सीसीटीवी से हुआ खुलासा, ट्रेन से गिरने के बाद पुलिस ने मरने के लिए छोड़ दिया था

क्या पुलिस इतनी संवेदनहीन हो गयी है की वो किसी शख्स को मरने के लिए छोड़ दे ? ऐसे ही एक वारदात सीसीटीवी में क़ैद हुई है। जिसमे साफ़ साफ़ दिखाई देता है की एक शख्स की ट्रेन से गिरने के बाद घंटो तड़पने के बाद मौत हो गयी लेकिन रेलवे पुलिस खामोश तमाशबीन बनी रही।

घटना 23 जुलाई की है, जब एक शख्स नवी मुंबई के सानपाडा स्टेशन पर चलती ट्रेन से गिर गया था। लेकिन बजाय उसे वक़्त पर अस्पताल पहुंचाने के जीआरपी और होम गार्ड एक दूसरे पर टालते रहे। और आखिरकार उस शख्स की अधिक खून बह जाने की वजह से मौत हो गयी। मगर ये पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में क़ैद हो गई। जो साफ़ साफ़ दिखाता है कि, जीआरपी और होम गार्ड ने किस तरह से लोकल ट्रेन से गिरे एक घायल को मरने के लिए स्टेशन पर ही छोड़ दिया।

वीडियो फुटेज में साफ़ दिखाई दे रहा है की 23 जुलाई की रात करीब 12.59 एक शख्स ट्रेन से नीचे प्लैटफॉर्म पर गिर गया। जिस वक़्त ये घटना हुई प्लैटफॉर्म पर ज़्यादा भीड़ नहीं थी। इसी बीच कुछ लोगों की नज़र घायल युवक पर पड़ी और उन्होंने फ़ौरन पुलिस को खबर की। पुलिस वहां आयी भी लेकिन पंद्रह मिनट तक वो दूसरे ट्रेन का इंतज़ार करती रही। जब दूसरी ट्रेन वहां पहुंची तो जीआरपी और होम गार्ड ने घायल युवक को उसमे डालने की कोशिश की लेकिन ट्रेन निकल गई। कुछ देर बाद एक और ट्रेन आई तब जाकर उन लोगों ने घायल को उसमे डाला ज़रूर लेकिन कोई भी पुलिस वाला उसके साथ नहीं गया।

करीब दस घंटे बाद जब लोकल ट्रेन यार्ड में पहुंची। पर किसी ने यह जानकारी नहीं दी की डिब्बे में एक आदमी घायल पड़ा है। दूसरे दिन जब ट्रेन यार्ड से निकली तब पता चला की डिब्बे में घायल आदमी की मौत हो चुकी है। 

अब इस सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद जांच की गई तो सामने आया की युवक सानपाडा स्टेशन पर एक दिन पहले गिरा था। इस मामले में जीआरपी ने मौके पर तैनात कटंसटेबल को सस्पेंड कर दिया है और होम गार्ड को हटा दिया है। खुद पुलिस के बड़े अफसर भी इसे लापरवाही का मामला मान रहे हैं। रेलवे पुलिस के मुताबिक तीसरी ट्रेन में घायल को डाला और उसे अकेले छोड़ दिया। पुलिस कॉंसटेबल के मुताबिक घायल आदमी काफी शराब के नशे में था, इस लिए उसे ट्रेन में छोड़ दिया ताकी वो अपने घर पहुंच सके।  

 


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