Covid-19 Pandemic : कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर सरकार की चेतावनी, अगले 100-125 दिन महत्वपूर्ण

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की तीसरी लहर (Coronavirus Third Wave) को लेकर कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में हाल में प्रतिदिन धीमी गति से कमी होना एक चेतावनी है. हालांकि, स्थिति अभी नियंत्रण में है लेकिन यदि कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन नहीं किया गया तो यह बिगड़ सकती है। साथ ही, सरकार ने इस बात का भी जिक्र किया कि अगले 100-125 दिन, व्यवस्था (सिस्टम) और लोग, दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल (NITI Aayog member (health) Dr VK Paul) ने कहा कि तीसरी लहर की संभावना बनी हुई है क्योंकि आबादी संक्रमण के प्रति अब भी बहुत जोखिमग्रस्त है.

डॉक्टर पॉल ने चेतावनी दी, ‘हम अब तक सामुदायिक प्रतिरक्षा के चरण में नहीं पहुंचे हैं. हम संक्रमित होकर सामुदायिक प्रतिरक्षा नहीं प्राप्त करना चाहते हैं. हम टीकों के मामले में प्रगति कर रहे हैं और हमारे सर्वाधिक जोखिमग्रस्त समूह, 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, में करीब 50 प्रतिशत लोग सुरक्षित हैं. यह मृत्यु दर को भी कम करेगा, लेकिन संक्रमण का प्रसार हो सकता है. हम संक्रमण के दायरे में आ सकते हैं. वायरस अब भी हमारे आसपास है.’ पॉल ने कहा कि अगले 100-125 दिन महत्वपूर्ण हैं.

पॉल ने कहा, ‘हमें सावधान रहने की जरूरत है. हमने देखा है कि संक्रमण के मामलों में कमी आना धीमा हो गया है और यह हमें एक चेतावनी है लेकिन स्थिति अब भी नियंत्रण में है। यह बिगड़ सकती है. कुछ उपाय (कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन) हैं जिनके बारे में बात की जा रही है. यदि हम उनका इस्तेमाल करेंगे तो तीसरी लहर नहीं आएगी. यदि हम सभी फैसला कर लेंगे तो कोई तीसरी लहर नहीं आएगी. यदि 3-4 महीनों में टीकाकरण अभियान आगे बढ़ेगा तो इस बात की संभावना बनेगी कि एक सुरक्षित जोन बन जाए. लेकिन अगले 100-125 दिन महत्वपूर्ण हैं, प्रणाली और लोगों, दोनों के लिए हमें सावधान रहना होगा.

महामारी के फिर से सिर उठाने से नयी चिंताएं पैदा होने के बीच ‘आर-फैक्टर’ (R-Factor) हाल में बढ़ा है जिससे सक्रिय मामलों में कमी आना धीमा पड़ा है. केरल और पूर्वोत्तर के राज्य चिंता पैदा करने वाले क्षेत्र के रूप में उभरे हैं. चेन्नई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैथेमेटिकल साइंसेज (Chennai-based Institute of Mathematical Sciences ) के विश्लेषण में यह कहा गया है. आर-फैक्टर देश में संक्रमण के फैलने की गति के बारे में संकेत देता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल (Luv Aggarwal, joint secretary, Health Ministry) ने कहा कि कोविड (Covid-19) के मामलों में कमी आई है, लेकिन अब भी कुछ चिंताएं हैं. उन्होंने कहा, ‘12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने की दर 10 प्रतिशत से अधिक है.

लव अग्रवाल ने कहा, ‘इन राज्यों में मणिपुर (Manipur), केरल (Kerala) , राजस्थान (Rajasthan), मेघालय (Meghalaya), मिजोरम (Mizoram), अरूणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh), नगालैंड (Nagaland), सिक्किम (Sikkim), त्रिपुरा (Tripura), असम (Assam), महाराष्ट्र (Maharashtra) और पुडुचेरी (Puducherry) शामिल हैं.’ उन्होंने कहा कि 73 जिलों में प्रतिदिन 100 से अधिक नये मामले सामने आए. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रतिदिन के मामलों में धीमी कमी देश के लिए यह चेतावनी है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन नहीं किया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है.


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