हड़ताल के कारण बंद अस्पताल, गेट पर ही जन्मा बच्चा

मुंबई के के इ एम अस्पताल के गेट पर जहाँ कल एक तरफ हड़ताली डॉक्टर अपने हक़ के लिए ज़ोर ज़ोर से नारे लगा रहे थे तो वहीँ पास में ही गेट पर कराहती महिला भी फ़रियाद लगा रही थी। उसे प्रसव पीड़ा उठा था दर्द से कराह रही थी लेकिन उसकी आवाज़ सुनाने वाला कोई भी नहीं था। और आखिरकार महिला ने अस्पताल के गेट पर ही एक बच्चे को जन्म दे दिया।

ये सब कुछ गुरुवार को हुआ जब 24 साल की अनीता को उसका पति दोपहर में 2 बजे चेकअप के लिए केईएम अस्पताल लाया था।

वो उसे दर्द था और डॉक्टरों की कमी की वजह से उसे वापस घर जाने को कह दिया गया था। अनीता को डोम्बिवली के अस्पताल ने के ए एम अस्पताल भेज था क्योंकि उसके पेट में कुछ गांठ था। लेकिन अस्पताल ने बिना कोई इलाज या चेकअप के वापस भेज दिया तो अनीता फिर स्टेशन चली गई। अनीता गर्भवती थी और उसके प्रसव में 15 दिन बाकी था। जैसे ही अनीता लौटकर रेलवे स्टेशन पहुंची थी, अनीता को प्रसव पीड़ा होने लगी। फिर से अनीता के पति और परिवार वाले केईएम अस्पताल ले लाये। अनीता अभी गेट पर ही था की पति भागकर डॉक्टरों से आरज़ू मिन्नत करने लगा।  लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी, तब तक दर्द से कराह रही अनीता ने अस्पताल गेट पर ही एक बच्चे को जन्म दे दिया। जैसे ही खबर अस्पताल में फैलने लगी तुरंत पैरामेडिकल स्टाफ आया और फिर अनीता और जवजात शिशु को अस्पताल में भर्ती किया गया।

फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित है, बच्चे का वजन 3.8 किलो है। लेकिन सवाल ये है कि डॉक्टर की कमी के चलते अनीता को घर वापस क्यों भेजा गया। क्या डॉक्टर और अस्पताल संवेदनहीन हो गया, और ये वाकया हो गया कि बच्चा अस्पताल की गेट पर पैदा हो गया।

 


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