अपनी जान की बाज़ी लगाकर मुख्यमंत्री को बचाने दौड़ गया था इरफ़ान

अगर राजा की जान खतरे में हो तो अपनी जान की फिक्र नहीं करनी चाहिए। वो हमारे राजा हैं और उनको बचाना मेरा फ़र्ज़ था, यही कहना है इरफ़ान का जिसने सबसे दौड़ कर मुख्यमंत्री को क्रैश चॉपर से बहार निकला था। जिस वक़्त महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चॉपर ने क्रैश लैंडिंग की थी। 

न तो उस जगह पुलिस थी और न कोई प्रशासनिक अधिकारी और तो और चॉपर को नीचे गिरते देख वहां मौजूद बीजेपी कार्यकर्ता भी यहाँ वहां भागने लगे थे। लेकिन घटना स्थल के बेहद करीब में ही खड़ा इरफ़ान सीधा चॉपर की तरफ भागा। और चॉपर में फंसे मुख्यमंत्री और बाकी लोगों को बहार निकाला। 

इरफ़ान ने बताया की, उसकी कबाड़ की दूकान निलंगा में वहीँ पास है जहाँ चॉपर क्रैश हुआ था। जब मुख्यमंत्री वहां आये थे तो कौतुहल वश वहां हज़ारों लोगों की भीड़ जमा हो गयी थी। वो भी मुख्यमंत्री को देखने के लिए अपनी दूकान के बहार खड़ा था। तभी उसने देखा की चॉपर के उड़ते ही उसमे से तेज़ रौशनी निकली और वो नीचे आने लगा। तेज़ आवाज़ की वजह से लोग यहाँ वहां भागने लगे मगर वो उसी ओर भागा जिधर चॉपर नीचे आ रहा था। तब तक हेलीकाप्टर गिरकर ज़मीन में धंस चूका था, पास जाकर देखा तो अंदर मुख्यमंत्री घबराये से लग रहे थे और वो दरवाज़ा खोलने की कोशिश कर रहे थे। दरवाज़ खुल नहीं रहा था तभी उसने बहार से कोशिश की और दरवाज़ा खुल गया। फ़ौरन उसने हाँथ बढाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बहार निकला। 

बहार आते ही मुख्यमंत्री ने उसे बाकी लोगों की मदद को कहा। इसके कुछ देर में ही वाहन प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की मदद के लिए पहुंच गया।


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