बच्चे के लिए मौत से लड़ गयी माँ

कहते है की अगर बच्चे को थोड़ा सा चोट भी लग जाये तो माँ को बहुत पीड़ा होती है और अगर बात उसकी बच्चे की जान पर आ जाए तो माँ वो मौत से भी लड़ जाएगी। मुंबई में कल ऐसा ही हुआ जब एक माँ अपने तीन साल के बच्चे को बचाने के लिए एक महिला तेंदुए से भिड़ गई। खूंखार जानवर बच्चे को छोड़ माँ पर टूट पड़ा लेकिन माँ ने हार नहीं मानी। एक वक़्त ऐसा भी आया जब आस पास के लोगों को ये लगने लगा की अब तेंदुआ बच्चे के साथ माँ को भी नहीं छोड़ेगा लेकिन माँ की बहादुरी के सामने तेंदुए को हार मानते हुए बच्चे को छोड़कर भागना पड़ा।

ये पूरा मामला गोरेगांव के आरे काॅलोनी की है, जब पूरा गांव अपने घरों में था तभी सोमवार रात साढ़े दस बजे है। अट्ठाइस साल की प्रमीला रिनजाड अपने परिवार के साथ आरे इलाके में अपने परिवार से साथ रहती हैं। प्रमिला रात दस बजे घर के पास मौजूद शौचालय में गईं थीं। माँ को बहार जाते हुए देख उसका तीन साल का बेटा भी उनके पीछे-पीछे चला गया। जब प्रमीला शौचालय से बाहर निकली तो देखा कि उनका बेटा उनके सामने खड़ा है। इससे पहले की प्रमीला आगे बढ़ती और अपने बच्चे को उठाती तभी अचानक पहले ही घात लगाकर बैठे तेंदुए ने प्रणय को दबोच लिया और भागने लगा। प्रमीला शोर मचाते हुए तेंदुए के पीछे दौड़ीं। इस क्रम में प्रमिला लगातार पत्थर और डंडे से तेंदुआ को मारती रहीं, कई बार तेंदुए ने पलटकर उस पर हमला भी किया।तब तक प्रमीला की आवाज़ सुनकर गांव के दूसरे लोग भी जमा हो गए और लोगों की आवाज से डरा तेंदुआ बच्चे को छोड़कर झाड़ियों में भाग निकला। 

हालांकि तेंदुए के चंगुल में फंसे तीन साल के बच्चे प्रणय के शरीर पर जगह-जगह जख्म हो गए थे। उसे इलाज के लिए की बालासाहेब ठाकरे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। बच्चे पर तेंदुआ का हमला इतना गहरा था की उसके शरीर पर कई जगहों पर टांके लगाने पड़े हैं। 


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