भगवान गणेश के रंग में रंगी मुंबई, `बप्पा` के लिए करोड़ों का बीमा

मुंबई में गणेश उत्सव की तैयारियां पूरे जोर-शोर के साथ की जा रही हैं। दो दिन बाद भगवान गणेश अपने भक्तों के बीच होंगे। ऐसे में गणेश उत्सव के दौरान मूर्तियों की स्थापना, प्रसाद, महंगे सेट्स, गीत-संगीत के सेटअप के साथ-साथ सार्वजनिक पंडालों और भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था भी अहम काम है। सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई के गणेश उत्सव मंडल, बीमा कराने को लेकर अधिक उत्साहित नजर आ रहे हैं। सभी बड़े पंडाल मंडलों ने इस बार भी बड़ी रकम अदा करके करोड़ो का बीमा करवाया है।

गणपति पंडालों ने बीमा के लिए तिजोरी खोल दी हैं। दरअसल 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में सार्वजनिक पंडालों में बड़ी तादात में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और सुरक्षा के मद्देनजर सभी बड़े पंडालों ने बीमा करवाया है। सबसे बड़ा बीमा हर साल की तरह इस बार भी जीएसबी मंडल ने करवाया है। जीएसबी मुंबई के सबसे महंगे गणपति हैं, इस बार मंडल ने 264 करोड़ का बीमा करवाया है।

जीएसबी मंडल के गणपति

जीएसबी मंडल के गणपति पांच दिनों के लिए विराजते हैं। इन्हे मुंबई का सबसे महंगा गणपति कहा जाता है। 11 फीट ऊंची ‘बप्पा’ की मूर्ति के अंग जैसे कान, हाथ और मुकुट सोने के होते हैं और सिंघासन चांदी का बना होता है। इस साल भी जीएसबी के ‘बप्पा’ 80 किलो सोने के आभूषण पहनेंगे। पिछले साल इस मंडल ने 234 करोड़ का बीमा करवाया था लेकिन इस बार 264 करोड़ का बीमा करवाया है। इस बीमा कवर में 2000 भक्तों के लिए भी इंश्योरेंस करवाया गया है।

वहीं ‘मन्नतों के राजा’ के नाम से प्रसिद्ध लालबाग़ के राजा के मंडल में भी 51 करोड़ का बीमा करवाया है। इस साल लालबाग़ के राजा का 84वां साल होगा और भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ इसी पंडाल में होती है। रोज़ाना 10 लाख से ज्यादा भक्त लालबाग़ के राजा के दरबार में आते हैं।

गणेश गली के राजा गणपति 

शहर के दूसरे बड़े पंडालों ने भी करोड़ों का बीमा करवाया है। महानगर के दूसरे सबसे चर्चित गणपति, गणेश गल्ली ने सात करोड़ का बीमा करवाया है। वहीं अंधेरी के राजा को विराजने वाले मंडल ने अपने पंडाल का साढ़े पांच करोड़ रुपये का बीमा कराया है। अंधेरी के राजा के रूप में विराजित होनेवाले भगवान गणेश के दर्शन के लिए नेता-अभिनेता सहित उद्योग जगत की कई जानी-मानी हस्तियां आती हैं।

इन सभी पंडालों की तरफ से कराए गए बीमा के दायरे में भगवान गणेश को चढ़ाए जाने वाले आभूषण, पंडाल के सेट और डेकोरेटिव सामान शामिल हैं। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान, किसी भी प्रकार की अनहोनी, हादसा और किसी भी तरह के हमले के चलते होनेवाली परेशानी और दूसरी किसी भी तरह से होनेवाली परेशानियों से निपटने के लिए भी बीमा करवाया गया है।

बीमा की रकम में बढ़ोतरी को लेकर पंडाल मंडलों का कहना है कि हर साल गणेशभक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।

Source: ABP News


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