बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिर फडणवीस से पुछा अगले दो हफ्ते में बताएं क्यों संजय दत्त को जल्दी छोड़ा

अभिनेता संजय दत्त के साथ साथ महाराष्ट्र सरकार भी मुश्किल में घिरती दिखाई दे रही है। अदालत ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार से संजय दत्त की रिहाई पर जवाब माँगा है बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकार से इस मामले पर हलफनामा दायर करने को कहा है।इस बार सरकार को जवाब देने के लिए दो हफ़्तों की मोहलत मिली है। 

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क्या बढ़ सकती है संजय दत्त की मुश्किलें

ये कोई पहले बार नहीं था की जब अदालत ने फडणवीस सरकार को अभिनेता संजय दत्त की रिहाई के मामले में घेरा हो। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकार से 12 जून को भी संजय दत्त को जेल से जल्द रिहा करने को लेकर सवाल जवाब किया था। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार पूछा था कि वो संजय दत्त को जल्द छोड़ने के अपने फैसले की सफाई दे। अदालत ने पुछा था की सरकार ने आखिर संजय दत्त को आठ महीने पहले जेल से कैसे रिहा कर दिया गया, जबकि संजय ने तो अपने सजा का ज़्यादातर वक़्त पैरोल पर ही निकला था।

बॉम्बे हाई कोर्ट प्रदीप भालेकर नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए हैं। प्रदीप ने एक याचिका के ज़रिये अभिनेता  संजय दत्त की रिहाई पर सवाल खड़े किये थे। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया था जब संजय दत्त ज़्यादातर पैरोल पर रहे हैं तो उन्हें जल्दी कैसे और किस आधार पर रिहा किया गया। अदालत ने प्रदीप भालेकर याचिका को गंभीरता से लेते हुए सरकार और जेल अधिकारियों से सवाल किया था कि ‘जेल अधिकारियों ने यह आकलन कर कैसे लिया कि संजय दत्त का व्यवहार अच्छा था? जब संजय ज़्यादातर समय जेल से बाहर रहे हैं तो, आखिर जेल अधिकारियों और सरकार को ये आकलन करने का समय कब मिला। इतना ही नहीं अदालत ने बेहद सख्त लहज़े में ये पुछा था की जो प्रक्रिया संजय के लिए अपनाई गयी है क्या वो बाकी क़ैदियों के लिए भी अपनाई जाती है क्या ?


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