची कुछ सांसें भी वो किसके लिए समेत के रखेंगी। जब किसी को उनकी पड़ी ही नहीं है आखिरकार घर के अंदर उन्होंने अपनी चिता तैयार की और खुद को उसके हवाले कर दिया।

दिल दहला देने वाली ये घटना महाराष्ट्र के कोल्हापुर की है। पुलिस भी मान रही है की, शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि अकेलेपन की वजह से जीवन से निराश हो बुजुर्ग ने खुदकुशी की है। कोल्हापुर के बामनी गांव में रहने वाली कल्लव दादु कांबले नाम की वृद्धा ने 13 नवंबर की रात खुद की चिता तैयार की और उसमें बैठ गई। 90 साल की वृद्धा को बेटे ने घर से अलग बगल में एक घर दिया था वो वहां अकेली रहती थी।

वारदात वाली रात यानी 13 नवंबर की शाम को पोती ने उन्हें आखरी बार देखा था। वो दादी के लिए उनके घर में खाना देने आई थी। मगर जब दूसरे दिन सुबह रात के खाये हुए बर्तन इकठ्ठा करने पहुंची तो दादी ने अंदर से दरवाजा नहीं खुला। तुरंत पोती ने ये बात अपने पिता को बताई। जब उनके घर का दरवाज़ा खोलकर देखा गया तो। भीतर का दृश्य देख कर सबकी आँखें फटी रह गयी। अंदर देखा तो कमरे के बीच में राख और अधजले शरीर के अंग पड़े हुए थे। घटनास्थल को देखते हुए लग रहा था की बुजुर्ग ने लकड़ी और कंडे इकट्टा करके पहले अपनी चिता तैयार की और फिर उसके ऊपर बैठ गयीं इसके बाद इसे जलाकर खुद इसमें बैठ गई।

कोल्हापुर पुलिस के एसपी संजय मोहित ने भी पृथमदृष्टया इसे खुदकुशी का ही मामला बताया है। उनके मुताबिक़ इस मामले में मृतक वृद्धा के परिवार के लोगों से पूछताछ की जायेगी। पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश करेगी की कहीं किसी बात को लेकर उन्हें परेशान तो नहीं किया जा रहा था। जिससे तंग आकर उन्होंने ऐसा कदम उठाया।


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