कैग की रिपोर्ट से खुलासा बड़े हमलों से निपटने के लिए सक्षम नहीं है महाराष्ट्र पुलिस

लगता है मुंबई में हुए 26 /11  जैसे हमले से महाराष्ट्र पुलिस ने अबतक कोई सबक नहीं लिया है। भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग)  ने एक रिपोर्ट जारी किया है। कैग द्वारा जारी किए गए इस रिपोर्ट से महाराष्ट्र के सुरक्षा व्यवस्थ को सवालों के घेरे में ला खड़ा कर दिया है। कैग ने अपने रिपोर्ट में जिस बात का जिक्र किया है। उससे साबित होता है राज्य में लोगों कि सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। इस रिपोर्ट से साबित होता है कि अगर महाराष्ट्र के किसी भी कोने में मुंबई में हुए 26 /11  जैसा हमला होता है तो उस हमले से निपटने के लिए महाराष्ट्र पुलिस सक्षम नहीं है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस को आधुनिक उपकरण मुहैया कराने से लेकर उसकी तैयारियों के सिलसिले में केंद्र सरकार ने जो निधि दी है, उससे खर्च करने में पुलिस महकमा कंजूसी दिखा रहा है।

महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को दोनों सदनों में कैग की रिपोर्ट पेश कि गई थी।  रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रुपये दिए लेकिन, रकम खर्च नहीं किया गया। इससे केंद्र सरकार ने 265 करोड़ रुपये की निधि रोक दी। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि गत 5 साल में केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र पुलिस को 491.96  करोड़ रूपए आधुनिकीकरण खर्च के लिए दिए थे। जिसमे से उन्हें 289.46 करोड़ रूपए पुलिस वालों के घर के लिए खर्च करना था। लेकिन महाराष्ट्र पुलिस ने सिर्फ 83  करोड़ रूपए ही खर्च किया है।

तो वही सरकार ने आतंकी हमले,दंगे,नक्सली हमलों से निपटने के लिए लगने वाले अत्याधुनिक हथियार और उपकरण के लिए 42.91 करोड़ रूपए खर्च के लिए दिया था।  लेकिन उसमे भी कंजूसी दिखाते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने सिर्फ 4.96 करोड़ रूपए ही खर्च किया है। सितंबर 2016 से पहले पुलिस को बुलेटप्रूफ जैकेट, नाइट विजन दूरबीन, बांब डिस्पोजेबल सूट, पोर्टेबल एक्सरे यंत्र जैसे अन्य उपकरण खरीदने थे, लेकिन पुलिस ने नहीं खरीदा। केंद्र की पुलिस आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत साल 2011 से 2016 के बीच महज 38 फीसदी ही रकम खर्च किया जा सका।

कैग ने अपने रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि साजोसामान पर्याप्त नहीं होने के कारण होने वाले अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है। सीआईडी के रिपोर्ट के मुताबिक अगर केंद्र सरकार द्वारा आधुनिकीकरण खर्च के लिए उपलब्ध कराये गए निधि का सही इस्तेमाल किया गया होता तो जो राज्य में आपराधिक मामले बलात्कार ,हत्या , चोरी , किडनेपिंग में जो बढ़ोत्तरी हुई है उसपर आसानी से रोक लगायी जा सकती थी।


Close Bitnami banner
Bitnami